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जनता की प्यास ना बुझा पाने पर ‘नपे’ अधिशासी अभियंता
Updated Sat, 07 Jul 2018 01:16 AM IST
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जनता की प्यास ना बुझा पाने पर ‘नपे’ अधिशासी अभियंता
गाजियाबाद। जनता की प्यास बुझाने के लिए लक्ष्य के मुताबिक हैंडपंप न लगाने पर जल निगम के अधिशासी अभियंता पर जल्द ही गाज गिरने जा रही है। डीएम रितु माहेश्वरी के निर्देश पर प्रशासन ने जल निगम के अधिशासी अभियंता भरत भूषण के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी है। शासन को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि अधिशासी अभियंता शासन व प्रशासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में कोई रुचि नहीं ले रहे हैैं। प्रतिकूल प्रविष्टि किए जाने के बाद भी इनकी तरफ से कार्य में सुधार नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जानी बेहद आवश्यक है। ऐसे में शासन उचित निर्णय लेकर कार्रवाई करे।
सीडीओ रमेश रंजन ने बताया है कि वर्ष 2017-18 के बजट कोटे से सदर क्षेत्र में 60 हैंडपंप लगाने का लक्ष्य दिया गया था। जल निगम के अधिशासी अभियंता भरत भूषण से शुरूआती तीन महीने में महज 14 हैंडपंप लगवाए हैं। जबकि इससे पहले उन्हें बुलाकर सुस्त कार्य के लिए कई दफा मौखिक चेतावनी दी गई। उसके बाद भी कार्य में कोई सुधार नहीं आया है। ऐसी स्थिति में अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। हैरत की बात यह है कि प्रतिकूल प्रविष्टि के बाद भी कार्य में कोई बड़ा सुधार नहीं आया है, जिसको देखते हुए जिलाधिकारी की स्वीकृति के बाद विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। उधर, जल निगम के चीफ इंजीनियर जीपी शुक्ला का कहना है कि उन्हें अभी तक अभियंता के कार्य संबंधी कोई जानकारी नहीं मिली है। शासन या प्रशासन की तरफ से पत्र मिलने पर उनकी तरफ से भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
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गाजियाबाद। जनता की प्यास बुझाने के लिए लक्ष्य के मुताबिक हैंडपंप न लगाने पर जल निगम के अधिशासी अभियंता पर जल्द ही गाज गिरने जा रही है। डीएम रितु माहेश्वरी के निर्देश पर प्रशासन ने जल निगम के अधिशासी अभियंता भरत भूषण के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी है। शासन को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि अधिशासी अभियंता शासन व प्रशासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में कोई रुचि नहीं ले रहे हैैं। प्रतिकूल प्रविष्टि किए जाने के बाद भी इनकी तरफ से कार्य में सुधार नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जानी बेहद आवश्यक है। ऐसे में शासन उचित निर्णय लेकर कार्रवाई करे।
सीडीओ रमेश रंजन ने बताया है कि वर्ष 2017-18 के बजट कोटे से सदर क्षेत्र में 60 हैंडपंप लगाने का लक्ष्य दिया गया था। जल निगम के अधिशासी अभियंता भरत भूषण से शुरूआती तीन महीने में महज 14 हैंडपंप लगवाए हैं। जबकि इससे पहले उन्हें बुलाकर सुस्त कार्य के लिए कई दफा मौखिक चेतावनी दी गई। उसके बाद भी कार्य में कोई सुधार नहीं आया है। ऐसी स्थिति में अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। हैरत की बात यह है कि प्रतिकूल प्रविष्टि के बाद भी कार्य में कोई बड़ा सुधार नहीं आया है, जिसको देखते हुए जिलाधिकारी की स्वीकृति के बाद विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। उधर, जल निगम के चीफ इंजीनियर जीपी शुक्ला का कहना है कि उन्हें अभी तक अभियंता के कार्य संबंधी कोई जानकारी नहीं मिली है। शासन या प्रशासन की तरफ से पत्र मिलने पर उनकी तरफ से भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
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