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Ghaziabad News: 2.22 करोड़ की ठगी में शामिल शातिर को दबोचा
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साइबर क्राइम की टीम ने गिरफ्तार किया साइबर ठग। स्रोत: पुलिस
- फोटो : सांकेतिक
गाजियाबाद। रईसपुर गांव के अरविंद कुमार से निवेश के नाम पर 2.22 करोड़ की ठगी करने में शामिल रहे शातिर को साइबर क्राइम की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने करीबियों के साथ मिलकर तीन राज्यों में कई लोगों से 4.64 करोड़ रुपये की ठगी को अब तक अंजाम दिया है। आरोपी के कई राज्यों के साइबर अपराधियों से संबंध के साक्ष्य पुलिस को मिले हैं।
डीसीपी क्राइम त्रिगुण बिसेन ने बताया कि प्रतीक भालचंद्र मूल रूप से मलाड़ पश्चिमी मुंबई का है और दिल्ली के रानीबाग इलाके में रह रहा था। रईसपुर के अरविंद से जो निवेश के नाम पर 2.22 करोड़ की ठगी हुई, उसकी जांच में प्रतीक भालचंद्र की भूमिका सामने आई। उसको हिरासत में लेकर पूछताछ हुई तो पता चला कि वह 12वीं पास हैं। उसकी दोस्ती अमित से थी। अमित और वह फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को निवेश के नाम पर ठगते थे। अमित आईटी का अच्छा जानकार है, उसी से उसने वेबसाइट ऑपरेट करना और ठगी के ज्यादातर गुर सीखे थे। अब तक उन्होंने तमिलनाडु के मोहन राज स्वामी को 31 लाख, थैनी के गणेशन को 2.02 करोड़, अहमदाबाद गुजरात के कुणाल भाई गोस्वामी से 7.55 लाख रुपये की ठगी की है। तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश के लोगों से वह करीब 4.64 करोड़ रुपये ठग चुके हैं। रईसपुर के अरविंद से ठगी गई रकम में से 10 लाख रुपये उसके खाते में जमा थे, जिनको फ्रीज कराने की कार्रवाई कराई गई।
आरोपी के साथी अमित को हरियाणा पुलिस ने साइबर ठगी में गिरफ्तार किया था। वह अभी जेल में हैं। उसको रिमांड पर लेकर यहां लाकर पूछताछ होगी। प्रतीक से घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि सामग्री बरामद की गई है। आरोपी रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर कराते थे, जिन खातों में यह रकम गई है, उनको भी चिह्नित किया जा रहा है। पूछताछ में कई लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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डीसीपी क्राइम त्रिगुण बिसेन ने बताया कि प्रतीक भालचंद्र मूल रूप से मलाड़ पश्चिमी मुंबई का है और दिल्ली के रानीबाग इलाके में रह रहा था। रईसपुर के अरविंद से जो निवेश के नाम पर 2.22 करोड़ की ठगी हुई, उसकी जांच में प्रतीक भालचंद्र की भूमिका सामने आई। उसको हिरासत में लेकर पूछताछ हुई तो पता चला कि वह 12वीं पास हैं। उसकी दोस्ती अमित से थी। अमित और वह फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को निवेश के नाम पर ठगते थे। अमित आईटी का अच्छा जानकार है, उसी से उसने वेबसाइट ऑपरेट करना और ठगी के ज्यादातर गुर सीखे थे। अब तक उन्होंने तमिलनाडु के मोहन राज स्वामी को 31 लाख, थैनी के गणेशन को 2.02 करोड़, अहमदाबाद गुजरात के कुणाल भाई गोस्वामी से 7.55 लाख रुपये की ठगी की है। तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश के लोगों से वह करीब 4.64 करोड़ रुपये ठग चुके हैं। रईसपुर के अरविंद से ठगी गई रकम में से 10 लाख रुपये उसके खाते में जमा थे, जिनको फ्रीज कराने की कार्रवाई कराई गई।
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आरोपी के साथी अमित को हरियाणा पुलिस ने साइबर ठगी में गिरफ्तार किया था। वह अभी जेल में हैं। उसको रिमांड पर लेकर यहां लाकर पूछताछ होगी। प्रतीक से घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि सामग्री बरामद की गई है। आरोपी रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर कराते थे, जिन खातों में यह रकम गई है, उनको भी चिह्नित किया जा रहा है। पूछताछ में कई लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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