सीएम और प्रमुख सचिव से संबंध बता रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी, ऐंठे 20 लाख रुपये
- पीड़ित दुकानदार के मुताबिक आरोपियों ने बेटे व भाई की नौकरी लगवाने की एवज में 20 लाख ऐंठे
- पुलिस के कार्रवाई न करने पर सीएम पोर्टल पर की शिकायत, एसएसपी ने लिया संज्ञान
विस्तार
मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव से नजदीकी बता रेलवे में नौकरी के नाम पर दुकानदार से 20 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। विजयनगर थानाक्षेत्र की चरण सिंह कॉलोनी निवासी दुकानदार सुरेश चंद का कहना है कि दो आरोपियों ने उनके बेटे व भाई की नौकरी लगवाने की एवज में उनके साथ ठगी की।
आरोपियों ने दिल्ली के एक अस्पताल में फर्जी मेडिकल परीक्षण भी कराया। पोल खुलने के बाद उन्होंने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, जानकारी लगने पर एसएसपी कलानिधि नैथानी ने भी मामले पर संज्ञान लिया है। उनका कहना है कि पुलिस को जांच शीघ्र समाप्त कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
विजयनगर थानाक्षेत्र की चरण सिंह कॉलोनी में रहने वाले सुरेश चंद का कहना है कि घर में ही उनकी परचून की दुकान है। उनकी दुकान पर महेंद्र और अमरपाल नाम के दो व्यक्ति सामान लेने आते थे। इस दौरान उनसे बातचीत शुरू हुई तो उन्होंने खुद के संबंध रसूखदार लोगों से बताए।
सुरेश का कहना है कि बातचीत के दौरान उक्त दोनों व्यक्ति अपने बेटों की रेलवे में नौकरी लगने की बात करते थे। सुरेश का कहना है कि उन्होंने उनके सामने भी बेटे दीपक गौतम और भाई अरुण कुमार की नौकरी लगवाने का प्रस्ताव रखा। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों के झांसे में आकर वह बेटे व भाई की नौकरी लगवाने को तैयार हो गया।
मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव से बताए अच्छे संबंध
पीड़ित राजेश के मुताबिक दोनों आरोपियों ने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव से उनके अच्छे संबंध हैं। उन्हीं के माध्यम से वह अपने बेटों की नौकरी लगवा रहे हैं। राजेश का कहना है कि बेटे व भाई की नौकरी लगवाने की एवज में आरोपियों ने उनसे 30 लाख रुपये की मांग की। उन्होंने इतनी मोटी रकम देने में असमर्थता जाहिर की तो सौदा 20 लाख रुपये में तय हो गया।
फॉर्म भराया, फर्जी मेडिकल परीक्षण भी कराया
सुरेश का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2018 में दोनों आरोपियों को पैसे दे दिए। इसके बाद उक्त दोनों ने उनके बेटे व भाई का दिल्ली के एक अस्पताल में मेडिकल परीक्षण भी कराया। आरोपियों ने दो महीनों में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया था। साथ ही, इस संबंध में प्रमुख सचिव से बात होने का हवाला भी दिया था। काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी न लगने पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर उक्त लोगों ने हमला करा दिया। थाने में शिकायत करने पर पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाय उल्टे उन्हें भगा दिया। पीड़ित सुरेश का कहना है कि पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर उन्होंने सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
रकम देते समय बना ली गई थी वीडियो
सुरेश चंद ने बताया कि जब उन्होंने बेटे और भाई की रेलवे में नौकरी लगवाने के लिए उक्त लोगों को रकम दी थी तो उनकी वीडियो बना ली थी। उनका कहना है कि सुबूत के तौर पर वीडियो देने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।