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जिनके बूते बने नंबर वन, उन्हीं को बुलाना भूल गया निगम
Updated Tue, 22 May 2018 01:32 AM IST
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जिनके बूते बने नंबर वन, उन्हीं को बुलाना भूल गया निगम
गाजियाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण में गाजियाबाद को नंबर वन बनाने वाले सफाई कर्मचारियों व सफाई नायकों को दरकिनार कर दिया है। नंबर वन बनने के बाद आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में नगर निगम ने सफाई कर्मचारियों को बुलाया नहीं। इस बात को लेकर कई पार्षद और सफाई कर्मचारी नाराज हैं।
केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण में गाजियाबाद को सफाई में प्रदेश में पहला और फास्टेस्ट मूवर सिटी कैटेगरी में देश में पहला स्थान मिला है। इस उपलब्धि पर नगर निगम प्रशासन ने बीते रविवार को मुख्यालय पर एक कार्यक्रम आयोजित किया। कांग्रेस पार्षद दल के नेता जाकिर सैफी का कहना है कि निगम ने कार्यक्रम किया, लेकिन जिन सफाई कर्मचारियों व सफाई नायकों के बलबूते निगम ने यह उपलब्धि हासिल की है, उन्हें ही निगम अधिकारी कार्यक्रम में बुलाना भूल गए। एक भी कर्मचारी संगठन को कार्यक्रम की सूचना नहीं थी। कार्यक्रम में सिर्फ पार्षदों और अधिकारियों को बुलाया गया। एक तरह से यह सफाई कर्मचारियों का अपमान है। उधर, पार्षद जाकिर ने अपने वार्ड के सफाई कर्मचारियों व नायकों का स्वागत कर उनका सम्मान किया। अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप चौहान का कहना है कि गाजियाबाद को साफ और सुंदर बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों ने जी जान लगा रखी है। नंबर वन आने पर कर्मचारियों को भी सम्मान होना चाहिए था। सम्मान मिलता तो कर्मचारी और उत्साह से काम करते। निगम अधिकारियों सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया।
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गाजियाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण में गाजियाबाद को नंबर वन बनाने वाले सफाई कर्मचारियों व सफाई नायकों को दरकिनार कर दिया है। नंबर वन बनने के बाद आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में नगर निगम ने सफाई कर्मचारियों को बुलाया नहीं। इस बात को लेकर कई पार्षद और सफाई कर्मचारी नाराज हैं।
केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण में गाजियाबाद को सफाई में प्रदेश में पहला और फास्टेस्ट मूवर सिटी कैटेगरी में देश में पहला स्थान मिला है। इस उपलब्धि पर नगर निगम प्रशासन ने बीते रविवार को मुख्यालय पर एक कार्यक्रम आयोजित किया। कांग्रेस पार्षद दल के नेता जाकिर सैफी का कहना है कि निगम ने कार्यक्रम किया, लेकिन जिन सफाई कर्मचारियों व सफाई नायकों के बलबूते निगम ने यह उपलब्धि हासिल की है, उन्हें ही निगम अधिकारी कार्यक्रम में बुलाना भूल गए। एक भी कर्मचारी संगठन को कार्यक्रम की सूचना नहीं थी। कार्यक्रम में सिर्फ पार्षदों और अधिकारियों को बुलाया गया। एक तरह से यह सफाई कर्मचारियों का अपमान है। उधर, पार्षद जाकिर ने अपने वार्ड के सफाई कर्मचारियों व नायकों का स्वागत कर उनका सम्मान किया। अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप चौहान का कहना है कि गाजियाबाद को साफ और सुंदर बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों ने जी जान लगा रखी है। नंबर वन आने पर कर्मचारियों को भी सम्मान होना चाहिए था। सम्मान मिलता तो कर्मचारी और उत्साह से काम करते। निगम अधिकारियों सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया।
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