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अधिवक्ता ने जांच अधिकारी पर लगाया रिश्वत मांगने का आरोप-Ghaziabad city
Updated Tue, 02 Jan 2018 01:33 AM IST
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जांच अधिकारी पर 10 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप
गाजियाबाद। नई बस्ती के रहने वाले एक अधिवक्ता ने थाना कोतवाली में तैनात एक दरोगा (जांच अधिकारी) पर 10 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रुपये न देने पर जांच अधिकारी ने विपक्षी पक्ष से 10 लाख रुपये लेकर मामले में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगाने की धमकी दी। अधिवक्ता ने एसएसपी से शिकायत कर जांच अधिकारी बदलने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अधिवक्ता अजय कुमार जैन ने 5 दिसंबर को कोतवाली में जानलेवा हमले, लूट समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि जब वह एफआईआर की कापी लेने थाने गए तो एक दरोगा ने जांच अधिकारी के लिए अपना नाम लिखवाने और मदद करने का भरोसा दिया। आरोप है कि अगले दिन दरोगा ने उन्हें थाने बुलाया और जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई करने के लिए पांच लाख रुपये मांगे। दबाव डालकर दरोगा ने पांच लाख रुपये ले लिए और अगले ही दिन पांच लाख रुपये फिर मांगने लगे। दरोगा ने कहा कि पांच-पांच आरोपियों को लाना है और उच्चाधिकारी भी पैसा मांग रहे हैं। अधिवक्ता का आरोप है कि दोबारा पांच लाख रुपये न देने पर दरोगा ने कहा कि प्रतिवादी पक्ष 10 लाख रुपये देने के लिए तैयार है, वह उनसे पैसा लेकर फाइनल रिपोर्ट लगा देंगे। उन्होंने एसएसपी से जांच अधिकारी को बदलने, रुपये दिलाने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उधर, सीओ प्रथम मनीषा सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। आरोपों की जांच करा ली जाएगी।
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गाजियाबाद। नई बस्ती के रहने वाले एक अधिवक्ता ने थाना कोतवाली में तैनात एक दरोगा (जांच अधिकारी) पर 10 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रुपये न देने पर जांच अधिकारी ने विपक्षी पक्ष से 10 लाख रुपये लेकर मामले में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगाने की धमकी दी। अधिवक्ता ने एसएसपी से शिकायत कर जांच अधिकारी बदलने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अधिवक्ता अजय कुमार जैन ने 5 दिसंबर को कोतवाली में जानलेवा हमले, लूट समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि जब वह एफआईआर की कापी लेने थाने गए तो एक दरोगा ने जांच अधिकारी के लिए अपना नाम लिखवाने और मदद करने का भरोसा दिया। आरोप है कि अगले दिन दरोगा ने उन्हें थाने बुलाया और जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई करने के लिए पांच लाख रुपये मांगे। दबाव डालकर दरोगा ने पांच लाख रुपये ले लिए और अगले ही दिन पांच लाख रुपये फिर मांगने लगे। दरोगा ने कहा कि पांच-पांच आरोपियों को लाना है और उच्चाधिकारी भी पैसा मांग रहे हैं। अधिवक्ता का आरोप है कि दोबारा पांच लाख रुपये न देने पर दरोगा ने कहा कि प्रतिवादी पक्ष 10 लाख रुपये देने के लिए तैयार है, वह उनसे पैसा लेकर फाइनल रिपोर्ट लगा देंगे। उन्होंने एसएसपी से जांच अधिकारी को बदलने, रुपये दिलाने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उधर, सीओ प्रथम मनीषा सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। आरोपों की जांच करा ली जाएगी।
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