राशन घोटाले की जांच करेगी एसटीएफ, सीएम योगी ने दिया आदेश
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फर्जी आधार कार्ड व ई-पॉश मशीन से जुड़े सॉफ्टवेयर में सेंधमारी कर करीब 12 करोड़ रुपये के राशन घोटाले की जांच स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर शासन ने एसटीएफ से जांच करने का निर्णय किया है। एसएसपी एसटीएफ ने जांच मिलने के बाद खाद्य तथा रसद विभाग को पत्र लिखकर घोटाले से जुड़ी साक्ष्य मांग लिए हैं। उधर, जांच टीम को साक्ष्य मुहैया कराए जाने के लिए रसद विभाग ने भी एक टीम गठित कर दी है।
एसटीएफ को जांच हेतु साक्ष्य मुहैया कराने के लिए अनूप शंकर अपर आयुक्त को नोडल अधिकारी नामित किया है। नोडल अधिकारी के सहयोग हेतु कमेटी में एनआईसी के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक और खाद्यायुक्त कार्यालय के कंप्यूटर प्रोग्रामर को शामिल किया है। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को भी सूचना भेजी गई है, जिसमें निर्देश दिया गया है कि जांच हेतु एसटीएफ की तरफ से मांगे जाने वाले सभी साक्ष्य को बिना किसी देरी के मुहैया कराया जाए।
उधर, एसटीएफ को जांच सौंपे जाने के बाद खाद्य आपूर्र्ति विभाग के अधिकारियों के लिए चिंताएं बढ़ गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही घोटाले से जुड़े लोगों की गिरफ्तारियों को सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। ध्यान रहे कि प्रदेश भर में 859 आधार कार्ड का इस्तेमाल कर 1.86 लाख दफा राशन निकला लिया गया। गाजियाबाद के आपूर्ति विभाग ने ई-पॉश मशीन से जुड़े सॉफ्टवेयर में सेंधमारी कर राशन निकाले जाने की जानकारी विभाग के खाद्यायुक्त व प्रमुख सचिव को दी थी, जिसके बाद 43 जिलों में घोटाला पकड़ा गया। गाजियाबाद में 102 राशन डीलरों समेत 195 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।