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गाजियाबादः संक्रमित बेटी को भर्ती कराने को रात 12 बजे तक अस्पताल में बैठी रही मां, एंंबुलेंस नहीं आई तो लौटी घर

Tue, 07 Jul 2020 05:08 PM IST
पूजा त्रिपाठी माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 07 Jul 2020 05:08 PM IST
सार

- महिला अस्पताल में दोपहर में हुई संक्रमण की पुष्टि
-रात 12 बजे तक नहीं आई एंबुलेंस, बच्ची मां के साथ गई घर   

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Ghaziabad mother sat outside hospital till 12 in the night with corona positive daughter no ambulance came they went again to home
कोरोना वायरस (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गाजियाबाद में कोरोना संक्रमण और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की उदासीनता के लोग परेशान हैं। रविवार को संक्रमण की पुष्टि होने के बाद दोपहर से रात 12 बजे तक 11 वर्षीय बच्ची अपनी मां के साथ भूखी-प्यासी महिला अस्पताल में बैठी रही।

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रात 12 बजे तक एंबुलेंस नहीं आई तो बच्ची की मां ने 112 नंबर पर कॉल की लेकिन वहां से भी मदद नहीं मिली तो बच्ची को लेकर मां घर गई चली गई। दूसरे दिन भी बच्ची को अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा सका था।
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गोविंदपुरम की एक सोसायटी में रहने वाले परिवार में एक व्यक्ति को कई दिन से बुखार व सांस लेने में परेशानी हो रही थी। जांच कराने पर संक्रमण की पुष्टि हुई तो वह नेहरू नगर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हो गए। इसके बाद एहतियात के तौर उनकी पत्नी व बेटी ने महिला अस्पताल में जाकर रविवार को जांच कराई।

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भूखी प्यासी मां-बेटी को अस्पताल के बाहर से ही लौटना पड़ा वापस

एंटीजन किट से जांच में बेटी संक्रमित मिली, जबकि मां की रिपोर्ट क्लियर न होने से जांच के लिए सैंपल लिया गया। बच्ची की मां ने बताया कि अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने कहा कि संक्रमण की पुष्टि हुई है, इसलिए आप घर नहीं जाएंगी। अभी एंबुलेंस आ रही है। स्टाफ ले जाकर दिव्य ज्योति मोदीनगर में भर्ती कराएगा।

बार-बार कहने के बावजूद न तो रात 12 बजे तक एंबुलेंस आई और न ही बच्ची को कुछ खाने-पीने को दिया जा सका। रात 11:30 बजे बच्ची की मां ने 112 नंबर पर कॉल की तो बताया गया कि गाड़ी आ रही है लेकिन उसका खर्चा आपको देना पड़ेगा।

बच्ची की मां ने खर्च देने की भी सहमति जता दी, इसके बावजूद न तो कोई गाड़ी आई और न ही बच्ची को भर्ती किया गया। रात 12 बजे कहा गया कि महिला अस्पताल के ही आइसोलेशन में भर्ती कर दिया जाए।

आरोप है कि अस्पताल के गार्ड ने अस्पताल के अंदर ही नहीं घुसने दिया। मजबूरी में वह किसी तरह से रात में घर चली गईं। सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है लेकिन एंबुलेंस भेजकर बच्ची को भर्ती कराया जा रहा है।

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