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Ghaziabad News: 61 हजार नई संपत्तियां हुईं चिह्नित, आएंगी कर के दायरे में

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 09 May 2023 01:20 AM IST
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61 thousand new properties have been identified, will come under tax net
गाजियाबाद। नगर निगम सीमा में 61000 नई संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। अब इन संपत्तियों के मालिकों से गृहकर वसूली की जाएगी। इससे नगर निगम के खजाने में करीब पांच करोड़ रुपये का इजाफा हो जाएगा।
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नगर निगम के 100 वार्डों में करीब साढ़े पांच लाख संपत्तियां हैं इनसे निगम को सालाना करीब सवा दो सौ करोड़ रुपये कर के रूप में मिलते हैं। निगम की ओर से संपत्तियों का सैटेलाइट सर्वे कराकर डाटा तैयार किया जा रहा है। सर्वे में करीब 400 कालोनियों में 30000 वर्ग मीटर से अधिक जमीन नगर निगम की निकली है। निगम अपनी जमीन का लेखाजोखा साफ्टवेयर में अपलोड कर रहा है। आने वाले समय में एक क्लिक पर लखनऊ में बैठे अधिकारी भी गाजियाबाद नगर निगम की जमीन कहां- कहां है इसकी जानकारी कर सकेंगे।
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नई संपत्तियों पर टैक्स के लिए डिमांड नोटिस बनाने का काम शुरू हो चुका है।

जोनवार चिह्नित हुई जमीन
सिटी जोन 11441
कविनगर जोन 8991
विजयनगर 10571
मोहननगर जोन 13573
वसुंधरा जोन 16331
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मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा का कहना है कि करीब 61 हजार नई संपत्तियों का चिह्नीकरण कर लिया है। अब करीब सवा छह लाख संपत्तियां शहर में हो गई हैं। टैक्स में करीब पांच करोड़ रुपये सालाना का इजाफा होगा।
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इंदिरापुरम में बनेगा नया जोनल कार्यालय
चुनाव बाद इंदिरापुरम नगर निगम को हस्तांतरित हो सकता है। इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। इंदिरापुरम को अलग जोन का दर्जा मिलेगा। नए जोनल कार्यालय के लिए निगम ने जमीन भी चिह्नित कर ली है। नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि शक्तिखंड में एसटीपी परिसर में नया जोनल कार्यालय बनाया जाना प्रस्तावित है। निगम और जीडीए की संयुक्त टीम सर्वे का काम लगभग पूरा कर चुकी है।

निगम ने करीब 282 करोड़ रुपये मांगे थे
नगर निगम ने इंदिरापुरम को लेने के लिए 282 करोड़ रुपये का एस्टिमेट तैयार किया था। नाले पर करीब 100 करोड़, सड़क, सीवर, पार्क के अधूरे काम को पूरा कराने के लिए करीब दौ सौ करोड़ रुपये जीडीए से मांगे थे। नगर निगम का कहना था कि यदि जीडीए पैसा नहीं देता है तो काम पूरा कर दे। अप्रैल में एक बार फिर से दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने मौके का स्थलीय निरीक्षण किया। आचार संहिता लगने के बाद सर्वे का काम रुका हुआ है। माना जा रहा है कि चुनाव बाद हस्तातंरण प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

17 करोड़ आता है कर
इंदिरापुरम से करीब 17 करोड़ रुपये टैक्स नगर निगम को हर साल मिलता है। इंदिरापुरम को लेने के बाद निगम की आय में बढ़ोतरी की संभावना है।
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