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Ghaziabad News: समय से हुई शिकायत तो खातों में लौट आए 33.72 करोड़
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गाजियाबाद। साइबर ठगी के मामलों समय से शिकायत की जाएगी तो नुकसान कम हो सकता है। साइबर थाना पुलिस ने जनवरी 2024 से सितंबर 2025 के बीच 577 मामलों में हुई 140 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की ठगी में 33 करोड़ 72 लाख रुपये वापस कराए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ठगी गई रकम में से 24 फीसदी तक पीड़ितों को वापस कराई गई है। इस मामले में गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट प्रदेश के टाॅप जनपदों में शामिल है। सितंबर के महीने में तो पीड़ितों को रुपये वापस कराने का प्रतिशत 32 फीसदी रहा है। इस महीने 6 करोड़ 33 लाख रुपये की ठगी में से 2 करोड़ 3 लाख रुपये से अधिक वापस कराए गए हैं।
एडीसीपी अपराध पीयूष सिंह ने बताया कि साइबर ठगी के मामले में लोगों को जागरूक किया जाता है। ठगी की वारदात के बाद 24 घंटे के अंदर हुई शिकायत में रुपये को होल्ड और फिर पीड़ितों को वापस करने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि ठगी के बाद फाैरन 1930 पर काॅल कर जानकारी दें। साथ ही नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत को दर्ज कराकर पुलिस को सूचना दें।
निवेश के नाम पर ठगी मामले में 171 एप कराईं बंद
निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी में बदमाश पीड़ितों को एपीके फाइल भेजने के अलावा आधिकारिक एप स्टोर से एप डाउनलोड करवाते हैं। एडीसीपी ने बताया कि ठगी की वारदात की शिकायत आने के बाद ठगी में प्रयोग हुई 171 एप को बंद कराया गया है। इसके अलावा 21 वेबसाइट पर भी कार्रवाई की गई है। ठगी में इस्तेमाल किए गए 12 हजार 500 मोबाइल को ब्लाॅक कराने के लिए डाॅट के साथ पत्राचार किया गया है। इन कार्रवाई के साथ जनपद की 7 करोड़ 95 लाख रुपये की ठगी करने वाले गैंग के सदस्यों के साथ अलग-अलग मामलों में 28 साइबर ठगों को इस सितंबर माह में गिरफ्तार किया गया है।
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इन बातों का रखें ध्यान
-किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
-व्हाट्सएप और टेलीग्राम में जोड़ने के बाद कोई निवेश में अप्रत्याशित लाभ दिलवाने की बात करें तो झांसे में न आएं।
-अनजान एप को स्टोर या फिर एपीके फाइल से डाउनलोड कर इंस्टाॅल न करें।
-आधिकारिक निवेश एप का ही प्रयोग करें ।
-ठगी की वारदात होने पर 24 घंटे के अंदर 1930 और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करें।
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एडीसीपी अपराध पीयूष सिंह ने बताया कि साइबर ठगी के मामले में लोगों को जागरूक किया जाता है। ठगी की वारदात के बाद 24 घंटे के अंदर हुई शिकायत में रुपये को होल्ड और फिर पीड़ितों को वापस करने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि ठगी के बाद फाैरन 1930 पर काॅल कर जानकारी दें। साथ ही नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत को दर्ज कराकर पुलिस को सूचना दें।
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निवेश के नाम पर ठगी मामले में 171 एप कराईं बंद
निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी में बदमाश पीड़ितों को एपीके फाइल भेजने के अलावा आधिकारिक एप स्टोर से एप डाउनलोड करवाते हैं। एडीसीपी ने बताया कि ठगी की वारदात की शिकायत आने के बाद ठगी में प्रयोग हुई 171 एप को बंद कराया गया है। इसके अलावा 21 वेबसाइट पर भी कार्रवाई की गई है। ठगी में इस्तेमाल किए गए 12 हजार 500 मोबाइल को ब्लाॅक कराने के लिए डाॅट के साथ पत्राचार किया गया है। इन कार्रवाई के साथ जनपद की 7 करोड़ 95 लाख रुपये की ठगी करने वाले गैंग के सदस्यों के साथ अलग-अलग मामलों में 28 साइबर ठगों को इस सितंबर माह में गिरफ्तार किया गया है।
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इन बातों का रखें ध्यान
-किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
-व्हाट्सएप और टेलीग्राम में जोड़ने के बाद कोई निवेश में अप्रत्याशित लाभ दिलवाने की बात करें तो झांसे में न आएं।
-अनजान एप को स्टोर या फिर एपीके फाइल से डाउनलोड कर इंस्टाॅल न करें।
-आधिकारिक निवेश एप का ही प्रयोग करें ।
-ठगी की वारदात होने पर 24 घंटे के अंदर 1930 और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करें।