फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   ghaziabad air turns hazardous aqi recorded at 999 all day smog

NCR की दमघोंटू हवा: पूरे दिन छाई रही धुंंध, गाजियाबाद में दोपहर तीन बजे 999 पर पहुंचा एक्यूआई

Wed, 04 Nov 2020 08:01 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 04 Nov 2020 08:01 PM IST
विज्ञापन
ghaziabad air turns hazardous aqi recorded at 999 all day smog
गाजियाबाद में प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला

दिवाली से पहले ही दिल्ली-एनसीआर की हवा दमघोंटू हो चुकी है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में सबसे ज्यादा आज गाजियाबाद की वायु गुणवत्ता खराब है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम में दोपहर तीन बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 999 दर्ज किया गया। यह खतरनाक स्तर में आता है।

विज्ञापन


बता दें कि आज सुबह ही गाजियाबाद में धुंध छाई हुई है। लोगों को सांस लेने में भी काफी परेशानी हो रही है। सांस के रोगियों के लिए गाजियाबाद की ये हवा जानलेवा है। इसमें पीएम 2.5 614 और पीएम 10- 999 दर्ज किया गया है।गाजियाबाद के वसुंधरा में एक्यूआई 661, नोएडा सेक्टर-62 में 796, दिल्ली के आनंद विहार में 672, झिलमिल में 572 और आरके पुरम में 506 दर्ज किया गया है।
विज्ञापन


aqicn.org वेबसाइट के मुताबिक गाजियाबाद के संजय नगर क्षेत्र में शाम को वायु गुणवत्ता का स्तर 999 तक पहुंच गया था। वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मोबाइल एप "समीर" के मुताबिक दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर 386 है, जबकि गाजियाबाद में यह आंकड़ा 428 दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हवा और मौसम से पड़ता है प्रभाव
अक्तूबर का महीना आते-आते उतर पश्चिम भारत से मानसून की लगभग वापसी हो जाती है। वहीं,  गर्मी के मौसम में हवाओं का रुख पूर्व दिशा की ओर रहता है। ऐसे में बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाएं अपने साथ नमी लेकर आती हैं। इस वजह से जून से लेकर सितंबर तक बारिश देखने को मिलती है,लेकिन अक्तूबर महीने के बाद हवाओं का रुख पूर्व दिशा से उतर- पश्चिम दिशा की ओर हो जाता है। इसके साथ ही मानसून की भी पूरी तरह से विदाई हो जाती है। ऐसे में इस दिशा से आने वाली हवाएं अफगानिस्तान, पाकिस्तान और कई बार राजस्थान से भी अपने साथ धूल लेकर चलती है। इस वजह से सर्दी के मौसम में राजधानी में प्रदूषण के तत्वों को बढ़ने में सहायता मिलती है।

तापमान भी है महत्वपूर्ण कारक  

राजधानी में प्रदूषण के बढ़ने में तापमान भी महत्वपूर्ण कारक है। हवा के रुख के बदलने के साथ इन दिनों तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाती है। इसका सीधे तौर पर असर वेंटिलेशन इंटेक्स पर पड़ता है। ऐसे में यदि वेंटिलेशन इंडेक्स छह हजार वर्ग मीटर प्रति सेकंड और 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम हवाओं के साथ होता है तो इससे प्रदूषण को बढ़ने में मदद मिलती है।

यही वजह है कि तापमान में गिरावट दर्ज होने के साथ वेंटिलेशन इंडेक्स भी घट जाता है। स्काईमेट वेदर के प्रमुख वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि गर्मी के मौसम में हवा गर्म व हल्की होती है। इस वजह से प्रदूषण के तत्व उड़ जाते हैं, वहीं सर्दी के मौसम में हवा के ठंडी और भारी होने के कारण प्रदूषण के तत्व हवा में जम जाते हैं। जिस वजह से प्रदूषण के तत्व हवा के निचले स्तर पर जमे रहते हैं। वहीं, हवा की अधिक गति न होने की वजह से भी प्रदूषण तत्व दिल्ली को प्रदूषित करने का काम करते हैं।

वाहनों का प्रदूषण भी जिम्मेदार 
राजधानी में प्रदूषण के लिए न सिर्फ मौसम और हवा जिम्मेदार हैं वरन वाहनों और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला प्रदूषण भी इसके लिए बराबर भागीदार माना जाता है। इस संबंध में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य डॉक्टर एसएन त्रिपाठी बताते हैं कि राजधानी में वाहनों का प्रदूषण ही करीब 16 फीसदी प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है।

उन्होंने बताया कि हालांकि, इस दिशा में सरकार द्वारा वाहनों के बीएस6 इंजन को लाया गया है। जिससे कुछ हद तक प्रदूषण पर कमी पाई जा सकती है, लेकिन यदि सभी वाहनों को बीएस6 कर दिया जाए तो वाहनों से होने वाले 15 फ़ीसदी प्रदूषण को करीब आधा तक किया जा सकता है। वहीं, इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला प्रदूषण भी इसके लिए बराबर जिम्मेदार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed