{"_id":"5825fd484f1c1bf77eb3b095","slug":"1000-was-taken-by-the-innocent-lives","type":"story","status":"publish","title_hn":"1000 के नोट ने ली मासूम की जान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
1000 के नोट ने ली मासूम की जान
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 11 Nov 2016 10:48 PM IST
विज्ञापन
note
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूजा कालोनी में एक हजार के नोट ने मासूम की जान ले ली। पिता एक हजार का नोट लिए डॉक्टरों के क्लीनिकों के चक्कर काटता रहा, लेकिन किसी ने भी इलाज नहीं किया। आखिरकार मासूम ने पिता की गोद में दम तोड़ दिया। पिता के पास खुले पैसे नहीं होने की वजह से डॉक्टरों ने इलाज से ही इंकार कर दिया।
विज्ञापन
पूजा कालोनी में सिलाई कारीगर हजरत अली, पत्नी बानो और दो बेटों और एक बेटी के साथ रहते हैं। बृहस्पतिवार शाम उनके छोटे बेटे अशफाक आलम (10) की तबीयत अचानक खराब हो गई। बुखार और पेट के दर्द का इलाज कराने के लिए वह डाक्टरों के क्लीनिक के चक्कर काटता रहा लेकिन कहीं भी इलाज नहीं मिला।
विज्ञापन
असल में एक हजार रुपये का नोट होने की वजह से क्लीनिकों में इलाज से इंकार कर दिया गया। करीब ढाई घंटे तक एक क्लीनिक से दूसरे क्लीनिक जाने के बाद पिता पड़ोसी की बाइक पर बैठ कर बेटे को एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन