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लापरवाही पर अस्पताल प्रभारी समेत दो नपे
Updated Mon, 12 Feb 2018 10:30 PM IST
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लापरवाही पर अस्पताल प्रभारी समेत दो नपे
- बीते दिनों इलाज के अभाव में वृद्घा की मौत का मामला
- मातृ वंदना योजना की जानकारी भी नहीं दे रहे अस्पताल प्रभारी
अमर उजाला ब्यूरो
अनूपशहर। डीएम डॉ. रोशन जैकब ने सोमवार को अनूपशहर सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने बीते दिनों इलाज के अभाव में वृद्धा की मौत मामले में अधिकारियोें को जमकर फटकार लगाते हुए दो के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की। सीएचसी प्रभारी मातृ वंदना योजना की जानकारी देने में असफल रहने पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की।
सोमवार को डीएम ने सीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान खामियां मिलने पर उन्होंने अधिकारियोें को कड़ी फटकार लगाई। निरीक्षण में मरीज बेड पर बोरे का प्रयोग करते पाए गए, जबकि मौके पर अस्पताल के स्टॉक में कंबल व अन्य कपड़े भरपूर मात्रा उपलब्ध थे। इसके अलावा गत दिनों इलाज के अभाव में वृद्धा की मौत मामले में दो चिकित्सकों की लापरवाही पाई गई। साथ ही अस्पताल में फार्मासिस्ट के बजाए कर्मचारी दवाओें का वितरण करते मिला। मौके पर रैबीज के इंजेक्शन का रजिस्टर पूरा न होने पर डीएम ने अस्पताल के अधिकारियों-कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए रजिस्टर पूरा करने के आदेश दिए। इसके अलावा मरीजों ने सूची के अनुसार खाना न दिए जाने की भी शिकायत की। डीएम ने अस्पताल प्रभारी डॉ. प्रवीन व चिकित्सक डॉ. पुनीत सिरोमणि को जिला मुख्यालय से अटैच कर तत्काल उनके निलंबन के लिए शासन से संस्तुति भेज दी। इसके अलावा डीएम ने सीएमओ के स्तर से चिकित्सकों के अवकाश जारी करने के आदेश दिए है।
अस्पताल स्टाफ की लापरवाही की शिकायत की
बुलंदशहर। जिला महिला अस्पताल में चिकित्सक और अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही नहीं कम हो रही है। दो दिन पूर्व मऊखेड़ा निवासी महिला अफारोज को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने महिला का उपचार करने के बजाय बेड पर लेटा दिया और मेरठ के निजी अस्पताल ले जाने की बात कहने लगे। समय से उपचार न मिलने पर महिला ने बेड पर ही बच्ची को जन्म दिया। बाद में परिजनों द्वारा अधिकारियों से शिकायत करने की बात कहने पर प्रसूता का इलाज शुरू हुआ। महिला के रिश्तेदार ने बताया कि शिकायत करने के लिए सीएमएस का नंबर भी नहीं मिला। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीना रानी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। शिकायत पत्र देखने के बाद यदि किसी चिकित्सक एवं स्टाफ ने लापरवाही बरती है तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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- बीते दिनों इलाज के अभाव में वृद्घा की मौत का मामला
- मातृ वंदना योजना की जानकारी भी नहीं दे रहे अस्पताल प्रभारी
अमर उजाला ब्यूरो
अनूपशहर। डीएम डॉ. रोशन जैकब ने सोमवार को अनूपशहर सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने बीते दिनों इलाज के अभाव में वृद्धा की मौत मामले में अधिकारियोें को जमकर फटकार लगाते हुए दो के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की। सीएचसी प्रभारी मातृ वंदना योजना की जानकारी देने में असफल रहने पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की।
सोमवार को डीएम ने सीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान खामियां मिलने पर उन्होंने अधिकारियोें को कड़ी फटकार लगाई। निरीक्षण में मरीज बेड पर बोरे का प्रयोग करते पाए गए, जबकि मौके पर अस्पताल के स्टॉक में कंबल व अन्य कपड़े भरपूर मात्रा उपलब्ध थे। इसके अलावा गत दिनों इलाज के अभाव में वृद्धा की मौत मामले में दो चिकित्सकों की लापरवाही पाई गई। साथ ही अस्पताल में फार्मासिस्ट के बजाए कर्मचारी दवाओें का वितरण करते मिला। मौके पर रैबीज के इंजेक्शन का रजिस्टर पूरा न होने पर डीएम ने अस्पताल के अधिकारियों-कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए रजिस्टर पूरा करने के आदेश दिए। इसके अलावा मरीजों ने सूची के अनुसार खाना न दिए जाने की भी शिकायत की। डीएम ने अस्पताल प्रभारी डॉ. प्रवीन व चिकित्सक डॉ. पुनीत सिरोमणि को जिला मुख्यालय से अटैच कर तत्काल उनके निलंबन के लिए शासन से संस्तुति भेज दी। इसके अलावा डीएम ने सीएमओ के स्तर से चिकित्सकों के अवकाश जारी करने के आदेश दिए है।
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अस्पताल स्टाफ की लापरवाही की शिकायत की
बुलंदशहर। जिला महिला अस्पताल में चिकित्सक और अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही नहीं कम हो रही है। दो दिन पूर्व मऊखेड़ा निवासी महिला अफारोज को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने महिला का उपचार करने के बजाय बेड पर लेटा दिया और मेरठ के निजी अस्पताल ले जाने की बात कहने लगे। समय से उपचार न मिलने पर महिला ने बेड पर ही बच्ची को जन्म दिया। बाद में परिजनों द्वारा अधिकारियों से शिकायत करने की बात कहने पर प्रसूता का इलाज शुरू हुआ। महिला के रिश्तेदार ने बताया कि शिकायत करने के लिए सीएमएस का नंबर भी नहीं मिला। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीना रानी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। शिकायत पत्र देखने के बाद यदि किसी चिकित्सक एवं स्टाफ ने लापरवाही बरती है तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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