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शहर की 30 फीसदी महिलाएं मोटापे की चपेट में
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 19 May 2017 12:41 AM IST
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मोटापा
- फोटो : अमर उजाला
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रश्मि ओझा
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गाजियाबाद। हमारी खराब हो चुकी जीवन शैली और खानपान की आदत अब सेहत के लिए खतरा बन रही है। इससे शहर से लेकर गांव तक की महिलाएं मोटापे की चपेट में हैं। अकेले गाजियाबाद में रहने वाली 30 फीसदी महिलाएं मोटापे की शिकार हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से कराए गए नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जिले की कुल 30.2 फीसदी महिलाओं का वजन लंबाई और उम्र के हिसाब से ज्यादा है।
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आंकड़ों के मुताबिक शहरी क्षेत्र की जनसंख्या की 32.1 और ग्रामीण क्षेत्र की जनसंख्या में से 25 फीसदी महिलाएं मोटापे की शिकार हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, डेवलपमेंट एंड रिसर्च सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, पॉपुलेशन रिसर्च सेंटर लखनऊ द्वारा फैमिली हेल्थ पर सर्वे किया जाता है जो बीते चार साल से किया जा रहा है।
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पहली बार इस सर्वे में मोटापे को लेकर चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है जो बताती है कि मोटापे के साथ जिले की बड़ी आबादी यानी महिलाओं के स्वास्थ्य को खतरा है। 15 से 49 उम्र की महिलाओं पर किए गए सर्वे में महिलाओं के मोटापे पर चिंता जाहिर की गई है।
मोटापे से बांझपन की संकट
मोटापा कई गंभीर बीमारियों को आमंत्रण देता है लेकिन महिलाओं में मोटापे से बांझपन की भी समस्या आती है। जंक फूड का सेवन, शारीरिक श्रम की कमी और खराब लाइफस्टाइल की वजह से महिलाओं में मोटापा बढ़ रहा है।
आईवीएप एक्सपर्ट डॉ. अर्चना शर्मा ने बताया कि सेंटर पर आने वाली 30 फीसदी ऐसी महिलाएं हैं, जिनको वजन बढ़ने के कारण ही बांझपन की समस्या आ रही है। मोटापे की वजह से महिलाओं में अंडे नहीं बन पाते और जो बनते भी हैं उनकी क्वालिटी काफी खराब होती है।
ऐसी महिलाओं को पहले आठ से दस किलो वजन कम करने की सलाह दी जाती है। कई बार ऐसा भी हुआ है कि आईवीएफ कराने आई महिलाओं ने योग और एक्सरसाइज से आठ से दस किलो वजन कम करके नेचुरल कंसीव किया है।
महिलाओं के मुकाबले पुरुष कम मोटापे के शिकार
सर्वे के अनुसार महज 23 फीसदी पुरुष मोटापे की चपेट में हैं, जिनका प्रतिशत शहरी क्षेत्र के 26.1 और ग्रामीण क्षेत्र के 14.6 फीसदी है। इससे साफ होता है कि महिलाओं में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
मोटापा यानी बीमारी को दावत
- जल्द ही बीपी में शुगर का मरीज होने का खतरा
- शुगर होने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने का खतरा
- लीवर फेटी होने का खतरा, जिससे आगे चलकर लीवर ट्रांसप्लांट करने की पड़ सकती है जरूरत