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खुद कचरा निस्तारण न किया तो जाना पड़ सकता है जेल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 02 Mar 2019 01:20 AM IST
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खुद कचरा निस्तारण न किया तो जाना पड़ सकता है जेल
खुद कचरा निस्तारण न किया तो जाना पड़ सकता है जेल
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गाजियाबाद। कचरे का निस्तारण करना अब सिर्फ नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है। बड़े होटलों, अस्पतालों, रेस्तरां और इंडस्ट्रीज को अपनी यूनिट से निकलने वाले कचरे का निस्तारण खुद करना पड़ेगा। कचरे का निस्तारण न किया तो ऐसे बड़े प्रतिष्ठानों के संचालकों को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। नगर निगम जल्द ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 को लागू करने की तैयारी में है।

देश में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से संबंधित नियम बदल गए हैं। इससे पहले रूल्स-2000 लागू थे, लेकिन अब केंद्र सरकार की ओर से सॉलिड वेस्ट मैनजमेंट रूल्स-2016 बना दी गई है। इस पॉलिसी को प्रदेश के हर नगर निकाय में लागू किया जाना है। बीते बृहस्पतिवार को इसको लेकर लखनऊ में सभी नगर आयुक्तों की वर्कशॉप हुई। नगर आयुक्त दिनेश चंद्र ने शुक्रवार को कार्यकारिणी समिति की बैठक के दौरान पार्षदों और महापौर से इस पॉलिसी को शहर में लागू करने का प्रपोजल रखा। कार्यकारिणी समिति ने इस पर सहमति दे दी है। नगर आयुक्त दिनेश चंद्र का कहना है कि नई पॉलिसी को 31 दिसंबर तक हर हाल में लागू करना है। गाजियाबाद में इसे जल्द ही लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पॉलिसी के तहत बड़ी मात्रा में कचरा उत्पादन करने वाले होटल, रेस्तरां, अस्पताल, फूड प्रोसेसिंग करने वाली फैक्ट्रियां या अन्य प्रतिष्ठानों को सॉलिड वेस्ट का निस्तारण अपने स्तर पर करना होगा। इसके लिए उन्हें खुद प्लांट लगाना होगा। नगर निगम उनसे सिर्फ 10 फीसदी गीला कचरा ले सकता है। इसके लिए उन्हें यूजर चार्ज का भुगतान करना पड़ेगा। कचरे का खुद निस्तारण न करने वाले प्रतिष्ठानों के संचालकों पर कानूनी कार्रवाई किए जाने का अधिकार भी इस पॉलिसी में दिया गया है। उन्हें जेल भेजा जा सकता है।
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पॉलिसी के अहम नियम
नगर निगम को कूड़े का पृथकीकरण (गीला-सूखा) कलेक्शन प्वाइंट पर ही कराना होगा।
टक, कांच, लोहा इत्यादि को लैंड फिल साइट पर नहीं भेजा जाएगा, उसे रिसाइकिल किया जाएगा।
किसी भी बड़े प्रतिष्ठान का नक्शा पास करते वक्त कचरा निस्तारण की व्यवस्था करनी होगी।
सेनेट्री लैंड फिल साइट पर बचने वाला गीला कचरा भेजा जाएगा।
बड़े प्रतिष्ठानों के खुद कचरा निस्तारण न करने पर जुर्माना लगाने का अधिकार भी होगा।
बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण अस्पतालों को अपने स्तर से कराना होगा।
सेनेट्री पैड के निस्तारण के लिए स्कूलों और सार्वजनिक शौचालयों में मशीनें लगाई जाएंगी।
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