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Ghaziabad News: सुनियोजित विकास पर खर्च होंगे 3287 करोड़, योजनाओं को मिलेगी रफ्तार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 12:26 AM IST
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3287 crore will be spent on planned development, schemes will gain momentum
गाजियाबाद।शहर में चल रहीं विकास की परियोजनाओं और प्रस्तावित योजनाओं को गति देने के लिए नए वित्त वर्ष में जीडीए 3287 करोड़ रुपये खर्च करेगा। अकेले हरनंदीपुरम टाउनशिप पर 1000 करोड से अधिक खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही करीब 1000 करोड़ रुपये इंजीनियरिंग विभाग पर खर्च किए जाएंगे। मंडलायुक्त भानु चंद गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नए वित्त वर्ष के बजट पर मुहर लग गई है।
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बैठक में वित्त नियंत्रक एके बाजपेयी ने पिछले साल के आय-व्यय और आगामी वित्त वर्ष में योजनाओं पर खर्च और आमदनी के लक्ष्य को रखा। सचिव विवेक मिश्रा ने बताया कि दिल्ली-मेरठ रोड पर करीब 501 हेक्टेयर में हरनंदीपुरम टाउनशिप प्रस्तावित है। आठ गांवों की जमीन पर प्रस्तावित आवासीय योजना को दो चरणों में बसाने की योजना है। पहले चरण में पांच गांवों की जमीन को आपसी सहमति से किसानों से क्रय किया जा रहा है। इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए करीब 2700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पिछले साल शासन से 400 करोड़ रुपये की किस्त मिली थी जिनमें से करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये जमीन क्रय करने में खर्च हो चुके हैं। योजनाओं को रफ्तार देने और शहर के सुनियोजित विकास पर पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 2100 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष 31 जनवरी तक 1066 करोड़ रूपये खर्च हो चुके हैं। वित्त नियंत्रक ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 2700 करोड़ की आय का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 31 जनवरी तक 2000 करोड़ से ज्यादा की इनकम जीडीए को हो चुकी है। वहीं, मौजूदा वित्तीय वर्ष के व्यय के बजट का रिवाइज करते हुए 1976 करोड़ रुपये कर दिया गया है। 31 मार्च तक इस बजट विकास के कार्य कराए जाएंगे।
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31 जनवरी 2026 तक आय
- वर्षों से रुके इनकम टैक्स रिफंड के रूप में लगभग 700 करोड़
- संपत्ति विक्रय से 500 करोड़
- नक्शा पास करने पर करीब 500 करोड
- शमन शुल्क से 50 करोड़ से अधिक की आय।
इन पर हर महीने हो रहा खर्च
भू-अर्जन के लिए 400 करोड़, इंजीनियरिंग में 100 करोड़, कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर 50 लाख रुपये हर महीने खर्च किए जा रहे हैं। 2025-26 में आय का लक्ष्य 2700 करोड़ था, जनवरी तक 2000 करोड़ की आय हो चुकी है।
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3500 करोड़ की आय का लक्ष्य

प्राधिकरण के सचिव विवेक कुमार मिश्र ने बताया कि नए वित्तीय वर्ष में लगभग 3500 करोड़ की आय का लक्ष्य रखा गया है। जबकि विकास की योजनाओं को रफ्तार देने के लिए 3287 करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। बजट को बोर्ड ने स्वीकृति दे दी है। बजट को मंजूरी मिलने के बाद अब गाजियाबाद विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर होगा।


जीडीए बनाएगा लैंड बैंक, योजनाओं को मिल सकेगी जमीन
जीडीए की योजनाओं को सर्वे कराया जा रहा है। योजनाओं में रिक्त भूखंडों और योजना में अनियोजित जमीन का लैंड बैंक बनाया जाएगा। लैंड बैंक बनने से औद्योगिक सिटी, आवासीय टाउनशिप को जमीन मिल सकेगी। सड़क, सीवरेज, पार्क, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान के लिए जमीन मुहैया हो सकेगी। जीडीए बोर्ड सदस्य पवन गोयल का कहना है कि बोर्ड बैठक में पास हुए प्रस्तावों से आने वाले समय में शहर के विकास को रफ्तार मिल सकेगी।
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