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छोटा हरिद्वार का नाम खत्म, मंदिर का रखा जाएगा बहिखाता
Updated Sun, 18 Nov 2018 06:11 PM IST
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छोटा हरिद्वार नाम खत्म, मंदिर पर चढ़ावे का रखा जाएगा हिसाब
गाजियाबाद। लंबे समय से चल रहे विवाद पर जिला प्रशासन की तरफ से गठित कमेटी ने मुरादनगर स्थित गंगनहर पुल से सटे स्थल का नाम छोटा हरिद्वार हटाने का निर्देश दिया है। शनिवार को एसडीएम सदर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमेटी ने मौका मुआयना कर कई अहम फैसले लिए। छोटा हरिद्वार का नाम तत्काल हटाए जाने के साथ स्नान के लिए डबल लेयर में बैरिकेड लगाने, पार्किंग का तत्काल टेंडर छोड़े जाने से लेकर मंदिर में आने वाले चढ़ावे का प्रशासनिक निगरानी में रखरखाव रखना शामिल है। उधर, करीब छह महीने से चले आ रहे इस विवाद में लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर की जीत मानी जा रही है।
नई व्यवस्था के तहत गंग नहर पर स्थित 20 दुकानों की सिंचाई विभाग नीलामी करेगा। स्नान करने के लिए आने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग विधिवत तरीके से होगी। पार्किंग का ठेका भी सिंचाई विभाग की तरफ से छोड़ा जाएगा। स्नान स्थल के दोनों तरफ पुरुष व महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। उनकी ड्यूटी का अलग से रजिस्टर बनेगा, जिसका सत्यापन हर 15 दिन पर प्रशासन की तरफ से भी किया जाएगा। नहर के दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही गोताखोरों की विशेष टीम तैनात रहेगी। एसडीएम सदर विवेक कुमार मिश्र का कहना है कि मंदिर में चढ़ावे व दान के रखरखाव के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर का एक बैंक खाता खुलवाया जा रहा है, जिसमें हर 15 दिन में धनराशि जमा होगी। प्रतिदिन कितनी धनराशि मंदिर में चढ़ावे के रूप में आई। इसका भी रजिस्टर में रिकार्ड रहेगा। एक दो सदस्यीय प्रशासनिक उपसमिति भी बनाई जा रही है जो सिर्फ मंदिर को मिलने वाले चढ़ावे की निगरानी व पूरा बहीखाता तैयार करेगी।
ये था पूरा विवाद
लोनी विधायक ने करीब छह-सात महीने पहले आरोप लगाए थे कि मुरादनगर गंग नहर में एक गिरोह सक्रिय है। इसमें कुछ गोताखोर भी शामिल हैं जो स्नान करने वाले लोगों का पैर पकड़ कर नहर में खींच लेते हैं। उसके बाद उनके साथ लूटपाट की जाती है। विधायक ने डीएम रितु माहेश्वरी के समाने कई पीड़ितों को पेश भी किया था। विधायक ने मंदिर के पुजारी पर संरक्षण देने, छोटे हरिद्वार का नाम गलत तरीके से रखे जाने व वित्तीय गड़बड़ियों तक के आरोप लगाए थे, जिन पर डीएम ने एसडीएम मोदीनगर से जांच कराई, जिसमें कुछ बिंदुओं को सही पाया गया। इस पर डीएम ने स्थल की निगरानी व व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित करने के लिए एसडीएम सदर, सीओ सदर, अधिशासी अभियंता सिंर्चाई, अधिशासी अधिकारी मुरादनगर पालिका व एसएचओ मुरादनगर की टीम गठित की। अब कमेटी ने निरीक्षण कर कुछ अहम फैसले लिए हैं। साथ ही एक उपसमिति बनाने का फैसला लिया है।
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गाजियाबाद। लंबे समय से चल रहे विवाद पर जिला प्रशासन की तरफ से गठित कमेटी ने मुरादनगर स्थित गंगनहर पुल से सटे स्थल का नाम छोटा हरिद्वार हटाने का निर्देश दिया है। शनिवार को एसडीएम सदर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमेटी ने मौका मुआयना कर कई अहम फैसले लिए। छोटा हरिद्वार का नाम तत्काल हटाए जाने के साथ स्नान के लिए डबल लेयर में बैरिकेड लगाने, पार्किंग का तत्काल टेंडर छोड़े जाने से लेकर मंदिर में आने वाले चढ़ावे का प्रशासनिक निगरानी में रखरखाव रखना शामिल है। उधर, करीब छह महीने से चले आ रहे इस विवाद में लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर की जीत मानी जा रही है।
नई व्यवस्था के तहत गंग नहर पर स्थित 20 दुकानों की सिंचाई विभाग नीलामी करेगा। स्नान करने के लिए आने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग विधिवत तरीके से होगी। पार्किंग का ठेका भी सिंचाई विभाग की तरफ से छोड़ा जाएगा। स्नान स्थल के दोनों तरफ पुरुष व महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। उनकी ड्यूटी का अलग से रजिस्टर बनेगा, जिसका सत्यापन हर 15 दिन पर प्रशासन की तरफ से भी किया जाएगा। नहर के दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही गोताखोरों की विशेष टीम तैनात रहेगी। एसडीएम सदर विवेक कुमार मिश्र का कहना है कि मंदिर में चढ़ावे व दान के रखरखाव के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर का एक बैंक खाता खुलवाया जा रहा है, जिसमें हर 15 दिन में धनराशि जमा होगी। प्रतिदिन कितनी धनराशि मंदिर में चढ़ावे के रूप में आई। इसका भी रजिस्टर में रिकार्ड रहेगा। एक दो सदस्यीय प्रशासनिक उपसमिति भी बनाई जा रही है जो सिर्फ मंदिर को मिलने वाले चढ़ावे की निगरानी व पूरा बहीखाता तैयार करेगी।
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ये था पूरा विवाद
लोनी विधायक ने करीब छह-सात महीने पहले आरोप लगाए थे कि मुरादनगर गंग नहर में एक गिरोह सक्रिय है। इसमें कुछ गोताखोर भी शामिल हैं जो स्नान करने वाले लोगों का पैर पकड़ कर नहर में खींच लेते हैं। उसके बाद उनके साथ लूटपाट की जाती है। विधायक ने डीएम रितु माहेश्वरी के समाने कई पीड़ितों को पेश भी किया था। विधायक ने मंदिर के पुजारी पर संरक्षण देने, छोटे हरिद्वार का नाम गलत तरीके से रखे जाने व वित्तीय गड़बड़ियों तक के आरोप लगाए थे, जिन पर डीएम ने एसडीएम मोदीनगर से जांच कराई, जिसमें कुछ बिंदुओं को सही पाया गया। इस पर डीएम ने स्थल की निगरानी व व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित करने के लिए एसडीएम सदर, सीओ सदर, अधिशासी अभियंता सिंर्चाई, अधिशासी अधिकारी मुरादनगर पालिका व एसएचओ मुरादनगर की टीम गठित की। अब कमेटी ने निरीक्षण कर कुछ अहम फैसले लिए हैं। साथ ही एक उपसमिति बनाने का फैसला लिया है।
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