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Ghaziabad News: कोरोना के नौ मरीज मिले, स्वास्थ्य कर्मचारी भी संक्रमित
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गाजियाबाद। कोरोना ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को नौ संक्रमित मिले हैं। हालांकि संक्रामक रोग अधिकारी आंकड़े छिपाने में लगे हैं। संक्रामक रोग विभाग की तरफ से मंगलवार को तीन मरीजों में संक्रमण की पुष्टि की गई है, वहीं मंगलवार को ही एमएमजी अस्पताल की लैब की जांच में पांच नए संक्रमितों की पुष्टि और एक टीबी क्लीनिक के लैब टेक्निशियन में कोरोना की पुष्टि हुई है।
सीएमएस डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने बताया कि एमएमजी में दो 35 लोगों की कोरोना की जांच हुई थी, जिसमें से पांच संक्रमित मिले हैं। संक्रमितों में दो 60 वर्षीय, एक 65 वर्षीय पुरुष और दो महिलाएं हैं। इनमें से एक की 100 वर्ष और एक 70 वर्ष की हैं। इसके अलावा भोजपुर पीएचसी पर तैनात एक लैब टेक्निशियन भी संक्रमित मिला है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि जिन मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है बिल्कुल सामान्य है और उनका घर पर ही इलाज चल रहा है। जिले में रोजाना 1000-1200 लोगों का कोरोना जांच हो रही हैं। पहली लहर से लेकर अभी तक जिले में कुल 90463 संक्रमित मिल चुके हैं।
अस्पतालों में बुखार और कोरोना लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ी
अस्पतालों में सर्दी-खांसी और गले में दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ओपीडी में सबसे अधिक खांसी और गले में संक्रमण की समस्या वाले मरीज आ रहे हैं। एमएमजी और संयुक्त जिला अस्पताल को मिलाकर को ओपीडी में 4500 के करीब मरीज आए। इनमें से 1200 के लगभग मरीज सर्दी-खांसी, बुखार और गले में दर्द की समस्या वाले रहे। एमएमजी अस्पताल के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. राकेश ने बताया कि सबसे अधिक समस्या सूखी खांसी और गले में सूजन और दर्द की आ रही है। एमएमजी के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह ने बताया सर्दी-गर्मी की वजह से इस समस्या के मरीज सबसे अधिक आने लगे हैं। कोरोना और इन्फ्लूएंजा एच3एन2 वाले लक्षण के मरीज सबसे अधिक आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसमें हाई रिस्क वाले जैसे गर्भवती महिलाएं, छह महीने से पांच साल तक के बच्चे और बुजुर्गों का ध्यान रखने की जरूरत है।
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लक्षण
- बुखार
- शरीर में दर्द
- कमजोरी
- सूखी खांसी, बाद में कफ
- गले में दर्द
- उल्टी
- सांस लेने में दिक्कत
बचाव
- अधिक से अधिक तरल पदार्थ का सेवन करें
- शरीर को भरपूर आराम दें
- मास्क का इस्तेमाल करें
- आक्सीजन का स्तर जांचते रहें
- साफ-सफाई का ध्यान रखें
- चिकित्सक की सलाह पर दवाओं का सेवन करें
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सीएमएस डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने बताया कि एमएमजी में दो 35 लोगों की कोरोना की जांच हुई थी, जिसमें से पांच संक्रमित मिले हैं। संक्रमितों में दो 60 वर्षीय, एक 65 वर्षीय पुरुष और दो महिलाएं हैं। इनमें से एक की 100 वर्ष और एक 70 वर्ष की हैं। इसके अलावा भोजपुर पीएचसी पर तैनात एक लैब टेक्निशियन भी संक्रमित मिला है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि जिन मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है बिल्कुल सामान्य है और उनका घर पर ही इलाज चल रहा है। जिले में रोजाना 1000-1200 लोगों का कोरोना जांच हो रही हैं। पहली लहर से लेकर अभी तक जिले में कुल 90463 संक्रमित मिल चुके हैं।
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अस्पतालों में बुखार और कोरोना लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ी
अस्पतालों में सर्दी-खांसी और गले में दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ओपीडी में सबसे अधिक खांसी और गले में संक्रमण की समस्या वाले मरीज आ रहे हैं। एमएमजी और संयुक्त जिला अस्पताल को मिलाकर को ओपीडी में 4500 के करीब मरीज आए। इनमें से 1200 के लगभग मरीज सर्दी-खांसी, बुखार और गले में दर्द की समस्या वाले रहे। एमएमजी अस्पताल के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. राकेश ने बताया कि सबसे अधिक समस्या सूखी खांसी और गले में सूजन और दर्द की आ रही है। एमएमजी के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह ने बताया सर्दी-गर्मी की वजह से इस समस्या के मरीज सबसे अधिक आने लगे हैं। कोरोना और इन्फ्लूएंजा एच3एन2 वाले लक्षण के मरीज सबसे अधिक आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसमें हाई रिस्क वाले जैसे गर्भवती महिलाएं, छह महीने से पांच साल तक के बच्चे और बुजुर्गों का ध्यान रखने की जरूरत है।
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लक्षण
- बुखार
- शरीर में दर्द
- कमजोरी
- सूखी खांसी, बाद में कफ
- गले में दर्द
- उल्टी
- सांस लेने में दिक्कत
बचाव
- अधिक से अधिक तरल पदार्थ का सेवन करें
- शरीर को भरपूर आराम दें
- मास्क का इस्तेमाल करें
- आक्सीजन का स्तर जांचते रहें
- साफ-सफाई का ध्यान रखें
- चिकित्सक की सलाह पर दवाओं का सेवन करें