गाजियाबादः ट्रेन से जाने के लिए उमड़ा श्रमिकों का सैलाब, नियमों की उड़ीं धज्जियां, 4000 लोगों का हुआ पंजीकरण
गाजियाबाद से आज मजदूरों को लेकर छह ट्रेनें रवाना होने वाली हैं। इनमें यूपी के तीन रूट पर जाने वाली ट्रेनों के लिए श्रमिक कविनगर रामलीला मैदान में जुटे हैं, जबकि बिहार जाने वाली तीन ट्रेनों के लिए श्रमिक घंटाघर रामलीला मैदान में एकत्र हुए हैं। इन दोनों ही जगहों पर श्रमिकों की संख्या हजारों में है। वहीं इस मुद्दे पर अब प्रियंका गांधी का ट्वीट आया है जिसमें उन्होंने यूपी सरकार पर मदद न लेने का आरोप लगाया है।
कोरोना महामारी के प्रकोप का यहां कोई डर नहीं दिखाई दे रहा। लोग किसी तरह के नियम का पालन करते नहीं दिख रहे। सामाजिक दूरी, मास्क, ग्लब्स आदि किसी भी तरह के नियम का पालन यहां नहीं हो रहा।
वहीं अमर उजाला के संवाददाता ने बताया कि इन जगहों पर आरोग्य सेतू एप देखा तो पता चला कि आधा किलोमीटर के अंदर ही कोरोना संक्रमित भी हैं। जिससे यहां मौजूद हजारों लोगों को कोरोना का खतरा है।
कितने लोगों का हुआ पंजीकरण
बिहार रूट की तीन ट्रेनों के लिए जिला प्रशासन रामलीला मैदान घंटाघर में अब-तक करीब 4000 लोगों को पंजीकरण कर उन्हें पास जारी कर चुका है। अभी भी करीब 3000 लोग रामलीला मैदान में ऐसे हैं जिनका पंजीकरण नहीं हो पाया है और वह घर जाने का प्रयास कर रहे हैं |
प्रशासन ने फिलहाल पंजीकरण की प्रक्रिया रोक दी है, जिसे लेकर श्रमिकों ने विरोध किया। एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह और एसपी सिटी मनीष मिश्र ने लोगों को किसी तरह समझाया और शांत किया। लोग अभी भी जिद पर अड़े हैं कि उन्हें किसी भी हाल में घर भेजा जाए।
प्रियंका गांधी ने यूपी सरकार पर लगाए ये आरोप
प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले में यूपी सरकार पर कांग्रेस से मदद न लेने का आरोप लगाय है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'बात की, बसों को उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर लाकर खड़ा किया तो यूपी सरकार को राजनीति सूझती रही और हमें परमिशन तक नहीं दी। विपदा के मारे लोगों को कोई सहूलियत देने के लिए सरकार न तो तैयार है और कोई मदद दे तो उससे इंकार है।'
प्रियंका ने अगले ट्वीट में लिखा, 'प्रवासी मजदूरों की भारी संख्या घर जाने के लिए गाजियाबाद के रामलीला मैदान में जुटी है। यूपी सरकार से कोई व्यवस्था ढंग से नहीं हो पाती। यदि एक महीने पहले इसी व्यवस्था को सुचारू रूप से किया जाता तो श्रमिकों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। कल हमने 1000 बसों का सहयोग देने की थी।'
प्रवासी मजदूरों की भारी संख्या घर जाने के लिए गाजियाबाद के रामलीला मैदान में जुटी है। यूपी सरकार से कोई व्यवस्था ढंग से नहीं हो पाती। यदि एक महीने पहले इसी व्यवस्था को सुचारू रूप से किया जाता तो श्रमिकों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) May 18, 2020
कल हमने 1000 बसों का सहयोग देने की ..1/2 pic.twitter.com/06N47gg94T