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योगी मंत्रीमंडल में स्थानीय विधायकों को मिल सकती है जगह
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योगी मंत्रिमंडल में स्थानीय विधायकों को मिल सकती है जगह
गाजियाबाद। लोकसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद बृहस्पतिवार को केंद्र में नई सरकार का गठन होने जा रहा है। इसके बाद प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में भी फेरबदल और विस्तार होना है। ऐसे में राजनीतिक सरगर्मी शुरू हो गई है। तमाम विधायक कोशिश में लगे हैं कि इस बार उन्हें भी मंत्री की कुर्सी पर बैठने का अवसर मिल जाए। बताया जा रहा है कि कुछ पुराने मंत्रियों का पत्ता साफ हो सकता है तो उनकी जगह नये चेहरों को मंत्रिमंडल में स्थान दिया जा सकता है। इसके लिए यह भी देखा जा रहा है कि किस विधायक के क्षेत्र में सांसद को कितने वोट मिले।
लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन को देखा जाए तो जिले से दो विधायकों की दावेदारी प्रबल मिली जा रही है। गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र की साहिबाबाद सीट से विधायक सुनील शर्मा और बागपत लोकसभा सीट की मोदीनगर विधानसभा से विधायक डॉ. मंजू सिवाच। दोनों ही विधायकों की अपने सांसदों को जीतने में अहम भूमिका रही है। बागपत लोकसभा सीट से उम्मीदवार डॉ. सत्यपाल सिंह की जीत सिर्फ मोदीनगर विधानसभा के चलते संभव हो सकी है। यहां पर भी शहरी क्षेत्र के 72 हजार मतों में 60 हजार सीधे भाजपा के पक्ष में गए, जिसके पीछे विधायक का बड़ी भूमिका मानी जा रही है। उधर, सांसद वीके सिंह की बड़ी जीत के पीछे साहिबाबाद विधान सभा का बड़ा रोल है। साहिबाबाद से वीके सिंह को 3.39 लाख से अधिक वोट मिले, जबकि गठबंधन प्रत्याशी सुरेश बंसल को सिर्फ 79410 मतों से संतोष करना पड़ा था। छवि के मामले में भी दोनों विधायकों की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। उधर, मंत्रिमंडल में विस्तार या फेरबदल करते वक्त मुख्यमंत्री योगी और संगठन की ध्यान महिलाओं की मौजूदगी पर भी रहेगा। रीता बहुगुणा जोशी के सांसद बनने के बाद मंत्रिमंडल में महिलाओं की हिस्सेदारी कम हुई है। ऐसे में विस्तार करते समय क्षेत्रवार के साथ महिलाओं की मंत्रिमंडल में महिलाओं के प्रतिनिधित्व का ध्यान रखेगी।
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गाजियाबाद। लोकसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद बृहस्पतिवार को केंद्र में नई सरकार का गठन होने जा रहा है। इसके बाद प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में भी फेरबदल और विस्तार होना है। ऐसे में राजनीतिक सरगर्मी शुरू हो गई है। तमाम विधायक कोशिश में लगे हैं कि इस बार उन्हें भी मंत्री की कुर्सी पर बैठने का अवसर मिल जाए। बताया जा रहा है कि कुछ पुराने मंत्रियों का पत्ता साफ हो सकता है तो उनकी जगह नये चेहरों को मंत्रिमंडल में स्थान दिया जा सकता है। इसके लिए यह भी देखा जा रहा है कि किस विधायक के क्षेत्र में सांसद को कितने वोट मिले।
लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन को देखा जाए तो जिले से दो विधायकों की दावेदारी प्रबल मिली जा रही है। गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र की साहिबाबाद सीट से विधायक सुनील शर्मा और बागपत लोकसभा सीट की मोदीनगर विधानसभा से विधायक डॉ. मंजू सिवाच। दोनों ही विधायकों की अपने सांसदों को जीतने में अहम भूमिका रही है। बागपत लोकसभा सीट से उम्मीदवार डॉ. सत्यपाल सिंह की जीत सिर्फ मोदीनगर विधानसभा के चलते संभव हो सकी है। यहां पर भी शहरी क्षेत्र के 72 हजार मतों में 60 हजार सीधे भाजपा के पक्ष में गए, जिसके पीछे विधायक का बड़ी भूमिका मानी जा रही है। उधर, सांसद वीके सिंह की बड़ी जीत के पीछे साहिबाबाद विधान सभा का बड़ा रोल है। साहिबाबाद से वीके सिंह को 3.39 लाख से अधिक वोट मिले, जबकि गठबंधन प्रत्याशी सुरेश बंसल को सिर्फ 79410 मतों से संतोष करना पड़ा था। छवि के मामले में भी दोनों विधायकों की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। उधर, मंत्रिमंडल में विस्तार या फेरबदल करते वक्त मुख्यमंत्री योगी और संगठन की ध्यान महिलाओं की मौजूदगी पर भी रहेगा। रीता बहुगुणा जोशी के सांसद बनने के बाद मंत्रिमंडल में महिलाओं की हिस्सेदारी कम हुई है। ऐसे में विस्तार करते समय क्षेत्रवार के साथ महिलाओं की मंत्रिमंडल में महिलाओं के प्रतिनिधित्व का ध्यान रखेगी।
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