ग्रामीण सेवा में गैंग रेप मामला: एक दोषी को 12 साल व पांच अन्य को दस-दस साल की कैद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों से कोर्ट आंख नहीं मूंद सकती। ऐसे मामलों में कड़ी सजा देने की जरूरत है ताकि महिलाओं के मन में अपनी सुरक्षा के प्रति विश्वास कायम हो सके।
यह टिप्पणी अदालत ने गैंग रेप मामले में छह लोगों को 10 से 12 साल तक की सजा सुनाते हुये दी है। दोषियों ने करीब चार साल पहले ग्रामीण सेवा में पीड़िता से गैंग रेप किया था।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने मामले में दोषी विक्की को गैंग रेप, अपहरण व कुकर्म के लिये 12 साल कैद की सजा सुनाई है।
उसके अन्य साथियों को अदालत ने दस-दस साल कैद की सजा सुनाई है। इन पांच दोषियों में ग्रामीण सेवा का ड्राइवर भी शामिल है। अदालत ने पीड़िता के बयान पर भरोसा करते हुये आरोपी को सजा सुनाई है।
2012 में दर्ज हुआ था मामला
हालांकि पीड़िता के बयान में विरोधाभास थे लेकिन अदालत ने कहा कि जिसके साथ गैंग रेप हुआ हो उससे तोते की तरह सब याद रखने और बोलने की उम्मीद नहीं की जा सकती। कोई भी भारती महिला किसी पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाकर अपनी इज्जत पर धब्बा नहीं लगवायेगी।
अभियोजन के मुताबिक पुलिस ने 19 मई 2012 को एक महिला से दक्षिण पूर्वी जिले के कालिंदी कुंज के नजदीक ग्रामीण सेवा में गैंग रेप होने की रिपोर्ट दर्ज की थी।