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Delhi NCR News: बाजारों में पॉलिथीन का जमकर हो रहा उपयोग
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- प्रशासन के ओर से नहीं की जा रही कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। दिल्ली में सिंगल यूज पॉलिथीन पर प्रतिबंध के सरकारी दावों के बावजूद पूर्वी दिल्ली के बाजारों में इसका इस्तेमाल धड़ल्ले से जारी है। शाहदरा, भजनपुरा, लक्ष्मी नगर, कृष्णा नगर, विवेक विहार, सीलमपुर, शास्त्री पार्क और पुश्ता रोड जैसे प्रमुख बाजारों में दुकानदार ग्राहकों को पॉलिथीन में सामान दे रहे हैं।
बाजारों में पड़ताल के दौरान सामने आया कि अधिकांश दुकानदार पॉलिथीन को सबसे सुविधाजनक और सस्ता विकल्प मानते हैं। उनका कहना है कि कागज और कपड़े के बैग की लागत अधिक है। इससे उनके कारोबार का खर्च बढ़ जाता है। कई व्यापारी बताते हैं कि ग्राहकों से बैग के लिए शुल्क मांगने पर वे नाराज हो जाते हैं। ऐसे में मजबूरी में उन्हें पॉलिथीन का सहारा लेना पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि कुछ समय तक कार्रवाई होती है, फिर स्थिति पहले जैसी हो जाती है।
पॉलिथीन जल निकासी व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाती है। यह नालियों और सीवर में फंसकर बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बढ़ा देती है। खुले में फेंकी गई पॉलिथीन मिट्टी और जल स्रोतों को भी प्रदूषित करती है। पूर्वी दिल्ली में जलभराव की समस्या पहले से ही गंभीर है, जिसमें प्लास्टिक कचरा बड़ी भूमिका निभाता है। खरीदारों का मानना है कि केवल जुर्माने से समाधान नहीं होगा। प्रशासन को सख्त कार्रवाई, जनजागरूकता और कम लागत वाले वैकल्पिक बैग उपलब्ध कराने होंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। दिल्ली में सिंगल यूज पॉलिथीन पर प्रतिबंध के सरकारी दावों के बावजूद पूर्वी दिल्ली के बाजारों में इसका इस्तेमाल धड़ल्ले से जारी है। शाहदरा, भजनपुरा, लक्ष्मी नगर, कृष्णा नगर, विवेक विहार, सीलमपुर, शास्त्री पार्क और पुश्ता रोड जैसे प्रमुख बाजारों में दुकानदार ग्राहकों को पॉलिथीन में सामान दे रहे हैं।
बाजारों में पड़ताल के दौरान सामने आया कि अधिकांश दुकानदार पॉलिथीन को सबसे सुविधाजनक और सस्ता विकल्प मानते हैं। उनका कहना है कि कागज और कपड़े के बैग की लागत अधिक है। इससे उनके कारोबार का खर्च बढ़ जाता है। कई व्यापारी बताते हैं कि ग्राहकों से बैग के लिए शुल्क मांगने पर वे नाराज हो जाते हैं। ऐसे में मजबूरी में उन्हें पॉलिथीन का सहारा लेना पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि कुछ समय तक कार्रवाई होती है, फिर स्थिति पहले जैसी हो जाती है।
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पॉलिथीन जल निकासी व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाती है। यह नालियों और सीवर में फंसकर बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बढ़ा देती है। खुले में फेंकी गई पॉलिथीन मिट्टी और जल स्रोतों को भी प्रदूषित करती है। पूर्वी दिल्ली में जलभराव की समस्या पहले से ही गंभीर है, जिसमें प्लास्टिक कचरा बड़ी भूमिका निभाता है। खरीदारों का मानना है कि केवल जुर्माने से समाधान नहीं होगा। प्रशासन को सख्त कार्रवाई, जनजागरूकता और कम लागत वाले वैकल्पिक बैग उपलब्ध कराने होंगे।
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