तो कुछ यूं होगी लाल किले में मोदी की एंट्री
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाल किले से झंडा फहराने संग देश समेत दुनिया को संबोधित करने का सपना शुक्रवार को पूरा होने जा रहा है। मोदी का लाल किले में 68 वें जश्न-ए-आजादी का भाषण लगभग 45 मिनट का होगा।
आजादी के सेलीब्रेशन समेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की तैयारियों को फुल ड्रेस रिहर्सल में डमी माध्यमों से जांचा-परखा गया। महाबली सतपाल पहलवान ने प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान जश्न-ए-आजादी के कार्यक्रम की रूपरेखा रखी।
बुधवार को लाल किले में जश्न-ए-आजादी का झंडा फहराने के लिए फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गयी।
14 भाषाओं में गूंजेगी देशभक्ति
लाल किले में सुबह सवा 5 बजे से अलग-अलग स्कूलों की बस जामा मस्जिद के बाहर इकट्ठी होनी शुरू हो गई थीं।
सफेद, केसरिया, हरे व नीले रंग के ड्रेस में लाइन लगाकर दिल्ली के सरकारी समेत कुछ पब्लिक स्कूलों के करीब 3,500 बच्चे अभेद्य किले में प्रवेश कर रहे थे।
रिफ्रेशमेंट के बाद लाल किले के प्राचीर के सामने भारत की पहचान, संस्कृति को दर्शाती 14 भाषाओं में देशभक्ति के गीत गूंजने लगे। कश्मीरी, मलयाली, बंगाली, गुजराती, मराठी, डोगरी, पंजाबी आदि भाषाओं से बच्चों ने पौने छह से सवा सात बजे तक देश की अखंडता, समृद्धि का गुणगान किया।
जानिए कब होगी PM मोदी की एंट्री
लाल किले के दिल्ली गेट से सुबह 7:26 अजे हूटर बजाती गाड़ियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले का आगाज कर रही थीं। सबसे पहले 21 तोपों की सलामी दी गई।
गार्ड ऑफ ऑनर के बाद बैंड व तीनों सेना की टुकड़ियों ने परेड की सलामी देते हुए कार्यक्रम का आगाज किया।
नरेंद्र मोदी पहले तल पर पहुंचते हैं और तिरंगे को फहराने के साथ ही चारों ओर एक साथ खड़े होकर जन-गण-मन (राष्ट्रगान) के सुर गूंज उठते हैं। राष्ट्रगान के बाद परेड की टुकड़ियां लौटती हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की रूपरेखा का आगाज होता है।
पहलवान सुशील के गुरू भी पहुंचे
मोदी 45 मिनट या उससे अधिक आजादी के मौके पर देश को संबोधित कर सकते हैं। इसकी तैयारियों का भी जायजा लिया गया, जिसमें पहलवान सुशील कुमार के गुरु व अतिरिक्त शिक्षा निदेशक महाबली सतपाल पहलवान ने सहयोग दिया।
उन्होंने मंच से लगभग 43 मिनट तक स्कूली बच्चों को देश की अखंडता, स्वाभिमान व देशभक्ति का पाठ पढ़ाया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा कर्मियों समेत कार्यक्रम में भाग लेने वाले एनसीसी कैडेट व स्कूलों बच्चों को प्रधानमंत्री के देश को संबोधन के दौरान किन निर्देशों का पालन करना है की विशेष जानकारी भी दी।
8:30 बजे राष्ट्रगान के साथ ही प्रधानमंत्री के काफिले के बाद अन्य वीवीआईपी मेहमान भी चले जाते हैं।
तीन घेरे में किले की सुरक्षा व्यवस्था
मोदी के किले को अभेद्य बनाने के लिए तीन घेरे की सुरक्षा व्यवस्था गठित की गई है। किले के बाहर नेताजी सुभाष मार्ग को दिल्ली पुलिस, उसके पीछे पैरा मिलिट्री फोर्स तो किले की अंदरूनी सुरक्षा एनएसजी के ब्लैक कंमाडो के हाथों में रही।
लगभग पांच हजार से अधिक दिल्ली पुलिस के जवानों ने लाल किला, जामा मस्जिद से लेकर आसपास के इलाकों को अपने सुरक्षित घेरे में ले रखा है।
गौरी शंकर मंदिर व जैन मंदिर के सामने स्थित लाल किले की चौकसी में सुरक्षा कर्मियों के साथ तीसरी आंख व स्निफर डॉग की भी पैनी निगाहें हैं।
जश्न-ए-आजादी की सेलीब्रेशन के लिए खास लाल किले से लेकर जामा मस्जिद व चांदनी चौक एरिया के सीसीटीवी को दुरुस्त किया गया है और उसकी लाइव रिकॉर्डिंग पर पुलिस के आलाधिकारी नजर रख रहे हैं। वहीं, आसपास के भवनों पर शार्प शूटर भी तैनात किए गए हैं, ताकि दूर से अराजक तत्वों की हरकतों को देखा जा सके।