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निपाह से जिले में दहशत, सोशल मीडिया से फैल रहा खौफ
Updated Tue, 29 May 2018 01:27 AM IST
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निपाह से जिले में दहशत, सोशल मीडिया से फैल रहा खौफ
बुलंदशहर। केरल में निपाह वायरस की दस्तक से पूरे देश में हड़कंप मचा है। सोशल मीडिया पर वायरस से लोगों के मौत की भयावह तस्वीर ने हर किसी को बेचैन कर दिया है। संक्रमण के मात्र 48 घंटे के अंदर व्यक्ति को कोमा में भेज देने वाले निपाह वायरस का खौफ सोशल मीडिया के जरिए बुलंदशहर जिले तक आ गया है। चमगादड़ और खजूर, केले को इसका मुख्य वाहक माना जा रहा है। हालांकि कटे और जमीन पर गिरे अन्य फलों से भी संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर लोग असमंजस में हैं।
निपाह वायरस से केरल में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों पीड़ित हैं। पूरे देश में इस खतरनाक वायरस की चर्चा है। लोग एक दूसरे को फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए इस वायरस के संक्रमण से बचने की हिदायत दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर बाकायदा यह बताया जा रहा है कि चमगादड़ से यह वायरस किस तरह मनुष्य तक पहुंच रहा है। चमगादड़ से यह वायरस खजूर, केले एवं अन्य फलों में पहुंचता है। इसके बाद यह वायरस लोगों में फैल रहा है। इसकी चपेट में आने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है, तेज बुखार, सिरदर्द, जलन, बेहोशी छाने लगती है। अब तक इसका कोई इलाज नहीं खोजा जा सका है। व्हाट्सएप पर अपने हिदायत भरे संदेश की पुष्टि के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) का एक पत्र भी भेजा जा रहा है। इसे लेकर सरकार व पूरा तंत्र गंभीर है। शहर में फलों की बिक्री पर भी असर है। जागरूक लोग चिकित्सकों की सलाह पर सचेत हैं। लेकिन तमाम लोग ऐसे हैं जिन्हें इस खतरनाक वायरस के बारे में पता तक नहीं है और वे कटे हुए फलों का लगातार सेवन कर रहे हैं।
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बुलंदशहर। केरल में निपाह वायरस की दस्तक से पूरे देश में हड़कंप मचा है। सोशल मीडिया पर वायरस से लोगों के मौत की भयावह तस्वीर ने हर किसी को बेचैन कर दिया है। संक्रमण के मात्र 48 घंटे के अंदर व्यक्ति को कोमा में भेज देने वाले निपाह वायरस का खौफ सोशल मीडिया के जरिए बुलंदशहर जिले तक आ गया है। चमगादड़ और खजूर, केले को इसका मुख्य वाहक माना जा रहा है। हालांकि कटे और जमीन पर गिरे अन्य फलों से भी संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर लोग असमंजस में हैं।
निपाह वायरस से केरल में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों पीड़ित हैं। पूरे देश में इस खतरनाक वायरस की चर्चा है। लोग एक दूसरे को फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए इस वायरस के संक्रमण से बचने की हिदायत दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर बाकायदा यह बताया जा रहा है कि चमगादड़ से यह वायरस किस तरह मनुष्य तक पहुंच रहा है। चमगादड़ से यह वायरस खजूर, केले एवं अन्य फलों में पहुंचता है। इसके बाद यह वायरस लोगों में फैल रहा है। इसकी चपेट में आने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है, तेज बुखार, सिरदर्द, जलन, बेहोशी छाने लगती है। अब तक इसका कोई इलाज नहीं खोजा जा सका है। व्हाट्सएप पर अपने हिदायत भरे संदेश की पुष्टि के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) का एक पत्र भी भेजा जा रहा है। इसे लेकर सरकार व पूरा तंत्र गंभीर है। शहर में फलों की बिक्री पर भी असर है। जागरूक लोग चिकित्सकों की सलाह पर सचेत हैं। लेकिन तमाम लोग ऐसे हैं जिन्हें इस खतरनाक वायरस के बारे में पता तक नहीं है और वे कटे हुए फलों का लगातार सेवन कर रहे हैं।
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