फ्री की रेवड़ी विवाद: मनीष सिसोदिया का भाजपा पर हमला- जनता पर खर्च करें, ना करें दोस्तवादी राजनीति
दिल्ली सेक्रेटेरिएट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिसोदिया ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि शासन के दो मॉडल होते हैं। एक होता है दोस्तवादी मॉडल जबकि दूसरा होता है जनकल्याण की योजनाओं पर खर्च करना।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कल्याणकारी सरकारी योजनाओं को 'फ्री की रेवड़ी' बताने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं पर हमला बोला है। सिसोदिया ने इसे देश के गरीबों और गरीबी का मजाक बनाने की राजनीति करार दिया है। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर अपने दोस्त कारोबारियों के लाखों करोड़ रुपये के कर और ऋण माफ करने का आरोप भी लगाया। साथ ही केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बयान को देश के लोगों को डराने का प्रयास बताया है।
मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में मीडिया से कहा, ''इस वक्त देश में शासन के दो मॉडल काम कर रहे हैं। पहला मॉडल दोस्तवाद का है, जिसमें शासन करने वाले लोग अपने परिवारों-दोस्तों की मदद करते हैं। सिसोदिया ने इसे भाजपा का मॉडल करार दिया। भाजपा ने अपने दोस्तवाद के मॉडल के तहत अपने उद्योगपति दोस्तों का करीब 19 लाख करोड़ रुपये का कर और ऋण माफ कर दिया है।''
सिसोदिया ने कहा, ''केन्द्रीय वित्तमंत्री को यह देखना चाहिए कि दोस्तवाद के इस मॉडल से आम जनता पर क्या असर होता है? दूसरी तरफ यदि कोई किसान अपने लोन की किश्त नहीं चुका पाता तो दोस्तवादी मॉडल की सरकार किसान की जमीन छीन लेते हैं।''
मनीष सिसोदिया के मुताबिक, ''दोस्तवादी मॉडल की सरकार मुफ्त शिक्षा देने की कागजों में बेशक कितनी भी बातें कर ले, लेकिन जमीनी तौर पर इसमें यकीन नहीं करती है। इन लोगों ने सरकारी स्कूलों को इतना घटिया व खराब बना रखा है कि लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने को मजबूर हैं। यदि कोई अभिभावक मजबूरीवश एक महीने की भी फीस नहीं चुका पाता तो उसका प्रतिभाशाली से प्रतिभाशाली बच्चा स्कूल से बाहर कर दिया जाता है। इस मॉडल का सरकारी अस्पतालों को बेहतर बनाने पर विश्वास नहीं है।''
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के शुक्रवार के बयान का जिक्र करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा, ''वह लोगों को उनके टैक्स के पैसों से मिलने वाली कल्याणकारी योजनाओं को देश को बर्बाद करने वाला बता रही हैं। सिसोदिया की सलाह है कि उनको दुनिया के उन विकसित देशों से सीखना चाहिए, जिनके विकसित होने की वजह उनका कल्याणकारी योजनाओं में निवेश रहा है। दुनिया में इस तरह के 39 विकसित देश हैं, जो अपने बच्चों को फ्री शिक्षा देते हैं। वहां हेल्थ-केयर मुफ्त है, पानी मुफ्त है। कई देश ऐसे है, जहां बच्चों के पैदा होते ही सरकार उनके बैंक अकाउंट खोलती है। लेकिन यदि अपने देश में कोई सरकार जनकल्याण के लिए ऐसी योजनाएं चलाए तो केन्द्रीय वित्तमंत्री उसे देश को बर्बाद बताती हैं।''
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय वित्तमंत्री को देखना चाहिए कि भाजपा की राज्य सरकारें, जो पब्लिक वेलफेयर स्कीम को मुफ्त की रेवड़ी कहती है, सभी घाटे में चल रही हैं। उत्तर प्रदेश पर आज 81,000 करोड़ का कर्ज है, गुजरात पर 36,000 करोड़ का और मध्यप्रदेश पर 49,000 करोड़ का। जबकि जनता के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाने वाली दिल्ली सरकार पिछले 7 सालों से फायदे में चल रही है। सिसोदिया ने सलाह देते हुए कहा कि दोस्तवादी सरकारें वेलफेयर स्कीमों को फ्री की रेवड़ी बोलकर गरीब और गरीबी का मजाक बनाना बंद करें। वह जनकल्याणकारी योजनाओं में निवेश करें, न कि चंद दोस्तों के कर्ज और कर माफ करने में।
भाजपा को परिवारवाद और दोस्तवाद खा गया: केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा है कि पूरी दुनिया दिल्ली मॉडल अपना रही है जबकि भाजपा को परिवारवाद और दोस्तवाद खा गया। उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए ट्वीट किया, जिसमें ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद के दावेदार ऋषि सुनक घरेलू बिजली बिलों में भारी कटौती करने का वादा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''पूरी दुनिया दिल्ली मॉडल अपना रही है। पूरी दुनिया में दिल्ली का डंका बज रहा है। भारत को परिवारवाद और दोस्तवाद खा गया। अब ये नहीं चलेगा। अब परिवारवाद और दोस्तवाद खतम करके रहेंगे। अब भारत आगे बढ़ेगा। अब भारत रुकेगा नहीं। अब भारत दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बन कर रहेगा।