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Ghaziabad : भाई-बहन आत्महत्या मामले में नया मोड़, सुसाइड नोट में सौतेली मां और पिता को बताया मौत का जिम्मेदार
Sat, 02 Aug 2025 12:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 02 Aug 2025 12:37 AM IST
सार
सुसाइड नोट में अंजलि ने लिखा है कि हमारी मौत के जिम्मेदार मिस रितु (सौतेली मां) और मिस्टर सुखवीर सिंह (पिता) के अलावा और कोई नहीं है।
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विस्तार
गोविंदपुरम में आईबी में कार्यरत भाई अविनाश और उसकी बहन की आत्महत्या के मामले में सुसाइड नोट मिलने से नया मोड़ आ गया है। बहन अंजलि ने आत्महत्या करने से पहले डायरी के 22 पेजों पर यह सुसाइड नोट लिखा है। अंजलि ने लिखा है कि हमारी मौत के जिम्मेदार मिस रितु (सौतेली मां) और मिस्टर सुखवीर सिंह (पिता) के अलावा और कोई नहीं है। मेरे खाते में पड़े पैसे और पीएफ का हकदार दोस्त होगा और मेरी चिता को मिस रितु और मिस्टर सुखवीर सिंह हाथ न लगाएं। मेरी चिता को आग केवल दोस्त ही देगा। अंजलि ने सुसाइड नोट के पन्नों की फोटो अपने पिता सुखवीर सिंह, सौतेली मां, मौसा अनिल सिंह और मौसी रेखा रानी को व्हाट्सएप पर भेजी है।
इन भाई-बहन ने एक दिन पहले बृहस्पतिवार को आत्महत्या कर ली थी। घर वालों ने कार्रवाई से इंकार कर दिया था और पुलिस ने सुसाइड नोट न मिलने की बात कही थी। हालांकि शुक्रवार को कमरे की तलाश में पुलिस को डायरी में सुसाइड नोट लिखा मिल गया। नोट में अंजलि लिखा है कि समाज के रीति रिवाज और खोखली शान के लिए पिता सुखवीर सिंह और उनकी मां रितु उनका मानसिक उत्पीड़न करते हैं।
रितु देवी की चतुराई के सामने सुखवीर सिंह का अपनी सफाई देना बिल्कुल बेईमानी है। क्योंकि पिता तो सौतेली मां पर विश्वास करते हैं। आगे लिखा है कि ...पापा बच्चे को सिर्फ जन्म देना और केवल स्कूल की फीस भरना ही नहीं होता, उसके साथ समय बिताना, उसकी इच्छा पूरी करना भी होता है। मेरे भाई ने मेहनत करके सरकारी नौकरी पाई है। उसका भी इतना शोषण किया कि वह अपने दोस्तों के साथ कहीं घूमने भी नहीं जा सकता। सुखबीर सिंह आपको पापा कहना अच्छा नहीं लगता। तुम्हें अधिकार नहीं है मेरे शव को छूने का। तुमने अपनी दूसरी शादी के लिए अपने ही बच्चों की खुशियों का गला घोंट दिया है। आपको अपनी पत्नी मुबारक।
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सुसाइड नोट में अंजलि ने बगैर मां के होने पर खुद को अभागन बताया। साथ ही मामा देवेंद्र और मौसा अनिल को संबोधित कर लिखा है कि आप लोग रिश्तेदार हो लेकिन आज तक आप लोगों ने हमारा हाल नहीं जाना। अनिल मौसा के लिए लिखा है कि उनकी बेटी काफी अच्छी है।
मेरे चरित्र पर सवाल उठे और पापा चुप रहे
अंजलि ने सुसाइड नोट में लिखा है कि उनकी सौतेली मां ने उनके चरित्र पर सवाल उठाए। बदनाम किया और बुरा-भला कहा। ऐसे में भी मेरे पिता चुपचाप रहे और मेरी एक न सुनी। कुछ लोग कहेंगे कि मैं बुरी हूं और अपने माता-पिता के बारे में ऐसा लिख रही हूं। मुझे पता है कि सौतेली मां के साथ 16 साल कैसे बिताए हैं। उसका दर्द मेरे सिवा मेरे भाई को भी है।
डायरी के पेज मत फाड़ना...मैं अकेले मरती तो चरित्र पर उठते सवाल
अंजलि ने सुसाइड नोट में अपनी सौतेली मां को चेतावनी दी कि तुम्हारी चालबाजी और चतुराई से वह वाकिफ हैं। इसलिए डायरी पर लिखे ये पेज मत फाड़ना। क्योंकि इनकी फोटो खींचकर मैंने कई लोगों को भेज दी है। तुम्हारी चतुराई पकड़ी जाएगी। मैं अकेली मरती तो मेरे चरित्र पर सवाल उठता। हम दोनों भाई-बहन मानसिक तनाव में हैं। अब समाज में नजरें उठाकर जीकर दिखाना।
मुझे बस मेरे दोस्त ने समझा, उसे गिफ्ट देना चाहूंगी
अंजलि ने अपने एक दोस्त के नाम के साथ लिखा है ...अब सबकुछ तेरे हवाले, मैं अब दुनिया छोड़कर जा रही हूं। मुझे तू ही मुखाग्नि देगा, मेरे माता-पिता और अन्य को शव से हाथ नहीं लगाने देना। तुम मेरे शुभचिंतक हो तुम्हें कुछ गिफ्ट करना चाहती हूं। मेरे खाते के सारे पैसे तुम रख लेना, ये मेरा छोटा सा सपोर्ट है। दूसरे खाते के पैसे एच-352 मकान में रहने वालों को दे देना और मेरी पॉलिसी भी। बाकी सब तेरा है। मैं घर की कलह झेल नहीं पा रही हूं। एक रिश्तेदार ने बताया कि अंजलि का ग्राफिक डिजाइनर दोस्त है और दोनों ने पार्टनरशिप में काम किया है। हालांकि अंजलि कई वर्षों से नोएडा की रैनविक एक्सपोर्ट कंपनी में बतौर टीम लीडर नौकरी करती थीं।
