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पलवल सेगाजियाबाद आ रही ईएमयू पटरी से उतरी
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पलवल से गाजियाबाद आ रही ईएमयू पटरी से उतरी
गाजियाबाद। पलवल से वाया दिल्ली गाजियाबाद आ रही ईएमयू (64055) के दो कोच स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही प्लेटफार्म नंबर छह के पास पटरी से उतर गए। 10 कोच प्लेटफार्म पर पहुंच चुके थे, लेकिन अंतिम दो कोच प्लेटफार्म नंबर-5 के ट्रैक पर पहुंच गए। दो अलग-अलग ट्रैक पर पहुंचे कोच सिग्नल और ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) खंभे को तोड़ते हुए करीब 300 मीटर आगे तक घिसटते चले गए। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई है। डीआरएम और मंडल सुरक्षा आयुक्त ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के लिए उच्च अधिकारियों की कमेटी गठित की है। करीब चार घंटे बाद ट्रैक क्लियर हुआ।
पलवल-गाजियाबाद ईएमयू सुबह करीब 11:40 बजे स्टेशन पहुंची थी। प्लेटफार्म से पहले ही लूप लाइन पर यह ट्रेन ट्रैक बदल कर पांच नंबर प्लेटफार्म की लाइन से छह नंबर प्लेटफार्म पर जा रही थी। 12 कोच की इस ट्रेन के 10 कोच कैंची से ट्रैक चेंज कर प्लेटफार्म नंबर पर पहुंच गए। इसी दौरान तकनीकी कमी की वजह से अंतिम के दो कोच अचानक से प्लेटफार्म नंबर 5 के ट्रैक पर चले गए। बताया जा रहा है कि यह हादसा कैंची में हुई तकनीकी खराबी के कारण हुआ। दो अलग ट्रैक पर काफी दूर तक ट्रेन घिसटती हुई चली गई। इससे दोनों लाइन के बीच लगे सिग्नल और ओएचई लाइन के खंभे टूट गए। गनीमत रही कि ओएचई लाइन टूट कर ट्रेन के ऊपर नहीं गिरी। ऐसा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे के वक्त ट्रेन में यात्री कम थे। दुर्घटना के कारण कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। उधर, घटना के कारण उत्कल एक्सप्रेस पौने दो घंटे स्टेशन पर खड़ी रही। बाद में उसे मैनुअल सिग्नल से निकाला गया। अन्य ट्रेन प्रभावित नहीं हुई हैं। ट्रेन को तीन और चार नंबर ट्रैक से निकाला गया।
रेलवे अधिकारी पहुंचे मौके पर
पलवल ईएमयू के डिरेल होने की सूचना मिलते ही मौके पर डीआरएम एससी जैन और मंडल रेलवे सुरक्षा आयुक्त प्रियंका शर्मा भी अन्य अधिकारियों के साथ पहुंचीं। डीआरएम एससी जैन का कहना है कि घटना करीब 11:40 बजे की है। घटना कैसे हुई इसकी जांच के लिए रेलवे अधिकारियों की उच्च स्तरीय कमेटी बना दी गई है। यह कमेटी जल्द अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर अगली कार्रवाई होगी।
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दिल्ली से पहुंची टीम
डीरेल हुई ईएमयू के कोच को हटाने के लिए दिल्ली से भी कर्मचारी पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर करीब साढ़े चार घंटा ऑपरेशन चलाया गया। क्रेन द्वारा क्षतिग्रस्त कोच को ट्रैक से हटाया गया। ट्रैक छह पर खड़े दूसरे कोच को यार्ड में पहुंचाया गया। इसके बाद प्लेटफार्म नंबर 5 व 6 दोनों ट्रैक को खाली कराया गया।
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गाजियाबाद। पलवल से वाया दिल्ली गाजियाबाद आ रही ईएमयू (64055) के दो कोच स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही प्लेटफार्म नंबर छह के पास पटरी से उतर गए। 10 कोच प्लेटफार्म पर पहुंच चुके थे, लेकिन अंतिम दो कोच प्लेटफार्म नंबर-5 के ट्रैक पर पहुंच गए। दो अलग-अलग ट्रैक पर पहुंचे कोच सिग्नल और ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) खंभे को तोड़ते हुए करीब 300 मीटर आगे तक घिसटते चले गए। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई है। डीआरएम और मंडल सुरक्षा आयुक्त ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के लिए उच्च अधिकारियों की कमेटी गठित की है। करीब चार घंटे बाद ट्रैक क्लियर हुआ।
पलवल-गाजियाबाद ईएमयू सुबह करीब 11:40 बजे स्टेशन पहुंची थी। प्लेटफार्म से पहले ही लूप लाइन पर यह ट्रेन ट्रैक बदल कर पांच नंबर प्लेटफार्म की लाइन से छह नंबर प्लेटफार्म पर जा रही थी। 12 कोच की इस ट्रेन के 10 कोच कैंची से ट्रैक चेंज कर प्लेटफार्म नंबर पर पहुंच गए। इसी दौरान तकनीकी कमी की वजह से अंतिम के दो कोच अचानक से प्लेटफार्म नंबर 5 के ट्रैक पर चले गए। बताया जा रहा है कि यह हादसा कैंची में हुई तकनीकी खराबी के कारण हुआ। दो अलग ट्रैक पर काफी दूर तक ट्रेन घिसटती हुई चली गई। इससे दोनों लाइन के बीच लगे सिग्नल और ओएचई लाइन के खंभे टूट गए। गनीमत रही कि ओएचई लाइन टूट कर ट्रेन के ऊपर नहीं गिरी। ऐसा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे के वक्त ट्रेन में यात्री कम थे। दुर्घटना के कारण कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। उधर, घटना के कारण उत्कल एक्सप्रेस पौने दो घंटे स्टेशन पर खड़ी रही। बाद में उसे मैनुअल सिग्नल से निकाला गया। अन्य ट्रेन प्रभावित नहीं हुई हैं। ट्रेन को तीन और चार नंबर ट्रैक से निकाला गया।
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रेलवे अधिकारी पहुंचे मौके पर
पलवल ईएमयू के डिरेल होने की सूचना मिलते ही मौके पर डीआरएम एससी जैन और मंडल रेलवे सुरक्षा आयुक्त प्रियंका शर्मा भी अन्य अधिकारियों के साथ पहुंचीं। डीआरएम एससी जैन का कहना है कि घटना करीब 11:40 बजे की है। घटना कैसे हुई इसकी जांच के लिए रेलवे अधिकारियों की उच्च स्तरीय कमेटी बना दी गई है। यह कमेटी जल्द अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर अगली कार्रवाई होगी।
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दिल्ली से पहुंची टीम
डीरेल हुई ईएमयू के कोच को हटाने के लिए दिल्ली से भी कर्मचारी पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर करीब साढ़े चार घंटा ऑपरेशन चलाया गया। क्रेन द्वारा क्षतिग्रस्त कोच को ट्रैक से हटाया गया। ट्रैक छह पर खड़े दूसरे कोच को यार्ड में पहुंचाया गया। इसके बाद प्लेटफार्म नंबर 5 व 6 दोनों ट्रैक को खाली कराया गया।