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Ghaziabad News: घर बैठे काम का झांसा देकर युवक से 6.69 लाख रुपये ठगे
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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने साहिबाबाद क्षेत्र के न्यू करहैड़ा निवासी संदीप कुमार से घर बैठे कमाई करने का झांसा देकर 6.69 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने टेलीग्राम चैनल के जरिए सात लाख 29 हजार 203 रुपये निवेश कराए। जाल में फंसाने के लिए ठगों ने निवेशक को करीब 60 हजार रुपये खाते में भी भेजी। इसके बाद छह लाख 6.69 लाख रुपये की ठगी कर ली।
एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित संदीप कुमार के मुताबिक उनके मोबाइल पर 13 मई को इंदू नाम की महिला ने कॉल कर घर बैठकर टास्क पूरे करने पर तीन से पांच हजार रुपये रोजाना कमाने का झांसा दिया। इंदू ने उन्हें टेलीग्राम चैनल पर रहेजा वर्किंग प्लेटफार्म पर पंजीकरण कराया। इसके साथ ही एक वेबसाइट से जोड़कर निशुल्क टास्क भेजे और लाभ की धनराशि भी उनके खाते में भेजी गई। पीड़ित के अनुसार उन्हें प्रीपेड टास्क लेकर मोटी कमाई का झांसा दिया गया। संदीप कुमार ने 13 मई से दो जून 2025 तक सात लाख 29 हजार 203 रुपये साइबर ठगों के बताए बैंक खातों में ट्रांसफर किए। करीब 60 हजार रुपये लाभ के रूप में वापस किए गए। पीड़ित ने खाते से रुपये निकालने का प्रयास किया तो खाता होल्ड कर दिया गया। कारण पूछने पर बताया गया कि भुगतान में देरी करने से क्रेडिट स्कोर कम है। ऐसे में साइबर ठगों ने छह लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि जमा करने का दबाव बनाया। पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और साइबर थाने में बीएनएस के अंतर्गत आपराधिक विश्वासघात की धारा 318(2) और कम्प्यूटर संसाधनों से रुपये ट्रांसफर करने की धारा 66डी में मुकदमा दर्ज कराया है। एडीसीपी ने बताया कि बैंक खातों की जांच की जा रही है।
मोबाइल हैक कर 44 हजार रुपये निकाले
नगर कोतवाली क्षेत्र के कैला भट्ठा निवासी मकसूद अली ने बताया कि उनका मोबाइल की स्क्रीन तीन अप्रैल 2025 को अचानक ब्लैक हो गई और उस पर अपडेट लिखा आया। करीब 15 मिनट बाद मोबाइल की स्क्रीन ठीक हो गई और बैंक से 44 हजार रुपये कटने का मैसेज आया। एडीसीपी पीयूष कुमार ने बताया कि ऐसे मामलों में साइबर ठग मोबाइल उपभोक्ता के व्हाट्सअप पर लिंक भेजते हैं। इस लिंक में मालवेयर नाम का वायरस होता है और उसे खोलने पर मोबाइल को साइबर ठग हैक कर तमाम जानकारी हासिल करके खातों में से रुपये निकाल लेते हैं। ऐसे में अनजान लोगों द्वारा भेजे गए लिंक को खोलने से बचें।
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एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित संदीप कुमार के मुताबिक उनके मोबाइल पर 13 मई को इंदू नाम की महिला ने कॉल कर घर बैठकर टास्क पूरे करने पर तीन से पांच हजार रुपये रोजाना कमाने का झांसा दिया। इंदू ने उन्हें टेलीग्राम चैनल पर रहेजा वर्किंग प्लेटफार्म पर पंजीकरण कराया। इसके साथ ही एक वेबसाइट से जोड़कर निशुल्क टास्क भेजे और लाभ की धनराशि भी उनके खाते में भेजी गई। पीड़ित के अनुसार उन्हें प्रीपेड टास्क लेकर मोटी कमाई का झांसा दिया गया। संदीप कुमार ने 13 मई से दो जून 2025 तक सात लाख 29 हजार 203 रुपये साइबर ठगों के बताए बैंक खातों में ट्रांसफर किए। करीब 60 हजार रुपये लाभ के रूप में वापस किए गए। पीड़ित ने खाते से रुपये निकालने का प्रयास किया तो खाता होल्ड कर दिया गया। कारण पूछने पर बताया गया कि भुगतान में देरी करने से क्रेडिट स्कोर कम है। ऐसे में साइबर ठगों ने छह लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि जमा करने का दबाव बनाया। पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और साइबर थाने में बीएनएस के अंतर्गत आपराधिक विश्वासघात की धारा 318(2) और कम्प्यूटर संसाधनों से रुपये ट्रांसफर करने की धारा 66डी में मुकदमा दर्ज कराया है। एडीसीपी ने बताया कि बैंक खातों की जांच की जा रही है।
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मोबाइल हैक कर 44 हजार रुपये निकाले
नगर कोतवाली क्षेत्र के कैला भट्ठा निवासी मकसूद अली ने बताया कि उनका मोबाइल की स्क्रीन तीन अप्रैल 2025 को अचानक ब्लैक हो गई और उस पर अपडेट लिखा आया। करीब 15 मिनट बाद मोबाइल की स्क्रीन ठीक हो गई और बैंक से 44 हजार रुपये कटने का मैसेज आया। एडीसीपी पीयूष कुमार ने बताया कि ऐसे मामलों में साइबर ठग मोबाइल उपभोक्ता के व्हाट्सअप पर लिंक भेजते हैं। इस लिंक में मालवेयर नाम का वायरस होता है और उसे खोलने पर मोबाइल को साइबर ठग हैक कर तमाम जानकारी हासिल करके खातों में से रुपये निकाल लेते हैं। ऐसे में अनजान लोगों द्वारा भेजे गए लिंक को खोलने से बचें।
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