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Sachin Bishnoi: अजरबैजान से अमेरिका भागने की फिराक में था सचिन, समय से जारी हुए रेड कॉर्नर नोटिस से शिकंजे...
Fri, 04 Aug 2023 03:26 PM IST
शाहरुख खान
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 04 Aug 2023 03:26 PM IST
सार
स्पेशल सेल के सूत्रों ने बताया कि सचिन फर्जी पासपोर्ट से विदेश भागा था। पुलिस को फर्जी पासपोर्ट मिल गया था। इसके बाद पंजाब पुलिस व दिल्ली पुलिस ने नोडल एजेंसी से मिलकर सचिन का आरसीएन जारी करवा दिया था। इसके बाद पासपोर्ट ब्लैक लिस्टेड हुआ तो वह अमेरिका भागने की फिराक में था।
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सचिन बिश्नोई
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जिस तरह से गैंगस्टर दीपक बॉक्सर को विदेश से पकड़ा था, उसी तरह सतर्कता दिखाते हुए अजरबैजान से लारेंस बिश्नोई के भांजे सचिन बिश्नोई को दबोचा गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सचिन का रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) समय से जारी करवा दिया था। इससे आरोपी अजरबैजान में फंस गया था।
स्पेशल सेल के सूत्रों ने बताया कि सचिन फर्जी पासपोर्ट से विदेश भागा था। पुलिस को फर्जी पासपोर्ट मिल गया था। इसके बाद पंजाब पुलिस व दिल्ली पुलिस ने नोडल एजेंसी से मिलकर सचिन का आरसीएन जारी करवा दिया था। इसके बाद पासपोर्ट ब्लैक लिस्टेड हुआ तो वह अमेरिका भागने की फिराक में था। गोल्डी बराड़ की तरह सचिन अमेरिका से भारत में अपराध का सिंडिकेट चलाने की तैयारी में था।
इस बीच कनाड़ा में बैठे गोल्डी ने सचिन को फोन कर अजरबैजान में ही रहने को कहा था। गोल्डी ने दूसरा पासपोर्ट बनवाकर भेजने की बात कही थी। नए पासपोर्ट से सचिन की अमेरिका भागने की तैयारी थी, लेकिन अजरबैजान पुलिस ने उसे पकड़कर डिटेंशन सेंटर में डाल दिया। सचिन डिटेंशन सेंटर में करीब एक वर्ष तक रहा। उसने उम्मीद छोड़ दी थी कि वह सेंटर से बाहर निकल पाएगा। इस कारण सचिन ने वहां की कोर्ट में दूसरी अपील दाखिल नहीं की थी।
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इधर, दिल्ली पुलिस आयुक्त के एसओ मनीषी चंद्रा व स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल ने अजरबैजान व इंटरपोल अधिकारियों से लगातार बात जारी रखी।
इसके बाद पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम की देखरेख में एसीपी राहुल विक्रम, इंस्पेक्टर निशांत दहिया व एसआई मंजीत की टीम अजरबैजान गई और सचिन को मंगलवार को दिल्ली लेकर आ गई।
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स्पेशल सेल के सूत्रों ने बताया कि सचिन फर्जी पासपोर्ट से विदेश भागा था। पुलिस को फर्जी पासपोर्ट मिल गया था। इसके बाद पंजाब पुलिस व दिल्ली पुलिस ने नोडल एजेंसी से मिलकर सचिन का आरसीएन जारी करवा दिया था। इसके बाद पासपोर्ट ब्लैक लिस्टेड हुआ तो वह अमेरिका भागने की फिराक में था। गोल्डी बराड़ की तरह सचिन अमेरिका से भारत में अपराध का सिंडिकेट चलाने की तैयारी में था।
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इस बीच कनाड़ा में बैठे गोल्डी ने सचिन को फोन कर अजरबैजान में ही रहने को कहा था। गोल्डी ने दूसरा पासपोर्ट बनवाकर भेजने की बात कही थी। नए पासपोर्ट से सचिन की अमेरिका भागने की तैयारी थी, लेकिन अजरबैजान पुलिस ने उसे पकड़कर डिटेंशन सेंटर में डाल दिया। सचिन डिटेंशन सेंटर में करीब एक वर्ष तक रहा। उसने उम्मीद छोड़ दी थी कि वह सेंटर से बाहर निकल पाएगा। इस कारण सचिन ने वहां की कोर्ट में दूसरी अपील दाखिल नहीं की थी।
