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रैपिड ट्रेन जमीन खरीद को हरी झंडी
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रैपिड ट्रेन जमीन खरीद को हरी झंडी
गाजियाबाद। सरकार गठन के बाद रैपिड ट्रेन का काम सरपट दौड़ रहा है। बिना कागजी औपचारिकता के अधिकांश विभागों ने खाली पड़ी जमीन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सौंप दी है, जिसके बाद रूट निर्माण का काम शुरू हो गया है। उधर, मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम ने दुहाई में बनने वाले रैपिड ट्रेन डिपो की जमीन खरीद संबंधी मूल्यों के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। अब एनसीआरटीसी की आंतरिक समिति से मंजूरी मिलने और धनराशि जारी होने के बाद जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मौजूदा समय में 67.18 हेक्टेयर जमीन खरीद के लिए 5 अरब 39 करोड़ 53 लाख 400 रुपये की आवश्यकता बताई गई है। इससे भिक्कनपुर, दुहाई और बसंतपुर सैंथली में जमीन खरीदी जानी है। मई में जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति ने तीनों गांवों की जमीन खरीद का मूल्य निर्धारित कर फाइल मंडलायुक्त की स्वीकृति के लिए भेजी थी। इसमें भूमि को सामान्य कृषि, सड़क किनारे और आबादी क्षेत्र में विभाजित कर खरीद मूल्य प्रति वर्ग मीटर निर्धारित किया था। सबसे अधिक मूल्य दुहाई में आबादी बाहुल्य इलाके का 16500 रुपये प्रति वर्र्ग मीटर निर्धारित किया गया था। जबकि सबसे कम 6000 रुपये भिक्कनपुर में सामान्य कृषि भूमि का प्रस्तावित किया था। मंडलायुक्त ने प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर फाइल प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, राजस्व विभाग और शहरी आवास को भेजी है। साथ ही उसकी जानकारी मुख्य परियोजना प्रबंधक एनसीआरटीसी को भी दी गई है।
धनराशि स्वीकृति होते ही शुरू होगी जमीन खरीद
प्रोजेक्ट का काम समय पर पूरा हो सकें, इसके लिए जमीन अधिग्रहण की जगह खरीद की प्रक्रिया को अपना गया है। इसमें प्रशासन की भूमिका जमीन की कीमतें निर्धारित करने और उसका मूल्य दिलवाने की रहेगी। अब कीमतें निर्धारित हो गई, बस इंतजार हैं तो एनसीआरटीसी से प्रस्तावित धनराशि मिलने का। धनराशि मिलने के बाद सीधे किसानों से जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू हो जाएगा। सीधे किसानों के खातों में पैसा जाएगा और उसके बाद किसान निर्धारित जमीन एनसीआरटीसी के पक्ष में हस्तांतरित कर देंगे। माना जा रहा है कि इसी महीने एनसीआरटीसी की तरफ से भी हरी झंडी मिल जाएगी। उसके साथ ही शासन भी जमीन खरीद से जुड़ी औपचारिकताओं को प्रस्ताव के हिसाब से स्वीकृति दे देगा। अगर सब निर्धारित समय पर चलता रहा तो अगले महीने डिपो के लिए जमीन खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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गाजियाबाद। सरकार गठन के बाद रैपिड ट्रेन का काम सरपट दौड़ रहा है। बिना कागजी औपचारिकता के अधिकांश विभागों ने खाली पड़ी जमीन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सौंप दी है, जिसके बाद रूट निर्माण का काम शुरू हो गया है। उधर, मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम ने दुहाई में बनने वाले रैपिड ट्रेन डिपो की जमीन खरीद संबंधी मूल्यों के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। अब एनसीआरटीसी की आंतरिक समिति से मंजूरी मिलने और धनराशि जारी होने के बाद जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मौजूदा समय में 67.18 हेक्टेयर जमीन खरीद के लिए 5 अरब 39 करोड़ 53 लाख 400 रुपये की आवश्यकता बताई गई है। इससे भिक्कनपुर, दुहाई और बसंतपुर सैंथली में जमीन खरीदी जानी है। मई में जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति ने तीनों गांवों की जमीन खरीद का मूल्य निर्धारित कर फाइल मंडलायुक्त की स्वीकृति के लिए भेजी थी। इसमें भूमि को सामान्य कृषि, सड़क किनारे और आबादी क्षेत्र में विभाजित कर खरीद मूल्य प्रति वर्ग मीटर निर्धारित किया था। सबसे अधिक मूल्य दुहाई में आबादी बाहुल्य इलाके का 16500 रुपये प्रति वर्र्ग मीटर निर्धारित किया गया था। जबकि सबसे कम 6000 रुपये भिक्कनपुर में सामान्य कृषि भूमि का प्रस्तावित किया था। मंडलायुक्त ने प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर फाइल प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, राजस्व विभाग और शहरी आवास को भेजी है। साथ ही उसकी जानकारी मुख्य परियोजना प्रबंधक एनसीआरटीसी को भी दी गई है।
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धनराशि स्वीकृति होते ही शुरू होगी जमीन खरीद
प्रोजेक्ट का काम समय पर पूरा हो सकें, इसके लिए जमीन अधिग्रहण की जगह खरीद की प्रक्रिया को अपना गया है। इसमें प्रशासन की भूमिका जमीन की कीमतें निर्धारित करने और उसका मूल्य दिलवाने की रहेगी। अब कीमतें निर्धारित हो गई, बस इंतजार हैं तो एनसीआरटीसी से प्रस्तावित धनराशि मिलने का। धनराशि मिलने के बाद सीधे किसानों से जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू हो जाएगा। सीधे किसानों के खातों में पैसा जाएगा और उसके बाद किसान निर्धारित जमीन एनसीआरटीसी के पक्ष में हस्तांतरित कर देंगे। माना जा रहा है कि इसी महीने एनसीआरटीसी की तरफ से भी हरी झंडी मिल जाएगी। उसके साथ ही शासन भी जमीन खरीद से जुड़ी औपचारिकताओं को प्रस्ताव के हिसाब से स्वीकृति दे देगा। अगर सब निर्धारित समय पर चलता रहा तो अगले महीने डिपो के लिए जमीन खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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