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Delhi: वर्क फ्रॉम होम के नाम पर करते थे ठगी, शारदा यूनिवर्सिटी के विदेशी छात्र समेत पांच आरोपियों को दबोचा

Tue, 19 Mar 2024 12:44 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 19 Mar 2024 12:44 AM IST
सार

आरोपियों की पहचान नाइजीरियाई नागरिक मंसूर अबुबकर, विनोद नगर, हिसार, हरियाणा निवासी राहुल कुमार उर्फ पंडित, इसका पिता अशोक कुमार, उमेद विहार, हिसार, हरियाणा निवासी विशाल और पटेल नगर, हिसार, हरियाणा निवासी हिमांशु उर्फ कालू के रूप में हुई है।

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gang involved in fraud in the name of work from home exposed
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वर्क फ्रॉम होम के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का उत्तरी जिला की साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी के विदेशी छात्र समेत कुल पांच आरोपियों को दबोचा है। पुलिस ने इनके पास से पांच मोबाइल, चार डेबिट कार्ड के अलावा छह हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

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आरोपियों की पहचान नाइजीरियाई नागरिक मंसूर अबुबकर, विनोद नगर, हिसार, हरियाणा निवासी राहुल कुमार उर्फ पंडित, इसका पिता अशोक कुमार, उमेद विहार, हिसार, हरियाणा निवासी विशाल और पटेल नगर, हिसार, हरियाणा निवासी हिमांशु उर्फ कालू के रूप में हुई है। मंसूर शारदा यूनिवर्सिटी में बीएससी नर्सिंग सेकंड ईयर का छात्र है। वहीं राहुल और विशाल हिसार के कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रहे हैं। हिमांशु 12वीं कक्षा में फेल होने के बाद दोबारा से 12वीं की परीक्षा दे रहा है। पुलिस को मामले में कई नाइजीरियाई नागरिकों समेत कई अन्य लोगों की तलाश है।
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उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त मनोज कुमार मीना ने बताया कि पिछले दिनों उनकी टीम को नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिये साइबर ठगी की एक शिकायत मिली थी। पीड़ित पंकज कुमार ने शिकायत में बताया कि व्हाट्सएप के जरिये मैसेज भेजकर वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर 2.10 लाख की ठगी हुई थी। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। इंस्पेक्टर संदीप श्रीवास्तव व अन्यों की टीम ने उन खातों और फोन नंबरों की पड़ताल की, जिनके जरिये ठगी हुई थी। छानबीन के बाद पुलिस ग्रेटर नोएडा में विदेशी छात्र मंसूर के पास पहुंची। मंसूर ने ठगी की रकम को निकाला था। इसके बाद एक-एक कर पुलिस बाकी आरोपियों तक पहुंच गई। मंसूर से पूछताछ के बाद विशाल, हिमांशु और राहुल को दबोचा गया। राहुल ने बताया कि बैंक खातों से चेक के जरिये उसके पिता अशोक कुमार रकम निकलवा रहे हैं। 
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मंसूर ने बताया कि वह अपने भाई बेल्लो अबुबकर के साथ रहता है। वह उच्च शिक्षा के लिए भारत आया था। यहां उसने शारदा यूनिवर्सिटी के एक अन्य नाइजीरियन छात्र अब्दुल बहुआ के जरिये सिमकार्ड लिया। बहुआ ने उसकी मुलाकात अबुबकर मूसा उर्फ बशर अबुबकर, सैफुल्ला इब्राहिम और खलीफा से करवाई। ठगी की रकम में से 4.50 फीसदी हिस्सा देने पर मंसूर को राजी किया गया। मंसूर ने कुल 1.20 लाख रुपये कमाए, जिसमें से उसने ज्यादातर रकम खर्च कर दी। अब उसके खाते में छह हजार रुपये बचे थे। बाकी हिसार से गिरफ्तार किए गए सभी लोग बैंक खातों का इंतजाम करवाने में मदद करते थे।

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