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पौधरोपण ने बदली तस्वीर: एफआरआई ने 2016 से 2019 तक किए गए रोपण का ऑडिट किया
Fri, 18 Mar 2022 07:05 PM IST
प्रशांत कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 18 Mar 2022 07:05 PM IST
सार
एफआरआई ने 2016 से 2019 तक किए गए पौधरोपण का ऑडिट किया। कहा कि सरकार के 'हरित दिल्ली मिशन' के तहत 2016 से दिल्ली में किए गए पौधरोपण ने उत्साहजनक सुधार किया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून ने एक रिपोर्ट में कहा कि सरकार के 'हरित दिल्ली मिशन' के तहत 2016 से दिल्ली में किए गए पौधरोपण ने उत्साहजनक सुधार किया है। एफआरआई ने 2016 से 2019 तक किए गए पौधरोपण का ऑडिट किया। कहा कि पौधे जैव-उपचारात्मक एजेंटों के रूप में कार्य करेंगे जो यमुना तट पर जल प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायक होंगे।
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हरित दिल्ली मिशन के तहत सरकार ने तीन वन संभागों में उपलब्ध खाली भूमि पर पौधरोपण किया है। पौधरोपण 2016-17 में शुरू हुआ। यह उत्साहजनक है कि इस पौधरोपण कार्यक्रम ने महत्व को साबित कर दिया है। यह परिणाम निश्चित रूप से दूसरों को दिल्ली में औद्योगिक प्रदूषित पानी और सीवरेज के प्रवाह के कारण प्रतिकूल रूप से प्रभावित बड़े इलाकों के जैव-उपचार के लिए सोचने के लिए प्रेरित करेगा।
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एफआरआई ने उल्लेख किया कि मिशन के हिस्से के रूप में बड़े पैमाने पर वनीकरण को प्रोत्साहित करने से राष्ट्रीय राजधानी में निश्चित रूप से पारिस्थितिकी में सुधार होगा, पर्यावरण में सुधार होगा और लोगों की आजीविका में वृद्धि होगी।
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इस महीने की शुरुआत में जारी ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक 2016 से 2019 के बीच दिल्ली में लगाए गए 72 फीसदी से 81 फीसदी पौधे बच गए हैं। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा था कि सरकार देहरादून स्थित संस्थान से पिछले दो वर्षों में किए गए पौधरोपण का ऑडिट करने के लिए भी कहेगी।