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Ghaziabad News: म्यांमार के 39 ठिकाने चिह्नित, छूटे आईटी पेशेवरों ने बताए सरगनाओं के नाम
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गाजियाबाद। 12 मार्च को म्यांमार से हिंडन एयरपोर्ट पर लाए गए आईटी पेशेवर युवाओं ने केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) को साइबर ठगी के सिंडीकेट के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी दी हैं। इंटरपोल द्वारा कराए गए मुकदमे में सीबीआई ने सभी आईटी पेशेवर युवाओं को इस मुकदमे में गवाह बनाया है। जल्द ही अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (इंटरपोल) द्वारा कराए गए मुकदमे में देश का प्रधान सचिवालय इस मामले में रेड कोर्ट नोटिस जारी करेगा।
सीबीआई की पूछताछ में आईटी पेशेवर युवाओं ने बताया कि उन्हें बैंकाॅक का हवाई टिकट देकर विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने बुलाया गया। सूत्रों के अनुसार आईटी पेशेवर को बैंकॉक हवाई अड्डे पर म्यांमार कंपनी का ज्वाइनिंग लैटर लेकर दो या तीन लोग मिलते थे। जो उन्हें अगली फ्लाइट से अन्य लोग आने की बात कहते थे और बैंकॉक के होटल में ठहराया जाता था। अंधेरा होने पर कार सवार उन्हें होटल से जंगल के रास्ते करीब आठ घंटे का सफर तय कर म्यावाड़ी ले जाते थे। जहां उन्हें म्यांमार करेंसी म्यांमार क्यात (एमएमके) 40 हजार वेतन यानि भारतीय मुद्रा में 1.60 लाख रुपये प्रति माह देने का लालच दिया जाता था और कॉलिंग कराई जाती थी। कॉलिंग का विरोध करने पर उन्हें अंधेरे में रखा जाता था और करंट लगाकर थ्री डिग्री दी जाती थी। माह में दो बार आईटी पेशेवर अपने घर बात कर सकते थे। बात करते समय कंपनी के सुरक्षाकर्मी और स्टॉफ मौके पर मौजूद रहता था। 17 राज्यों के आईटी पेशेवर ने सीबीआई को म्यावाड़ी में अलग-अलग नाम के 41 ठिकानों पर साइबर ठगी के सिंडीकेट की बाबत जानकारी दी है। सीबीआई ने 39 ठिकानों को चिह्नित कर लिया है। ठिकानों के कुछ मुखिया के नाम भी सीबीआई को प्राप्त हो चुके हैं। ऐसे में म्यांमार से छूटे 530 आईटी पेशेवर युवाओं को इंटरपोल द्वारा दर्ज मुकदमे का गवाह बनाया गया है।
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म्यावाड़ी में सेना की नहीं है दखलअंदाजी
एनसीआर क्षेत्र के साथ-साथ विकासशील राज्यों और जनपदों में कॉलिंग कर व्यापारियों, कारोबारियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों को निशाना बनाया गया। अधिकांश कॉलिंग म्यांमार के म्यावाड़ी क्षेत्र से होने की जानकारी हुई। हालांकि म्यावाड़ी ऐसा क्षेत्र है जहां म्यांमार की सेना की ज्यादा दखलअंदाजी नहीं है और सुनसान क्षेत्र है। कोलंबिया और म्यांमार के बीच घने जंगल में म्यावाड़ी का क्षेत्र करीब 120 किमी में फैला है।
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अभिनेता बना बंधक तो हरकत में आया चीन
सूत्रों की मानें तो चीन का एक प्रख्यात अभिनेता अपनी महिला दोस्त के साथ म्यांमार में गया था। यह अभिनेता साइबर ठगों के हत्थे चढ़ गया और उसे बंधक बना लिया, जबकि अभिनेता की महिला दोस्त किसी तरह चीन पहुंची और अपनी सरकार के माध्यम से म्यावाड़ी में खोजबीन कराई। बताया गया कि करीब सात हजार बंधनमुक्त किए गए हैं। इनमें 530 भारतीय हैं और इनमें से 53 उत्तर प्रदेश के हैं।
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सीबीआई की पूछताछ में आईटी पेशेवर युवाओं ने बताया कि उन्हें बैंकाॅक का हवाई टिकट देकर विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने बुलाया गया। सूत्रों के अनुसार आईटी पेशेवर को बैंकॉक हवाई अड्डे पर म्यांमार कंपनी का ज्वाइनिंग लैटर लेकर दो या तीन लोग मिलते थे। जो उन्हें अगली फ्लाइट से अन्य लोग आने की बात कहते थे और बैंकॉक के होटल में ठहराया जाता था। अंधेरा होने पर कार सवार उन्हें होटल से जंगल के रास्ते करीब आठ घंटे का सफर तय कर म्यावाड़ी ले जाते थे। जहां उन्हें म्यांमार करेंसी म्यांमार क्यात (एमएमके) 40 हजार वेतन यानि भारतीय मुद्रा में 1.60 लाख रुपये प्रति माह देने का लालच दिया जाता था और कॉलिंग कराई जाती थी। कॉलिंग का विरोध करने पर उन्हें अंधेरे में रखा जाता था और करंट लगाकर थ्री डिग्री दी जाती थी। माह में दो बार आईटी पेशेवर अपने घर बात कर सकते थे। बात करते समय कंपनी के सुरक्षाकर्मी और स्टॉफ मौके पर मौजूद रहता था। 17 राज्यों के आईटी पेशेवर ने सीबीआई को म्यावाड़ी में अलग-अलग नाम के 41 ठिकानों पर साइबर ठगी के सिंडीकेट की बाबत जानकारी दी है। सीबीआई ने 39 ठिकानों को चिह्नित कर लिया है। ठिकानों के कुछ मुखिया के नाम भी सीबीआई को प्राप्त हो चुके हैं। ऐसे में म्यांमार से छूटे 530 आईटी पेशेवर युवाओं को इंटरपोल द्वारा दर्ज मुकदमे का गवाह बनाया गया है।
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म्यावाड़ी में सेना की नहीं है दखलअंदाजी
एनसीआर क्षेत्र के साथ-साथ विकासशील राज्यों और जनपदों में कॉलिंग कर व्यापारियों, कारोबारियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों को निशाना बनाया गया। अधिकांश कॉलिंग म्यांमार के म्यावाड़ी क्षेत्र से होने की जानकारी हुई। हालांकि म्यावाड़ी ऐसा क्षेत्र है जहां म्यांमार की सेना की ज्यादा दखलअंदाजी नहीं है और सुनसान क्षेत्र है। कोलंबिया और म्यांमार के बीच घने जंगल में म्यावाड़ी का क्षेत्र करीब 120 किमी में फैला है।
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अभिनेता बना बंधक तो हरकत में आया चीन
सूत्रों की मानें तो चीन का एक प्रख्यात अभिनेता अपनी महिला दोस्त के साथ म्यांमार में गया था। यह अभिनेता साइबर ठगों के हत्थे चढ़ गया और उसे बंधक बना लिया, जबकि अभिनेता की महिला दोस्त किसी तरह चीन पहुंची और अपनी सरकार के माध्यम से म्यावाड़ी में खोजबीन कराई। बताया गया कि करीब सात हजार बंधनमुक्त किए गए हैं। इनमें 530 भारतीय हैं और इनमें से 53 उत्तर प्रदेश के हैं।