भाई-बहन के आत्महत्या के मामले में युवती का सुसाइड नोट मिला है। कुछ बातें उन्होंने शेयर की हैं। पिता और सौतेली मां को आत्महत्या का जिम्मेदार बताया है। मामले की जांच चल रही है। वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
-धवल जायसवाल, डीसीपी सिटी
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इन भाई-बहन ने एक दिन पहले बृहस्पतिवार को आत्महत्या कर ली थी। घर वालों ने कार्रवाई से इंकार कर दिया था और पुलिस ने सुसाइड नोट न मिलने की बात कही थी। हालांकि शुक्रवार को कमरे की तलाश में पुलिस को डायरी में सुसाइड नोट लिखा मिल गया। नोट में अंजलि लिखा है कि समाज के रीति रिवाज और खोखली शान के लिए पिता सुखवीर सिंह और उनकी मां रितु उनका मानसिक उत्पीड़न करते हैं।
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रितु देवी की चतुराई के सामने सुखवीर सिंह का अपनी सफाई देना बिल्कुल बेईमानी है। क्योंकि पिता तो सौतेली मां पर विश्वास करते हैं। आगे लिखा है कि ...पापा बच्चे को सिर्फ जन्म देना और केवल स्कूल की फीस भरना ही नहीं होता, उसके साथ समय बिताना, उसकी इच्छा पूरी करना भी होता है। मेरे भाई ने मेहनत करके सरकारी नौकरी पाई है। उसका भी इतना शोषण किया कि वह अपने दोस्तों के साथ कहीं घूमने भी नहीं जा सकता। सुखबीर सिंह आपको पापा कहना अच्छा नहीं लगता। तुम्हें अधिकार नहीं है मेरे शव को छूने का। तुमने अपनी दूसरी शादी के लिए अपने ही बच्चों की खुशियों का गला घोंट दिया है। आपको अपनी पत्नी मुबारक।
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सुसाइड नोट में अंजलि ने बगैर मां के होने पर खुद को अभागन बताया। साथ ही मामा देवेंद्र और मौसा अनिल को संबोधित कर लिखा है कि आप लोग रिश्तेदार हो लेकिन आज तक आप लोगों ने हमारा हाल नहीं जाना। अनिल मौसा के लिए लिखा है कि उनकी बेटी काफी अच्छी है।
मेरे चरित्र पर सवाल उठे और पापा चुप रहे
अंजलि ने सुसाइड नोट में लिखा है कि उनकी सौतेली मां ने उनके चरित्र पर सवाल उठाए। बदनाम किया और बुरा-भला कहा। ऐसे में भी मेरे पिता चुपचाप रहे और मेरी एक न सुनी। कुछ लोग कहेंगे कि मैं बुरी हूं और अपने माता-पिता के बारे में ऐसा लिख रही हूं। मुझे पता है कि सौतेली मां के साथ 16 साल कैसे बिताए हैं। उसका दर्द मेरे सिवा मेरे भाई को भी है।
डायरी के पेज मत फाड़ना...मैं अकेले मरती तो चरित्र पर उठते सवाल
अंजलि ने सुसाइड नोट में अपनी सौतेली मां को चेतावनी दी कि तुम्हारी चालबाजी और चतुराई से वह वाकिफ हैं। इसलिए डायरी पर लिखे ये पेज मत फाड़ना। क्योंकि इनकी फोटो खींचकर मैंने कई लोगों को भेज दी है। तुम्हारी चतुराई पकड़ी जाएगी। मैं अकेली मरती तो मेरे चरित्र पर सवाल उठता। हम दोनों भाई-बहन मानसिक तनाव में हैं। अब समाज में नजरें उठाकर जीकर दिखाना।
मुझे बस मेरे दोस्त ने समझा, उसे गिफ्ट देना चाहूंगी
अंजलि ने अपने एक दोस्त के नाम के साथ लिखा है ...अब सबकुछ तेरे हवाले, मैं अब दुनिया छोड़कर जा रही हूं। मुझे तू ही मुखाग्नि देगा, मेरे माता-पिता और अन्य को शव से हाथ नहीं लगाने देना। तुम मेरे शुभचिंतक हो तुम्हें कुछ गिफ्ट करना चाहती हूं। मेरे खाते के सारे पैसे तुम रख लेना, ये मेरा छोटा सा सपोर्ट है। दूसरे खाते के पैसे एच-352 मकान में रहने वालों को दे देना और मेरी पॉलिसी भी। बाकी सब तेरा है। मैं घर की कलह झेल नहीं पा रही हूं। एक रिश्तेदार ने बताया कि अंजलि का ग्राफिक डिजाइनर दोस्त है और दोनों ने पार्टनरशिप में काम किया है। हालांकि अंजलि कई वर्षों से नोएडा की रैनविक एक्सपोर्ट कंपनी में बतौर टीम लीडर नौकरी करती थीं।
भाई-बहन के आत्महत्या के मामले में युवती का सुसाइड नोट मिला है। कुछ बातें उन्होंने शेयर की हैं। पिता और सौतेली मां को आत्महत्या का जिम्मेदार बताया है। मामले की जांच चल रही है। वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
-धवल जायसवाल, डीसीपी सिटी