लाइसेंस बनने पर लगा ब्रेक, नहीं मिल रही अब डेट, मार्च 2019 तक चल रही वेटिंग
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डीएल (ड्राइविंग लाइसेंस) की रफ्तार पर परिवहन विभाग के स्लो सिस्टम की वजह से ब्रेक लग गया है। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद लोगों को डेट मिलनी बंद हो गई हैं। मार्च 2019 तक लाइसेंस बनने की वेटिंग चल रही है। लोगों के लाइसेंस नहीं बन पा रहे हैं। लाचार सिस्टम के आगे लोग बेबस नजर आ रहे हैं। प्रतिदिन ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का 160 लाइसेंस का कोटा था। उसे बढ़ाकर 240 भले ही कर दिया हो, लेकिन लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। दूसरे जिलों की भी हालत कमोबेश यही है।
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन ने आनलाइन लाइसेंस की व्यवस्था शुरू की थी। इसके लिए टेस्ट भी अनिवार्य किया है। जो व्यक्ति टेस्ट पास करेगा, परिवहन विभाग उसी का लाइसेंस जारी करेगा। जिले की आबादी करीब 35 लाख है। प्रतिदिन 500 से 800 लोग डीएल के लिए ऑनलाइन आवेदन करते हैं, उनमें से केवल 160 के लाइसेेंस जारी होते हैं। ज्यादा आवेदन के कारण दिक्कत होने पर विभाग ने लाइसेंस बनाने का कोटा बढ़ाकर 240 प्रतिदिन कर दिया, फिर भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। पहले ऑनलाइन आवेदन करने के बाद एक से दो महीने में टेस्ट देने की तिथि मिल जाती थी, पिछले कुछ दिनों में वेटिंग इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि कुछ लोगों को वर्ष 2019 के किसी भी माह की तिथि नहीं मिल पा रही है। केवल वेटिंग दिखा रहा है। जबकि इससे पूर्व वेबसाइट पर वेटिंग के साथ टेस्ट की तिथि भी लिखी हुई आती है। ऐसी स्थिति में लाइसेंस न बनने के कारण वाहनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लग रहा है, जिन लोगों ने नए वाहन खरीदे हैं या पहली बार वाहन खरीदे हैं। वह चालान के डर से वाहनों को सड़कों पर ले जाने में डर रहे हैं। बिना लाइसेंस के लोगों को भी दिक्कत हो रही है।
अभियान में किए वायदे हो रहे फेल
इन लोगों को नहीं मिली तिथि
लोनी निवासी कुलदीप कुमार, खोड़ा निवासी सुमित, अमित, अनिल देव, महानगर निवासी हिमानी, देवेंद्र कुमार, दिलीप सिंह आदि ने जन सुविधा केन्द्र व नेट से आनलाइन आवेदन किया है, लेकिन इनमें से टेस्ट के लिए किसी कोई तिथि नहीं मिली है।
परिवहन विभाग ने एक महीने तक सड़क सुरक्षा यातायात अभियान चलाया। इसमें स्कूल कॉलेजों के साथ-साथ आम लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया। साथ ही कहा कि प्रत्येक व्यक्ति लाइसेंस बनवाए। बिना लाइसेंस, हेलमेट, सीट बेल्ट के कोई भी वाहन न चलाए। विभाग ने सभी के जल्द लाइसेंस बनवाने का भी आश्वासन दिया। बिना लाइसेंस के होने वाले नुकसान के बारे में भी बताया। अब विभाग ही लाइसेंस नहीं बना पा रहा।
साल के हिसाब से नए वाहनों की संख्या
वर्ष वाहनों की संख्या
2014 122818
2015 128014
2016 74159
2017 87885
2018 75144 (अक्तूबर तक का)