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52 पार्किंग स्टैंड के टेंडर खोलने पर रोक लगाई
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 01 Apr 2016 12:27 AM IST
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पार्किंग
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में 52 स्थानों पर पार्किंग ठेके छोड़े जाने की प्रक्रिया पर पार्षदों की कमेटी ने रोक लगा दी। घोटाले की सूचना पर चार पार्षदों ने मेयर को रिपोर्ट दी। मेयर ने तत्काल प्रक्रिया एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।
अब एक सप्ताह बाद पार्किंग निविदाएं खोली जाएंगी, तब तक टेंडर बिक्री फिर से शुरू की जाएगी। इस बार निगम कार्यालय से भी टेंडर बेचे जाएंगे। नगर निगम ने 52 स्थानों पर पार्किंग ठेके छोड़े जाने के लिए एक सप्ताह पहले प्रक्रिया शुरू की गई थी।
30 मार्च को टेंडर डाले जाने थे और शाम चार बजे खोले जाने थे। टेंडर खोलने के लिए महापौर अशु वर्मा ने पांच पार्षदों बाबू सिंह आर्य, राजीव भाटी, जाकिर सैफी, कुलदीप और प्रवीन चौधरी की कमेटी बनाई थी।
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इनके अलावा पार्किंग प्रभारी डीके सिन्हा व सभी जोनल अधिकारी भी मौजूद रहे। टेंडर खोले जाने से पहले ही पार्षदों को शिकायत मिली कि कुछ दबंगों ने प्राइम लोकेशन की पार्किंग के सारे टेंडर बैंकों से खुद ही खरीद लिए। कई लोगों को निविदाएं नहीं मिल पाई। इसमें निगम के कुछ कर्मचारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। ऐसे में चार पार्षदों ने पार्किंग टेंडर खोले जाने पर रोक लगा दी।
पार्किंग ठेकों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही थी। टेंडर प्रक्रिया एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई है। अधिकारियों को एक सप्ताह बाद टेंडर खोलने के लिए कहा गया है। - राजीव भाटी, सदस्य टेंडर कमेटी
..
अब एक सप्ताह तक निगम कार्यालय से भी ठेकेदार टेंडर ले सकेंगे। गोपनीयता बनाने के लिए अब सभी पार्किंग स्थल के लिए एक जैसा निविदा पत्र होगा। ताकि लोग किसी विशेष पार्किंग के सारे टेंडर न खरीद सकें। - बाबू सिंह आर्य, सदस्य टेंडर कमेटी
रकम भी जमा न कराई, साल भर निगम की पार्किंग चलाई
बीते साल पार्किंग ठेकेदारों ने ठेके लेकर नगर निगम में रकम जमा नहीं की। 7 से ज्यादा ठेकेदार ऐसे हैं जिन्होंने साल भर पार्किंग ठेके चलाकर कमाई की, लेकिन पैसा जमा कराने के लिए आनाकानी करते रहे। निगम ने ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने की प्लानिंग कर ली है। ये ठेकेदार आगामी टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे।
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अब एक सप्ताह बाद पार्किंग निविदाएं खोली जाएंगी, तब तक टेंडर बिक्री फिर से शुरू की जाएगी। इस बार निगम कार्यालय से भी टेंडर बेचे जाएंगे। नगर निगम ने 52 स्थानों पर पार्किंग ठेके छोड़े जाने के लिए एक सप्ताह पहले प्रक्रिया शुरू की गई थी।
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30 मार्च को टेंडर डाले जाने थे और शाम चार बजे खोले जाने थे। टेंडर खोलने के लिए महापौर अशु वर्मा ने पांच पार्षदों बाबू सिंह आर्य, राजीव भाटी, जाकिर सैफी, कुलदीप और प्रवीन चौधरी की कमेटी बनाई थी।
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इनके अलावा पार्किंग प्रभारी डीके सिन्हा व सभी जोनल अधिकारी भी मौजूद रहे। टेंडर खोले जाने से पहले ही पार्षदों को शिकायत मिली कि कुछ दबंगों ने प्राइम लोकेशन की पार्किंग के सारे टेंडर बैंकों से खुद ही खरीद लिए। कई लोगों को निविदाएं नहीं मिल पाई। इसमें निगम के कुछ कर्मचारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। ऐसे में चार पार्षदों ने पार्किंग टेंडर खोले जाने पर रोक लगा दी।
पार्किंग ठेकों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही थी। टेंडर प्रक्रिया एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई है। अधिकारियों को एक सप्ताह बाद टेंडर खोलने के लिए कहा गया है। - राजीव भाटी, सदस्य टेंडर कमेटी
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अब एक सप्ताह तक निगम कार्यालय से भी ठेकेदार टेंडर ले सकेंगे। गोपनीयता बनाने के लिए अब सभी पार्किंग स्थल के लिए एक जैसा निविदा पत्र होगा। ताकि लोग किसी विशेष पार्किंग के सारे टेंडर न खरीद सकें। - बाबू सिंह आर्य, सदस्य टेंडर कमेटी
रकम भी जमा न कराई, साल भर निगम की पार्किंग चलाई
बीते साल पार्किंग ठेकेदारों ने ठेके लेकर नगर निगम में रकम जमा नहीं की। 7 से ज्यादा ठेकेदार ऐसे हैं जिन्होंने साल भर पार्किंग ठेके चलाकर कमाई की, लेकिन पैसा जमा कराने के लिए आनाकानी करते रहे। निगम ने ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने की प्लानिंग कर ली है। ये ठेकेदार आगामी टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे।