संवेदनहीनताः कोरोना संक्रमित महिला के अंतिम संस्कार को छह घंटे बाद मिली एंबुलेंस
- स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, दोपहर तीन बजे पहुंची एम्बुलेंस
- परिवार के लोग कोरोना हेल्पलाइन नंबर पर लगातार कर रहे थे संपर्क
विस्तार
साहिबाबाद में कोविड-19 से बुजुर्ग की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मामला लोनी-भोपुरा रोड की एक सोसायटी का है। बुधवार की सुबह 65 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला की कोरोना से मौत होने के बाद उनका शव छह घंटे तक गाड़ी में रहा।
परिवार के लोग स्वास्थ्य विभाग से सम्पर्क करते रहे। दोपहर करीब तीन बजे एम्बुलेंस पहुंचने के बाद परिवार के लोगों ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की। वहीं, परिवार के पांच सदस्यों को भी कोरोना संक्रमित होने की बात कही जा रही है।
नाम न छापने का अनुरोध करते हुए सोसायटी में एओए के एक पदाधिकारी ने बताया कि जी ब्लॉक में 65 वर्षीय महिला अपने परिवार के साथ रहती थीं। कुछ दिनों पहले उनकी तबीयत खराब होने के बाद परिवार ने उनका दिल्ली के अस्पताल में कोविड-19 टेस्ट कराया।
वहां से रिपोर्ट आने के बाद प्रबंधन ने उन्हें गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा। सोसायटी के सूत्र ने बताया कि बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह दिल्ली से लौटकर गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती होने के लिए जा रहे थे। इस बीच परिवार के लोग कोरोना हेल्पलाइन पर सम्पर्क कर रहे थे। मगर रास्ते में ही बुजुर्ग महिला की मौत होने के बाद परिवार के लोग वापस घर लौट आए।
करीब नौ बजे उन्होंने गाड़ी को सोसायटी के कम्पाउंड में खड़ा कर दिया। इसके बाद एओए को सूचना दी। एओए ने भी कोविड-19 हेल्पलाइन पर फोन कर एम्बुलेंस भेजने के लिए कहा। उधर, कोरोना संक्रमण फैलने के डर से सोसायटी से कोई भी शव को हाथ नहीं लगा रहा था।
ऐसे में करीब छह घंटे तक शव गाड़ी के अंदर ही रहा। दोपहर तीन बजे स्वास्थ्य विभाग से एम्बुलेंस पहुंचने के बाद मृतका का अंतिम संस्कार हो सका। इसके बाद परिवार के पांचों सदस्य भी होम क्वारंटीन हो गए।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। कोरोना संक्रमित मरीज की सूचना मिलने के बाद एम्बुलेंस तुरंत रवाना हो जाती है। इस मामले में दिल्ली से रिपोर्ट देरी से मिलने और कागजी कार्रवाई करने में दिक्कत आ गई होगी।