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इधर, दिल्ली पुलिस आयुक्त के एसओ मनीषी चंद्रा व स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल ने अजरबैजान व इंटरपोल अधिकारियों से लगातार बात जारी रखी।
इसके बाद पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम की देखरेख में एसीपी राहुल विक्रम, इंस्पेक्टर निशांत दहिया व एसआई मंजीत की टीम अजरबैजान गई और सचिन को मंगलवार को दिल्ली लेकर आ गई।
दुबई के एजेंट के जरिये बनवाए कागजात
सचिन ने पूछताछ में बताया कि उसने दुबई में बैठे एजेंट के जरिये भारत में आधार कार्ड, राशनकार्ड व अन्य कागजात बनवाए। इनसे उसने फर्जी पासपोर्ट बनवाया। पासपोर्ट व फर्जी कागजात बनवाने के लिए उसने साढ़े चार लाख रुपये दिए थे।
सचिन ने पूछताछ में बताया कि उसने दुबई में बैठे एजेंट के जरिये भारत में आधार कार्ड, राशनकार्ड व अन्य कागजात बनवाए। इनसे उसने फर्जी पासपोर्ट बनवाया। पासपोर्ट व फर्जी कागजात बनवाने के लिए उसने साढ़े चार लाख रुपये दिए थे।
नीरज बवानिया गिरोह का शार्प शूटर गिरफ्तार
उधर, दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गैंगस्टर नीरज बवानिया गिरोह के शार्प शूटर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार शूटर नरेंद्र उर्फ घोडा को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया हुआ था। आरोपी दिल्ली में बड़ी वारदात करने की फिराक में था।
उधर, दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गैंगस्टर नीरज बवानिया गिरोह के शार्प शूटर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार शूटर नरेंद्र उर्फ घोडा को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया हुआ था। आरोपी दिल्ली में बड़ी वारदात करने की फिराक में था।
दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) रविंद्र सिंह यादव के अनुसार हवलदार नीरज कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि नीरज बवानिया गैंग का शार्प शूटर गांव कंसाला, जिला रोहतक, हरियाणा निवासी नरेंद्र उर्फ घोड़ा (42 वर्ष),जो थाना प्रशांत विहार दिल्ली के एक मामले में फरार है, किसी से मिलने जापानी पार्क, सेक्टर-10, रोहिणी आएगा। एसीपी विवेक त्यागी की देखरेख में इंस्पेक्टर सतीश मलिक, हवलदार नीरज कुमार व नरेंद्र की टीम ने जापानी पार्क, गेट नंबर 7, रोहिणी में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान नरेंद्र उर्फ घोडा ने खुलासा किया कि वह अपने साथियों संदीप, आशीष, अश्वनी और संजय के साथ गांव आसोदा में रणबीर उर्फ गोलू और धौला की हत्या कर दी। वर्ष 2013 में न्यायिक हिरासत के दौरान वह काला, निवासी आसोदा, झज्जर हरियाणा के संपर्क में आया और नीरज बवानिया-काला असोदिया गैंग में शामिल हो गया। अशोक प्रधान और उसके साथियों ने रोहतक कोर्ट के सामने काला असोदिया की हत्या कर दी थी। वर्ष 2017 में, नरेंद्र उर्फ घोड़ा को अदालत से जमानत मिल गई।
उसने अपने साथियों रोहद झज्जर निवासी मोहित, बधानी झज्जर निवासी प्रवीण उर्फ मोटा, बवाना निवासी राज कुमार उर्फ भोमा, गांव आसोदा (नीरज बवाना गैंग) निवासी अजय व सतीश के साथ मिलकर काला असोदिया की हत्या का बदला लेने की साजिश रची। साजिश के तहत 29 अप्रैल, 2017 को रोहिणी कोर्ट परिसर में नीतू दाबोदिया गैंग के राजेश उर्फ दुर्मुट की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी को जून 2017 में उसे हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। वह जमानत पर रिहा हो गया और अपनी गिरफ्तारी से बच रहा था। इस मामले में उसे भगोड़ा घोषित किया गया था।