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एफओबी में अनियमितता, शिकायतकर्ता ने दर्ज कराए बयान
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एफओबी में अनियमितता, शिकायतकर्ता ने दर्ज कराए बयान
गाजियाबाद। अनुबंध के बावजूद एफओबी पर लिफ्ट, एस्कलेटर या रैंप न बनाए जाने का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा तो मामले की जांच शुरू हो गई है। इस मामले के शिकायतकर्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट वेद प्रकाश अग्रवाल के शनिवार को एडीएम फाइनेंस सुनील कुमार सिंह ने बयान दर्ज किए। एडीएम इस मामले में जांच कर रहे हैं।
वेदप्रकाश अग्रवाल ने शहर के 24 एफओबी (फुटओवर ब्रिज) पर लिफ्ट, एस्कलेटर न बनाए जाने की शिकायत मार्च 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी। आरोप है कि नगर निगम अधिकारियों और बीओटी कांट्रेक्टर की मिलीभगत से एफओबी बना दिए गए, लेकिन पब्लिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। इनका उपयोग सिर्फ विज्ञापन लगाने के लिए किया जा रहा है। लिफ्ट, एस्कलेटर न लगे होने की वजह से इन पर बुजुर्ग और बीमार लोग नहीं चढ़ पा रहे हैं। एफओबी बनाने वाली कंपनियों ने अभी तक नगर निगम से कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी नहीं लिया है, लेकिन इन पर विज्ञापन करना शुरू कर दिया है। नगर निगम जब उन्हें सर्टिफिकेट जारी करेगा, तब से उनका कार्यकाल शुरू होगा। पांच साल से वह विज्ञापन बिना अनुमति के कर रहे हैं, बावजूद इसके नगर निगम उन पर कार्रवाई नहीं कर रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच के आदेश डीएम कार्यालय पहुंचे तो एडीएम वित्त सुनील कुमार सिंह को जांच अधिकारी बनाया गया। उन्होंने शनिवार को शिकायतकर्ता को कार्यालय बुलाकर बयान दर्ज कराए।
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गाजियाबाद। अनुबंध के बावजूद एफओबी पर लिफ्ट, एस्कलेटर या रैंप न बनाए जाने का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा तो मामले की जांच शुरू हो गई है। इस मामले के शिकायतकर्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट वेद प्रकाश अग्रवाल के शनिवार को एडीएम फाइनेंस सुनील कुमार सिंह ने बयान दर्ज किए। एडीएम इस मामले में जांच कर रहे हैं।
वेदप्रकाश अग्रवाल ने शहर के 24 एफओबी (फुटओवर ब्रिज) पर लिफ्ट, एस्कलेटर न बनाए जाने की शिकायत मार्च 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी। आरोप है कि नगर निगम अधिकारियों और बीओटी कांट्रेक्टर की मिलीभगत से एफओबी बना दिए गए, लेकिन पब्लिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। इनका उपयोग सिर्फ विज्ञापन लगाने के लिए किया जा रहा है। लिफ्ट, एस्कलेटर न लगे होने की वजह से इन पर बुजुर्ग और बीमार लोग नहीं चढ़ पा रहे हैं। एफओबी बनाने वाली कंपनियों ने अभी तक नगर निगम से कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी नहीं लिया है, लेकिन इन पर विज्ञापन करना शुरू कर दिया है। नगर निगम जब उन्हें सर्टिफिकेट जारी करेगा, तब से उनका कार्यकाल शुरू होगा। पांच साल से वह विज्ञापन बिना अनुमति के कर रहे हैं, बावजूद इसके नगर निगम उन पर कार्रवाई नहीं कर रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच के आदेश डीएम कार्यालय पहुंचे तो एडीएम वित्त सुनील कुमार सिंह को जांच अधिकारी बनाया गया। उन्होंने शनिवार को शिकायतकर्ता को कार्यालय बुलाकर बयान दर्ज कराए।
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