गैंगरेप की शिकार महिला के व्हाट्सएप ग्रुप ने किया चौंकाने वाला खुलासा, पुलिस भी हैरान
-व्हाट्सएप ग्रुप पर ऑनलाइन थी महिला
गैंगरेप मामला: साइड स्टोरी----
महिला व उसके दोस्त का बयान नहीं खा रहा मेल
-व्हाट्सएप ग्रुप पर ऑनलाइन थी महिला
-महिला के पास नहीं थी नौकरी, पुलिस असमंजस में
गुरुग्राम।
विस्तार
वहीं महिला ने घटना का जो समय बताया है उस समय पुलिस को कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले है कि वास्तव में ऐसी घटना हुई है। पुलिस को पीड़ित महिला ने अपने बयान में बताया कि वह दिल्ली क्नाट प्लेस स्थित बार से रात 12 बजे निकली थी और डेढ़ बजे सुखराली चौक पहुंची।
सुखराली गांव से पीजी के लिए जैसे ही अंदर गली में मुड़ी तो वहां खड़ी स्विफ्ट डिजायर कार में बैठे युवकों ने उसे अगवा कर लिया और कार में कई घंटो तक दुष्कर्म करते रहे। महिला का आरोप है कि कार सवारों ने उसे दिल्ली बार्डर पर छोड़ कर फरार हो गए।
वहीं दिल्ली निवासी महिला के दोस्त लोहित ने रविवार को पुलिस पूछताछ में बताया कि महिला को वह सुखराली चौक पर कार से उतारने के बाद करीब दस मिनट तक खड़ा रहा और वहीं पर सिगरेट पी। लेकिन इस दौरान गली के अंदर कोई कार न तो गई और न ही बाहर आई।
महिला व्हाट्सएप पर थी ऑनलाइन
महिला ने घटना का जो समय पुलिस को बताया है, उस समय महिला अपने व्हाट्सएप पर ऑनलाइन थी और अपने दोस्त के साथ चेंटिग कर रही थी। उसने दोस्त को कई मैसेज भी भेजे हैं। लेकिन घटना के बारे में कोई जिक्र नहीं किया है।
टावर लोकेशन से रूट की हुई जांच : पुलिस को महिला द्वारा बताए गए समय में टावर लोकेशन के आधार पर पूरे रूट की जांच की गई। ताकि रास्ते पर लगे सीसीटीवी फुटेज से रिकॉर्डिंग को खंगाल कर स्विफ्ट डियाजर कार की पहचान हो सके लेकिन पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला ।
दोस्तो से मांग रही थी पैसे: पुलिस ने जब महिला के फोन की जांच की तो पता चला वह पीजी के किराए के लिए अपने दोस्त से बात कर रही थी और वह पिछले छह महीने से बेरोजगार है। उसे एक अदद नौकरी की तलाश है।
तीन स्विफ्ट कारें पुलिस के रडार पर: गैंगरेप की घटना में पुलिस के निशाने पर तीन स्विफ्ट कारें हैं जिनकी जांच पड़ताल की जा रही है। लेकिन अभी तक ऐसा कोई तथ्य और सबूत नहीं मिल पाया है जिस आधार पर पुलिस घटना में प्रयुक्त कार की पहचान का खुलासा कर सके।