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गंभीर एमडीआर के मरीज मिलने पर मिलेंगे पांच हजार रुपये
Updated Sat, 17 Mar 2018 11:24 PM IST
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गंभीर एमडीआर के मरीज मिलने पर मिलेंगे पांच हजार रुपये
- टीबी के मरीज को मिलेंगी 500 रुपये की धनराशि
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। सरकार ने टीबी रोग का 2025 तक उन्मूलन की तैयारी का खाका खींच प्रोत्साहन राशि देने का आदेश जारी किया है। टीबी मरीज का रोग समाप्त होने के बाद 500 रुपये देने के साथ स्वयंसेवी संस्था को प्रति मरीज 1000 रुपये से पांच हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि भी देने जा रही है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशन में सरकारी अस्पतालों में टीबी मरीजों की जांच व दवाइयां मुफ्त उपलब्ध कराने की सुविधा दी जा रही है। शासन ने अब टीबी मरीजों को उपचार के साथ-साथ स्यवंसेवी संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहन राशि देने का आदेश जारी कर दिया है। पहली बार मरीज के आने पर 100 रुपये और टीबी रोग समाप्ति होने के बाद 500 रुपये प्रत्येक मरीज को दिए जाएंगे। इसी के साथ ही शासन ने टीबी रोगियों की खोज कर उपचार कराने के लिए पहले बार उपचार कराने पर 1000 रुपये, दूसरी बार या बलगम में पॉजीटिव पाए जाने पर 1500 रुपये और एमडीआर मरीज का उपचार कराने पर 5000 रुपये स्वयंसेवी संस्था को दिए जाएंगे। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमके गुप्ता ने बताया कि शासन द्वारा भेजा गया शासनादेश मिल चुका है। केंद्र सरकार 2025 तक टीबी रोग को जड़ से समाप्त करने के लिए टीबी रोगियों को प्रोतछ्साहित कर रहीं हैं। इसी के साथ ही अब शासन ने स्वयंसेवी संस्था को प्रोत्साहित करने की पहल की है।
चेतन शर्मा
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- टीबी के मरीज को मिलेंगी 500 रुपये की धनराशि
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। सरकार ने टीबी रोग का 2025 तक उन्मूलन की तैयारी का खाका खींच प्रोत्साहन राशि देने का आदेश जारी किया है। टीबी मरीज का रोग समाप्त होने के बाद 500 रुपये देने के साथ स्वयंसेवी संस्था को प्रति मरीज 1000 रुपये से पांच हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि भी देने जा रही है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशन में सरकारी अस्पतालों में टीबी मरीजों की जांच व दवाइयां मुफ्त उपलब्ध कराने की सुविधा दी जा रही है। शासन ने अब टीबी मरीजों को उपचार के साथ-साथ स्यवंसेवी संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहन राशि देने का आदेश जारी कर दिया है। पहली बार मरीज के आने पर 100 रुपये और टीबी रोग समाप्ति होने के बाद 500 रुपये प्रत्येक मरीज को दिए जाएंगे। इसी के साथ ही शासन ने टीबी रोगियों की खोज कर उपचार कराने के लिए पहले बार उपचार कराने पर 1000 रुपये, दूसरी बार या बलगम में पॉजीटिव पाए जाने पर 1500 रुपये और एमडीआर मरीज का उपचार कराने पर 5000 रुपये स्वयंसेवी संस्था को दिए जाएंगे। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमके गुप्ता ने बताया कि शासन द्वारा भेजा गया शासनादेश मिल चुका है। केंद्र सरकार 2025 तक टीबी रोग को जड़ से समाप्त करने के लिए टीबी रोगियों को प्रोतछ्साहित कर रहीं हैं। इसी के साथ ही अब शासन ने स्वयंसेवी संस्था को प्रोत्साहित करने की पहल की है।
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चेतन शर्मा