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लापता फैक्ट्री कर्मचारी का शव मेरठ में पेड़ से लटका मिला
Updated Wed, 31 Oct 2018 05:25 PM IST
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लापता फैक्ट्री कर्मचारी का शव मेरठ में पेड़ से लटका मिला
गाजियाबाद। कविनगर थाना क्षेत्र की यादव नगर कालोनी निवासी फैक्ट्री कर्मचारी का शव मंगलवार को मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र में पेड़ से लटका मिला। पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। वहीं परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है।
लालकुआं के पास स्थित यादव नगर निवासी छेदीपाल गोस्वामी का बेटा अखिलेश गिरी (24) पास में ही एक निजी कंपनी में काम करता था। 26 अक्तूबर की सुबह करीब 10 बजे वह ड्यूटी पर जाने के लिए कहकर घर से निकला था। दोपहर करीब दो बजे अखिलेश के परिजनों ने उसे फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। एक घंटे बाद फोन स्विच आफ हो गया। परिजन फैक्ट्री पहुंचे तो वहां रजिस्टर में उसकी एंट्री नहीं मिली। काफी तलाशने के बाद भी उसका सुराग नहीं मिला तो रविवार को परिजनों ने कविनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
सीओ सेकेंड आतिश कुमार सिंह का कहना है कि कविनगर थाने की दो टीमें अखिलेश की तलाश कर रही थीं। बीच-बीच में उसका फोन खुलता था और फिर बंद हो जाता था। अंतिम लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम मेरठ में थी और अखिलेश को ढूंढ रही थी। मंगलवार सुबह मेरठ पुलिस को खरखौदा थाना क्षेत्र में उसका शव एक पेड़ पर फंदे से लटका मिला। पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने पर मौत की वजह स्पष्ट हो पाएगी।
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परिजनों से फोन पर की थी बात
अखिलेश के परिजनों के मुताबिक सोमवार को अखिलेश ने अपने ही नंबर से घर पर फोन किया था। उसने करीब 8-10 मिनट बात की। उसने बताया था कि उसका अपहरण कर लिया गया है। अपहरण करने वाले उसे मार देंगे। वह किडनी निकालने की बात भी कह रहा था। इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया था। ऐसे में आशंका अपहरण के बाद हत्या की भी जताई जा रही है। पुलिस जांच में जुटी है।
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गाजियाबाद। कविनगर थाना क्षेत्र की यादव नगर कालोनी निवासी फैक्ट्री कर्मचारी का शव मंगलवार को मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र में पेड़ से लटका मिला। पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। वहीं परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है।
लालकुआं के पास स्थित यादव नगर निवासी छेदीपाल गोस्वामी का बेटा अखिलेश गिरी (24) पास में ही एक निजी कंपनी में काम करता था। 26 अक्तूबर की सुबह करीब 10 बजे वह ड्यूटी पर जाने के लिए कहकर घर से निकला था। दोपहर करीब दो बजे अखिलेश के परिजनों ने उसे फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। एक घंटे बाद फोन स्विच आफ हो गया। परिजन फैक्ट्री पहुंचे तो वहां रजिस्टर में उसकी एंट्री नहीं मिली। काफी तलाशने के बाद भी उसका सुराग नहीं मिला तो रविवार को परिजनों ने कविनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
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सीओ सेकेंड आतिश कुमार सिंह का कहना है कि कविनगर थाने की दो टीमें अखिलेश की तलाश कर रही थीं। बीच-बीच में उसका फोन खुलता था और फिर बंद हो जाता था। अंतिम लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम मेरठ में थी और अखिलेश को ढूंढ रही थी। मंगलवार सुबह मेरठ पुलिस को खरखौदा थाना क्षेत्र में उसका शव एक पेड़ पर फंदे से लटका मिला। पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने पर मौत की वजह स्पष्ट हो पाएगी।
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परिजनों से फोन पर की थी बात
अखिलेश के परिजनों के मुताबिक सोमवार को अखिलेश ने अपने ही नंबर से घर पर फोन किया था। उसने करीब 8-10 मिनट बात की। उसने बताया था कि उसका अपहरण कर लिया गया है। अपहरण करने वाले उसे मार देंगे। वह किडनी निकालने की बात भी कह रहा था। इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया था। ऐसे में आशंका अपहरण के बाद हत्या की भी जताई जा रही है। पुलिस जांच में जुटी है।