फ्रीडम 251 कंपनी को नहीं किराए की अनुमति, हो सकती है कार्रवाई
नोएडा प्राधिकरण सूत्रों ने बताया कि इस प्लॉट का आवंटन करीब 15 साल पहले हुआ था। उसके बाद मूल आवंटी ने इसे रीसेल कर दिया।
रीसेल में खरीदार ने बेसमेंट के अलावा भूतल, प्रथम व द्वितीय तल तक बना रखा है, जिसमें से एक फ्लोर अपने लिए रखा है। इसका इस्तेमाल गारमेंट के गोदाम के लिए है।
फर्जीवाड़ा सामने आने पर होगी कार्रवाई
बाकी किराए पर दे रखा है। प्राधिकरण को दिए गए प्रपोजल में इस प्लॉट पर गारमेंट एक्सपोर्ट यूनिट दिखाई गई है, जबकि सिर्फ गोदाम बना हुआ है।
सूत्रों ने बताया कि किराए पर बिल्डिंग लेने से पूर्व उस पर प्राधिकरण से अनुमति लेनी होती है, मगर इस न तो बिल्डिंग मालिक ने इसकी सूचना प्राधिकरण को दी और न ही कंपनी की तरफ से अनुमति ली गई।
टीम कंपनी से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर मंगलवार को अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। अगर कंपनी का प्रोजेक्ट सही है तो उसे अब तक के जुर्माना सहित अब तक का बकाया वसूल कर प्राधिकरण अनुमति दे देगा, मगर प्रोजेक्ट में फर्जीवाड़ा होने पर प्राधिकरण से कार्रवाई भी हो सकती है।