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कुपोषित बच्चों के घरों में बनेंगे शौचालय
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:20 PM IST
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कुपोषित बच्चों के घरों में बनेंगे शौचालय
- हर घर में बनेगा शौचालय, गांव भी बनेगा ओडीएफ
- बुलंदशहर समेत 39 जिलों के अफसरों को निर्देश किए जारी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। गांवों को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए सरकार राज्य पोषण मिशन का संचालन कर रही है। योजना के तहत गांवों में चिन्हित अतिकुपोषित (लाल श्रेणी), कुपोषित (पीली श्रेणी) के बच्चों के सेहत में सुधार लाने के साथ ही गांव को कुपोषण मुक्त किया जा रहा है। इसी योजना के तहत अब इन क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।
शबरी संकल्प अभियान के तहत कुपोषित बच्चों की सेहत में सुधार के लिए आर्थिक मदद देने की व्यवस्था है। अब गांवों में स्वच्छ वातावरण का सृजन करने के साथ ही खुले में शौच बंद कराने के लिए शासन ने कुपोषित बच्चों के घरों में प्राथमिकता पर शौचालय बनवाने का फैसला किया है। घर में शौचालय बनवाकर गांव को खुले में शौचमुक्त घोषित किया जाएगा। इसके अलावा प्राथमिक स्कूलों में स्वच्छ पेयजल की भी व्यवस्था कराई जाएगी। इसकी जिम्मेदारी डीपीआरओ, एडीओ पंचायत, प्रधान के साथ ही सचिव को भी सौंपी गई है। पंचायती राज के प्रमुख सचिव चंचल कुमार तिवारी ने बुलंदशहर समेत 39 जिले के अफसरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इन जिलों में बुलंदशहर, अलीगढ़, चंदौली, इटावा, एटा, श्रवस्ती, गोंदा, हमीरपुर, मैनपुरी, कन्नौज, फरुखाबाद, बाराबंकी, बहराइच, आजमगढ़, भदोही और गोंडा शामिल हैं।
प्रमुख सचिव का आदेश प्राप्त हो गया है। जिले में अभियान चलाकर कुपोषित बच्चों के घर शौचालय से मुक्त किए जाएंगे। शौचालय बनाने के साथ गांवों को ओडीएफ भी किया जाएगा। - अमरजीत सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी, बुलंदशहर
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- हर घर में बनेगा शौचालय, गांव भी बनेगा ओडीएफ
- बुलंदशहर समेत 39 जिलों के अफसरों को निर्देश किए जारी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। गांवों को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए सरकार राज्य पोषण मिशन का संचालन कर रही है। योजना के तहत गांवों में चिन्हित अतिकुपोषित (लाल श्रेणी), कुपोषित (पीली श्रेणी) के बच्चों के सेहत में सुधार लाने के साथ ही गांव को कुपोषण मुक्त किया जा रहा है। इसी योजना के तहत अब इन क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।
शबरी संकल्प अभियान के तहत कुपोषित बच्चों की सेहत में सुधार के लिए आर्थिक मदद देने की व्यवस्था है। अब गांवों में स्वच्छ वातावरण का सृजन करने के साथ ही खुले में शौच बंद कराने के लिए शासन ने कुपोषित बच्चों के घरों में प्राथमिकता पर शौचालय बनवाने का फैसला किया है। घर में शौचालय बनवाकर गांव को खुले में शौचमुक्त घोषित किया जाएगा। इसके अलावा प्राथमिक स्कूलों में स्वच्छ पेयजल की भी व्यवस्था कराई जाएगी। इसकी जिम्मेदारी डीपीआरओ, एडीओ पंचायत, प्रधान के साथ ही सचिव को भी सौंपी गई है। पंचायती राज के प्रमुख सचिव चंचल कुमार तिवारी ने बुलंदशहर समेत 39 जिले के अफसरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इन जिलों में बुलंदशहर, अलीगढ़, चंदौली, इटावा, एटा, श्रवस्ती, गोंदा, हमीरपुर, मैनपुरी, कन्नौज, फरुखाबाद, बाराबंकी, बहराइच, आजमगढ़, भदोही और गोंडा शामिल हैं।
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प्रमुख सचिव का आदेश प्राप्त हो गया है। जिले में अभियान चलाकर कुपोषित बच्चों के घर शौचालय से मुक्त किए जाएंगे। शौचालय बनाने के साथ गांवों को ओडीएफ भी किया जाएगा। - अमरजीत सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी, बुलंदशहर
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