यूपी पुलिस का एक और कारनामा, जेल भेजने की धमकी देकर दरोगा ने ली 'ऑनलाइन रिश्वत'
- छेड़छाड़ के मामले में लापरवाही बरतने वाली शास्त्रीनगर चौकी पुलिस का एक और कारनामा
- झगड़े के मामले में दोनों पक्षों को चौकी लाया था दरोगा, छोड़ने की एवज में वसूली रकम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छेड़छाड़ के मामले में लापरवाही बरतने वाली शास्त्रीनगर चौकी पुलिस का एक और कारनामा सामने आया है। झगड़े के आरोप में चौकी लाए गए दो युवकों को जेल भेजने की धमकी देकर दरोगा ने रिश्वत वसूली। हैरत की बात यह है कि युवकों के पास नकद न होने की बात पर दरोगा ने रिश्वत के 10 हजार रुपये खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। पीड़ित युवक ने अपने एक रिश्तेदार से दरोगा का कारनामा बताया तो यह भेद खुला।
जानकारी के मुताबिक सिहानी गेट थाना क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में काम करने वाला युवक गत 12 सितंबर को अपने साथी के साथ किसी काम से शास्त्री नगर आया था। वहां किसी बात को लेकर कुछ युवकों से विवाद हो गया।
फैक्ट्री कर्मचारी के मुताबिक दूसरे पक्ष के एक युवक ने शराब की बोतल फोड़कर उसके पेट में घोंपने की कोशिश की, जिसको लेकर बात बढ़ गई। इसी दौरान वहां से गुजर रहे शास्त्रीनगर चौकी के दरोगा ने उन्हें पकड़ लिया और चौकी ले आए। फैक्ट्री कर्मचारी का कहना है कि उन्होंने खुद को बेकसूर होने का हवाला देते हुए छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन दरोगा नहीं माना।
जेल भेजने की धमकी देकर मांगी रिश्वत...
आरोप है कि दरोगा ने जेल भेजने की धमकी देकर फैक्ट्री कर्मचारी और उसके साथी से रिश्वत मांगी। जेब में पैसे न होने की बात कहने पर दरोगा टेस्ट में आ गया और मुकदमा दर्ज करने की धमकी देने लगा। इस पर फैक्ट्री कर्मचारी ने अकाउंट में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करने की बात कही, जिस पर दरोगा सहमत हो गया।
परिवार की महिला के खाते में ट्रांसफर कराए 10 हजार रुपये...
पुलिस द्वारा पकड़ने के बाद फैक्ट्री कर्मचारी की सूचना पर उसके एक जानकार शास्त्री नगर पुलिस चौकी पहुंच गए। उनका कहना है कि जब तक वह पहुंचे, तब तक दरोगा ऑनलाइन रिश्वत ले चुका। आरोप है कि दरोगा ने अपने परिवार की एक महिला के खाते में 10 हजार रुपये डलवाए, जिसका स्क्रीनशॉट भी उनके पास है।
झगड़े में मेरी कोई गलती नहीं थी, लेकिन उस दौरान मैंने भी ड्रिंक की हुई थी। जिसके चलते मैं पुलिस कार्यवाही से डर गया था। मामला निपटाने के लिए मुझसे जैसा कहा गया, वैसा मैंने कर दिया। इससे आगे मुझे कुछ नहीं कहना है।- पीड़ित फैक्टरी कर्मचारी
किसके खाते में रकम ट्रांसफर हुई है और किसके कहने पर ट्रांसफर की गई है, यह जांच का विषय है। जांच में आरोप सही मिले तो निश्चित तौर पर दरोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस संबंध में कोई शिकायत अभी तक नहीं मिली है।- कलानिधि नैथानी, एसएसपी