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Ghaziabad News: एमएमजी अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में 45 मिनट स्ट्रेचर पर पड़ा रहा मरीज
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एमएमजी अस्पताल में एंबुलेंस का इंतजार करते बिलम कुमार। श्रोत: जागरूक पाठक
गाजियाबाद। जिला एमएमजी अस्पताल में एंबुलेंस सेवा की लापरवाही सामने आई है, जहां गंभीर हालत में रेफर किए गए मरीज को 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। तिगरी गोल चक्कर के पास रहने वाले बिलम कुमार अपने भाई को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे। हालत नाजुक होने पर इमरजेंसी से तुरंत ऑर्थोपेडिक डॉक्टर को बुलाया गया लेकिन दोनों पैर काम नहीं करने और स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर ने मरीज को उच्च अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
परिजनों ने दोपहर 1:15 बजे एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन दो बजे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। इस दौरान मरीज को स्ट्रेचर पर ही इंतजार करना पड़ा। बिलम कुमार के अनुसार मरीज साइटिका की गंभीर समस्या से पीड़ित है, जिसके कारण उसके दोनों पैर लगभग काम करना बंद कर चुके हैं। साथ ही कई दिनों से बुखार और सांस लेने में दिक्कत भी बनी हुई थी। बिलम ने बताया कि एंबुलेंस में देरी के कारण मरीज के इलाज में परेशानी हुई और उसकी हालत बिगड़ने का खतरा बना रहा। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रशासन और एंबुलेंस सेवा से कई बार संपर्क किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
एंबुलेंस नोडल अधिकारी जीके मिश्रा ने कहा कि मामले की जानकारी लेकर जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
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परिजनों ने दोपहर 1:15 बजे एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन दो बजे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। इस दौरान मरीज को स्ट्रेचर पर ही इंतजार करना पड़ा। बिलम कुमार के अनुसार मरीज साइटिका की गंभीर समस्या से पीड़ित है, जिसके कारण उसके दोनों पैर लगभग काम करना बंद कर चुके हैं। साथ ही कई दिनों से बुखार और सांस लेने में दिक्कत भी बनी हुई थी। बिलम ने बताया कि एंबुलेंस में देरी के कारण मरीज के इलाज में परेशानी हुई और उसकी हालत बिगड़ने का खतरा बना रहा। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रशासन और एंबुलेंस सेवा से कई बार संपर्क किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
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एंबुलेंस नोडल अधिकारी जीके मिश्रा ने कहा कि मामले की जानकारी लेकर जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
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