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अबकी बार भी प्रशासन ने नहीं मानी आत्महत्या
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:25 AM IST
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अबकी बार भी प्रशासन ने नहीं मानी आत्महत्या
स्याना क्षेत्र के गांव घनसूरपुर निवासी किसान मदनाल सिंह की मौत के मामले में भी अफसर खेल करने में जुट गए हैं। शनिवार को प्रशासन किसान की आत्महत्या का कारण घरेलू कलह मान रहा था।
वहीं रविवार को अफसरों ने इसको स्वाभाविक मौत करार दे दिया। हर साल दर्जनों किसान साहूकारों के दबाव और गरीबी के चलते मौत को लगे लगा लेते हैं। इसके बावजूद हर बार प्रशासनिक रिपोर्ट लगभग एक जैसी ही होती है।
शुक्रवार रात घनसूरपुर निवासी किसान मदनपाल ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने बताया था कि किसान ने कर्ज होने के कारण जहर खाकर जान दी है।
किसान की मौत की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया था और अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अफसरों ने तत्काल ही इसका खंडन भी शुरू कर दिया था। अधिकारियों का कहना था कि किसान ने घरेलू विवाद के चलते आत्महत्या की है।
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इसके साथ ही डीएम डॉ. रोशन जैकब ने किसान की मौत की जांच को एडीएम प्रशासन अरविंद मिश्रा को आदेश दिया था। एडीएम प्रशासन अरविंद मिश्रा ने रविवार को किसान की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए गांव में पहुंचे और परिजनों के अलावा ग्रामीणों से पूछताछ की।
एडीएम प्रशासन ने दावा किया कि प्रारंभिक जांच में किसान की मौत स्वाभाविक रूप से होना पाया गया है। परिजन और ग्रामीणों से की गई पूछताछ से पता चला है कि किसान मदनपाल काफी समय से बीमार चल रहा था, जिसके चलते उसकी मौत हो गई थी।
जांच रिपोर्ट जल्द ही डीएम को सौंपी जाएगी। दूसरी ओर किसान के परिजन कर्ज के चलते आत्महत्या की बात कह रहे हैं। ग्रामीणों ने एडीएम प्रशासन की जांच रिपोर्ट को सिरे से नकार दिया है।
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स्याना क्षेत्र के गांव घनसूरपुर निवासी किसान मदनाल सिंह की मौत के मामले में भी अफसर खेल करने में जुट गए हैं। शनिवार को प्रशासन किसान की आत्महत्या का कारण घरेलू कलह मान रहा था।
वहीं रविवार को अफसरों ने इसको स्वाभाविक मौत करार दे दिया। हर साल दर्जनों किसान साहूकारों के दबाव और गरीबी के चलते मौत को लगे लगा लेते हैं। इसके बावजूद हर बार प्रशासनिक रिपोर्ट लगभग एक जैसी ही होती है।
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शुक्रवार रात घनसूरपुर निवासी किसान मदनपाल ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने बताया था कि किसान ने कर्ज होने के कारण जहर खाकर जान दी है।
किसान की मौत की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया था और अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अफसरों ने तत्काल ही इसका खंडन भी शुरू कर दिया था। अधिकारियों का कहना था कि किसान ने घरेलू विवाद के चलते आत्महत्या की है।
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इसके साथ ही डीएम डॉ. रोशन जैकब ने किसान की मौत की जांच को एडीएम प्रशासन अरविंद मिश्रा को आदेश दिया था। एडीएम प्रशासन अरविंद मिश्रा ने रविवार को किसान की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए गांव में पहुंचे और परिजनों के अलावा ग्रामीणों से पूछताछ की।
एडीएम प्रशासन ने दावा किया कि प्रारंभिक जांच में किसान की मौत स्वाभाविक रूप से होना पाया गया है। परिजन और ग्रामीणों से की गई पूछताछ से पता चला है कि किसान मदनपाल काफी समय से बीमार चल रहा था, जिसके चलते उसकी मौत हो गई थी।
जांच रिपोर्ट जल्द ही डीएम को सौंपी जाएगी। दूसरी ओर किसान के परिजन कर्ज के चलते आत्महत्या की बात कह रहे हैं। ग्रामीणों ने एडीएम प्रशासन की जांच रिपोर्ट को सिरे से नकार दिया है।