{"_id":"68b0b14292fff17163015761","slug":"a-fraudster-who-pretended-to-be-an-insurance-companys-ombudsman-was-arrested-ghaziabad-news-c-30-gbd1013-709320-2025-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: बीमा कंपनियों का लोकपाल बन ठगी करने वाला गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: बीमा कंपनियों का लोकपाल बन ठगी करने वाला गिरफ्तार
विज्ञापन
गाजियाबाद।
बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि और बीमा लोकपाल बनकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पांचवें साथी को साइबर टीम ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह कॉल कर बीमा पॉलिसी में अधिक मुनाफा कमाने व किस्त पूरी हो चुकी पॉलिसी के पैसों से बिटकॉइन खरीदने, ऑनलाइन टास्क फ्रॉड एवं ऑनलाइन होटल बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी कर लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगा चुका है। इंदिरापुरम में रहने वाले महिपाल बिष्ट से इस गिरोह ने 36 लाख रुपये की ठगी की थी। पूछताछ में गिरोह के पांचवें सदस्य ने अपना नाम सोनू उर्फ सूखा (24) निवासी बगिया अड्डा कुकपुरा थाना फ्रैंड्स कालोनी जनपद इटावा बताया है। आरोपी से धोखाधड़ी में प्रयोग किया गया मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि इंदिरापुरम निवासी महिपाल बिष्ट ने पूरी हो चुकी पॉलिसी के पैसों से बिटकॉइन खरीदने के नाम पर करीब 36 लाख रुपये के साइबर ठगी होने का साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने जांच के दौरान नौ जुलाई को गैंग के सदस्य विकास कुमार, रवि प्रताप, नवीन प्रताप सिंह, अनुज, गुंजन को गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य सदस्यों सोनू कुमार, मनोज कुमार व अमन कुमार की तलाश की जा रही थी। एडीसीपी क्राइम ने बताया कि इस गिरोह के वांछित सदस्य सोनू उर्फ सूखा को विजयनगर से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सोनू कुमार उर्फ सूखा ने बताया कि इस गैंग के सदस्य रवि प्रताप, नवीन प्रताप से मेरी मुलाकात वर्ष 2023 में हुई थी।
रवि प्रताप व नवीन प्रताप इटावा के रहने वाले हैं, जो गाजियाबाद में आकर रहने लगे। रवि प्रताप व नवीन प्रताप ने 10 प्रतिशत कमीशन का लालच देकर उससे बैंक खाते की डिटेल साइबर फ्रॉड के पैसे ट्रांसफर कराने के खाते उपलब्ध कराए थे। रवि प्रताप व नवीन प्रताप के सहयोग से अपने तीन बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों की चेकबुक, एटीएम तथा लिंक मोबाइल नंबर उससे ले लिया था। रवि प्रताप व नवीन प्रताप ने उसके खाते में फ्रॉड के पैसे डलवाये और उसे उसके कमीशन के रुपये दिये थे। रवि प्रताप व नवीन प्रताप के जेल जाने की जानकारी मिलने के बाद उसने पकड़े जाने के डर से अपना मोबाइल तोड़कर फेंक दिया था।
विज्ञापन
यूपी समेत कई राज्यों में की ठगी
एडीसीपी क्राइम के अनुसार इस गैंग के द्वारा तेलंगाना, तमिलनाडु एवं उत्तर प्रदेश के अलावा और भी राज्यों में साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम दिया गया था। उत्तर प्रदेश राज्य के गाजियाबाद निवासी महिपाल बिष्ट के साथ पूरी हो चुकी पॉलिसी के पैसों से बिटकाइन खरीदने के नाम पर करीब 36 लाख की ठगी की थी। गाजियाबाद में हुई ठगी के बाद यह गैंग पुलिस के निशाने पर आ गया था। सोनू कुमार के तीन बैंक खाते में उपरोक्त घटना के 22 लाख रुपये आए थे। सोनू कुमार उर्फ सूखा फिरौती के एक मामले में जनपद इटावा से जेल जा चुका है।
विज्ञापन
बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि और बीमा लोकपाल बनकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पांचवें साथी को साइबर टीम ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह कॉल कर बीमा पॉलिसी में अधिक मुनाफा कमाने व किस्त पूरी हो चुकी पॉलिसी के पैसों से बिटकॉइन खरीदने, ऑनलाइन टास्क फ्रॉड एवं ऑनलाइन होटल बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी कर लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगा चुका है। इंदिरापुरम में रहने वाले महिपाल बिष्ट से इस गिरोह ने 36 लाख रुपये की ठगी की थी। पूछताछ में गिरोह के पांचवें सदस्य ने अपना नाम सोनू उर्फ सूखा (24) निवासी बगिया अड्डा कुकपुरा थाना फ्रैंड्स कालोनी जनपद इटावा बताया है। आरोपी से धोखाधड़ी में प्रयोग किया गया मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि इंदिरापुरम निवासी महिपाल बिष्ट ने पूरी हो चुकी पॉलिसी के पैसों से बिटकॉइन खरीदने के नाम पर करीब 36 लाख रुपये के साइबर ठगी होने का साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने जांच के दौरान नौ जुलाई को गैंग के सदस्य विकास कुमार, रवि प्रताप, नवीन प्रताप सिंह, अनुज, गुंजन को गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य सदस्यों सोनू कुमार, मनोज कुमार व अमन कुमार की तलाश की जा रही थी। एडीसीपी क्राइम ने बताया कि इस गिरोह के वांछित सदस्य सोनू उर्फ सूखा को विजयनगर से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सोनू कुमार उर्फ सूखा ने बताया कि इस गैंग के सदस्य रवि प्रताप, नवीन प्रताप से मेरी मुलाकात वर्ष 2023 में हुई थी।
विज्ञापन
रवि प्रताप व नवीन प्रताप इटावा के रहने वाले हैं, जो गाजियाबाद में आकर रहने लगे। रवि प्रताप व नवीन प्रताप ने 10 प्रतिशत कमीशन का लालच देकर उससे बैंक खाते की डिटेल साइबर फ्रॉड के पैसे ट्रांसफर कराने के खाते उपलब्ध कराए थे। रवि प्रताप व नवीन प्रताप के सहयोग से अपने तीन बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों की चेकबुक, एटीएम तथा लिंक मोबाइल नंबर उससे ले लिया था। रवि प्रताप व नवीन प्रताप ने उसके खाते में फ्रॉड के पैसे डलवाये और उसे उसके कमीशन के रुपये दिये थे। रवि प्रताप व नवीन प्रताप के जेल जाने की जानकारी मिलने के बाद उसने पकड़े जाने के डर से अपना मोबाइल तोड़कर फेंक दिया था।
विज्ञापन
यूपी समेत कई राज्यों में की ठगी
एडीसीपी क्राइम के अनुसार इस गैंग के द्वारा तेलंगाना, तमिलनाडु एवं उत्तर प्रदेश के अलावा और भी राज्यों में साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम दिया गया था। उत्तर प्रदेश राज्य के गाजियाबाद निवासी महिपाल बिष्ट के साथ पूरी हो चुकी पॉलिसी के पैसों से बिटकाइन खरीदने के नाम पर करीब 36 लाख की ठगी की थी। गाजियाबाद में हुई ठगी के बाद यह गैंग पुलिस के निशाने पर आ गया था। सोनू कुमार के तीन बैंक खाते में उपरोक्त घटना के 22 लाख रुपये आए थे। सोनू कुमार उर्फ सूखा फिरौती के एक मामले में जनपद इटावा से जेल जा चुका है।