दरोगा ने थाने में गोली मारकर की खुदकुशी, सामने आई सोचने को मजबूर कर देने वाली वजह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मूलरूप से अलीगढ़ के नया गांव के रहने वाले सब इंस्पेक्टर विजय कुमार ठेनुआ (42) मंगलवार को नाइट ड्यूटी करके तड़के चार बजे थाने के स्टाफ क्वार्टर में लौटे थे। उन्होंने सुबह छह बजे तनाव में आकर सर्विस रिवाल्वर से दाहिनी ओर कनपटी पर गोली मार ली।
रूममेट मुंशी ने अन्य पुलिसकर्मियों को सूचना दी। यशोदा अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। एसएसपी वैभव कृष्ण का कहना है कि शुरुआती जांच में विजय के अकसर डिप्रेशन में रहने की बात सामने आ रही है। रिवॉल्वर बरामद कर ली गई है।
डिप्रेशन और विवेचनाओं के बोझ ने ले ली विजय की जान
पुलिसकर्मियों पर ड्यूटी, लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना, अपराध नियंत्रण और केसों की विवेचनाओं का भार इतना है कि इससे परेशान होकर वे मौत को गले लगा रहे हैं। दरोगा विजय कुमार ठेनुआ भी 100 से अधिक केसों की विवेचनाएं कर रहे थे, जिसके चलते वह अपने परिवार से बात भी नहीं कर पाते थे। परिजनों की मानें तो वह कई-कई दिन पर फोन करते थे।
बताते थे कि काम का भार है, बाद में बात करूंगा। हाल चाल पूछने के बाद फोन रख देते थे। इसके अलावा विजय समेत चार पर चार महीने पहले मथुरा की नगर कोतवाली में धारा 307, 147 और 148 का मुकदमा दर्ज किया गया था।
आरोप था कि उन्होंने कृष्णा नगर कालोनी में रहने वाले युवक पर जानलेवा हमला कर बवाल किया था। इसके चलते वह डिप्रेशन में रहते थे, जिसकी दवाई भी खाते थे।
पढ़ें कब क्या हुआ
मंगलवार शाम सात बजे से नाइट ड्यूटी
आठ बजे परिजनों से बातचीत
सुबह चार बजे थाने के कमरे में लौटे
सुबह साढ़े छह बजे गोली मारी
सुबह छह बजकर 40 मिनट सर्वोदय में भर्ती
सुबह छह बजकर 50 मिनट पर यशोदा रेफर
सुबह नौ बजे मृतक घोषित
सुबह 11 बजे परिजन गाजियाबाद पहुंचे
दोपहर दो बजे पोस्टमार्टम हुआ