लंदन के मेयर के सामने भारतीय महापौर का अपमान!
लंदन के साउथ वार्क के पहले भारतवंशी मेयर सुनील चोपड़ा के सम्मान समारोह में गाजियाबाद के प्रथम नागरिक महापौर तेलूराम काम्बोज उखड़ गए।
महापौर की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि मंच संचालन कर रहे भाजपा नेता मयंक गोयल ने भारतवंशी मेयर का स्वागत उनसे पहले आरकेजीआईटी के चेयरमैन दिनेश गोयल से करा दिया।
बाद में मेयर ने खुद ही उठकर शॉल व प्रतीक चिह्न लाकर साउथ वार्क के मेयर सुनील चोपड़ा और उनकी धर्मपत्नी वर्षा चोपड़ा को सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में हुए इस घटनाक्रम से सभी आश्चर्यचकित रह गए।
मेयर का कहना था कि वह शहर के प्रथम नागरिक हैं और नियमानुसार पहले उनसे ही विदेशी मेहमानों का स्वागत कराना चाहिए था। हालांकि इसके बाद मेयर शांत हो गए और पूरे कार्यक्रम में शिरकत भी की।
'हिंदुस्तान दिल में बसा है'
लंदन के साउथवार्क में पहले भारतवंशी मेयर सुनील चोपड़ा ने कहा कि देश से मैं भले ही काफी दूर हूं, लेकिन दिल में हिंदुस्तान बसा है। उन्होंने भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में भारत ने कई ऊंचाईयां प्राप्त की हैं।
बेसिक और स्कूली शिक्षा में बच्चों को मोरल सपोर्ट देने की बात कही। उन्होंने बताया कि लंदन में काउंसलर का कार्यक्रम चार साल का होता है, जबकि मेयर का कार्यकाल एक साल का होता है।
हर साल नए मेयर के चुनाव और उसकी नई सोच से काम और अच्छी तरह से होता है। उन्होंने कहा कि विकास को रफ्तार देने के लिए सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। भारत में इस ओर कार्य करने की जरूरत है।