{"_id":"5a4a94194f1c1b87698c4f94","slug":"121514837017-ghaziabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीस करोड़ से होगा राजनगर एक्सटेंशन का विकास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीस करोड़ से होगा राजनगर एक्सटेंशन का विकास
Updated Tue, 02 Jan 2018 01:33 AM IST
विज्ञापन
20 करोड़ से होगा राजनगर एक्सटेंशन का विकास
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन के रेजिडेंट्स को जल्द ही बेहतरीन सड़क, पानी और सीवर की सौगात मिलने जा रही है। जीडीए इस टाउनशिप में करीब 20 करोड़ की लागत से विकास कार्य कराने जा रहा है। जीडीए वीसी रितु माहेश्वरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जल्द ही क्षेत्र में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की सौगात मिलने जा रही है। जीडीए ने इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। पहले से ही तैयार पडे़ एसटीपी सीवर लाइनों को जोड़ा जा चुका है। सफाई और परीक्षण के बाद अब इसे शुरू किया जाएगा।
एक्सटेंशन की 32 सोसायटी में हजारों परिवारों ने रहना शुरू कर दिया है। इसके बावजूद कूड़ा निस्तारण और सीवर समस्या यहां समाधान नहीं हो सका है। वीसी ने बताया कि जीडीए ने यहां पूर्व में ही 19 करोड़ रुपये की लागत से सीवरलाइन डाल दी थी। इसके साथ ही करीब 78 करोड़ की लागत से 56 एमएलडी की क्षमता वाले एसटीपी का निर्माण भी किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि जीडीए ने 2012 में राजनगर एक्सटेंशन में 21 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। इसके विरोध में मोरटी गांव के कुछ किसान पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्टे दे दिया था। हाईकोर्ट मे सुनवाई के दौरान ही जीडीए एसटीपी का निर्माण कराकर क्षेत्र में सीवर लाइन भी बिछा चुका था। सुप्रीम कोर्ट ने जिस समय इस पर स्टे दिया था उस समय सिर्फ 50 मीटर एरिया की सीवर लाइन एसटीपी से जोड़ा जाना बाकी रह गया था। 20 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने जीडीए के पक्ष में फैसला दिया था। इसके बाद से ही एसटीपी शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन के रेजिडेंट्स को जल्द ही बेहतरीन सड़क, पानी और सीवर की सौगात मिलने जा रही है। जीडीए इस टाउनशिप में करीब 20 करोड़ की लागत से विकास कार्य कराने जा रहा है। जीडीए वीसी रितु माहेश्वरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जल्द ही क्षेत्र में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की सौगात मिलने जा रही है। जीडीए ने इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। पहले से ही तैयार पडे़ एसटीपी सीवर लाइनों को जोड़ा जा चुका है। सफाई और परीक्षण के बाद अब इसे शुरू किया जाएगा।
एक्सटेंशन की 32 सोसायटी में हजारों परिवारों ने रहना शुरू कर दिया है। इसके बावजूद कूड़ा निस्तारण और सीवर समस्या यहां समाधान नहीं हो सका है। वीसी ने बताया कि जीडीए ने यहां पूर्व में ही 19 करोड़ रुपये की लागत से सीवरलाइन डाल दी थी। इसके साथ ही करीब 78 करोड़ की लागत से 56 एमएलडी की क्षमता वाले एसटीपी का निर्माण भी किया जा चुका है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जीडीए ने 2012 में राजनगर एक्सटेंशन में 21 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। इसके विरोध में मोरटी गांव के कुछ किसान पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्टे दे दिया था। हाईकोर्ट मे सुनवाई के दौरान ही जीडीए एसटीपी का निर्माण कराकर क्षेत्र में सीवर लाइन भी बिछा चुका था। सुप्रीम कोर्ट ने जिस समय इस पर स्टे दिया था उस समय सिर्फ 50 मीटर एरिया की सीवर लाइन एसटीपी से जोड़ा जाना बाकी रह गया था। 20 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने जीडीए के पक्ष में फैसला दिया था। इसके बाद से ही एसटीपी शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
विज्ञापन