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आईटीएमएस में अब 111 स्थानों पर लगेंगे आधुनिक उपकरण
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आईटीएमएस में अब 111 स्थानों पर लगेंगे आधुनिक उपकरण
गाजियाबाद। शहर को जाम मुक्त करने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) योजना पर काम तेज हो गया है। योजना में जनवरी के अंत तक निविदा प्रक्रिया शुरू करने के साथ 15 फरवरी तक टेंडर खोलकर एजेंसी का नाम फाइनल कर दिया जाएगा। अब महानगर में 90 की जगह 111 चौराहों और प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी सहित आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल व अन्य उपकरण लगाए जाएंगे। इसके अलावा एलिवेटेड रोड सहित हाइवे पर तीन स्थानों पर वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने को स्पीड गवर्नर लगाए जाएंगे।
इसके साथ ही एक आधुनिक कंट्रोल रूम को संभालने का जिम्मा यातायात पुलिस को दिया जाएगा। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में जीडीए की ओर से 40 करोड़ और नगर निगम 10 करोड़ रुपये खर्च करेगा। 15 फरवरी तक एजेंसी फाइनल होने के बाद पहले चरण में चौराहों के चौड़ीकरण के साथ अन्य उपकरणों को लगाने के लिए सिविल का काम किया जाएगा। सिस्टम के सेटअप का जिम्मा भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) को मिल सकता है। सिस्टम लागू होने से जाम की समस्या का काफी हद तक समाधान हो जाएगा। आईटीएमएस के कंट्रोल रूम से शहर के पूरे ट्रैफिक पर नजर रखी जा सकेगी। तेज रफ्तार, बेतरतीब वाहन चलाने के साथ विपरीत दिशा में आने वाले वाहन चालकों का चालान काटा जा सकेगा।
नौ माह में पूरा होगा काम
- आईटीएमएस के लिए माह के अंत तक सरकारी कंपनी बीएचईएल से एमओयू साइन किया जा सकता है। एजेंसी फाइनल होते ही निर्माण कार्य शुरू होेने के नौ माह के अंदर सिस्टम का काम पूरा करने की तैयारी है। पहले चरण में सिविल वर्क पूरा होने के बाद एजेंसी आधुनिक उपकरण लगाने और कंट्रोल रूम का सेटअप लगाने का काम शुरू करेगी।
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आईटीएमएस में अब 90 की जगह 111 चौराहों को शामिल गया गया है। फरवरी के मध्य तक एजेंसी का चुनाव होने के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
-विवेकानंद सिंह, मुख्य अभियंता, जीडीए
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गाजियाबाद। शहर को जाम मुक्त करने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) योजना पर काम तेज हो गया है। योजना में जनवरी के अंत तक निविदा प्रक्रिया शुरू करने के साथ 15 फरवरी तक टेंडर खोलकर एजेंसी का नाम फाइनल कर दिया जाएगा। अब महानगर में 90 की जगह 111 चौराहों और प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी सहित आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल व अन्य उपकरण लगाए जाएंगे। इसके अलावा एलिवेटेड रोड सहित हाइवे पर तीन स्थानों पर वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने को स्पीड गवर्नर लगाए जाएंगे।
इसके साथ ही एक आधुनिक कंट्रोल रूम को संभालने का जिम्मा यातायात पुलिस को दिया जाएगा। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में जीडीए की ओर से 40 करोड़ और नगर निगम 10 करोड़ रुपये खर्च करेगा। 15 फरवरी तक एजेंसी फाइनल होने के बाद पहले चरण में चौराहों के चौड़ीकरण के साथ अन्य उपकरणों को लगाने के लिए सिविल का काम किया जाएगा। सिस्टम के सेटअप का जिम्मा भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) को मिल सकता है। सिस्टम लागू होने से जाम की समस्या का काफी हद तक समाधान हो जाएगा। आईटीएमएस के कंट्रोल रूम से शहर के पूरे ट्रैफिक पर नजर रखी जा सकेगी। तेज रफ्तार, बेतरतीब वाहन चलाने के साथ विपरीत दिशा में आने वाले वाहन चालकों का चालान काटा जा सकेगा।
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नौ माह में पूरा होगा काम
- आईटीएमएस के लिए माह के अंत तक सरकारी कंपनी बीएचईएल से एमओयू साइन किया जा सकता है। एजेंसी फाइनल होते ही निर्माण कार्य शुरू होेने के नौ माह के अंदर सिस्टम का काम पूरा करने की तैयारी है। पहले चरण में सिविल वर्क पूरा होने के बाद एजेंसी आधुनिक उपकरण लगाने और कंट्रोल रूम का सेटअप लगाने का काम शुरू करेगी।
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आईटीएमएस में अब 90 की जगह 111 चौराहों को शामिल गया गया है। फरवरी के मध्य तक एजेंसी का चुनाव होने के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
-विवेकानंद सिंह, मुख्य अभियंता, जीडीए