Delhi: ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी, दुबई से संचालित हो रहा गैंग, सैकड़ों लोगों को लगाया चूना
गैंग को दुबई से संचालित किया जा रहा है। जालसाज कोरोना काल में नौकरी गंवा चुके लोगों से टेलीग्राम लिंक के जरिये संपर्क करते थे और फिर ऑनलाइन ट्रेडिंग में लाभ कमाने का झांसा देकर ठगी कर लेते थे।
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राजधानी दिल्ली में मध्य जिला साइबर सेल ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग के चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सरगना के दुबई में होने का खुलासा किया है। गैंग को दुबई से संचालित किया जा रहा है। जालसाज कोरोना काल में नौकरी गंवा चुके लोगों से टेलीग्राम लिंक के जरिये संपर्क करते थे और फिर ऑनलाइन ट्रेडिंग में लाभ कमाने का झांसा देकर ठगी कर लेते थे। आरोपियों के कब्जे से 11 फोन, 15 सिम और एक लैपटॉप बरामद किया गया है। गैंग के 100 से ज्यादा बैंक खातों का पता चला है, जिनकी जांच में पुलिस जुटी है। आरोपियों की पहचान जयपुर निवासी फरहान अंसारी, सुल्तानपुर डबास निवासी संजय डबास, रोहिणी निवासी पंकज बाधवा और वसंत कुंज निवासी मनोज कुमार शर्मा के रूप में हुई है। गैंग देशभर में पांच सौ से ज्यादा लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है।
पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सैन ने बताया कि एक महिला ने साइबर सेल में ठगी की शिकायत की थी, जिसमें उसने बताया कि 28 फरवरी 2023 को वह ऑनलाइन नौकरी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप मैसेज मिला। मैसेज में लिखा था कि भेजे गए लिंक पर लाइक करने पर 50 रुपये मिलेंगे। पीड़िता ने लिंक खोले और लाइक कर दिया। इसका स्क्रीनशॉट जरीना नाम की महिला को भेज दिया, जिसने मैसेज भेजा था। महिला ने उसे टेलीग्राम का एक लिंक खोलने के लिए कहा, जिससे पैसा मिलने की बात कही। पीड़िता एक टेलीग्राम चैनल से जुड़ी। आरोपी महिला ने उसके बैंक खाते में 150 रुपये भेज दिए। जरीना ने उसे यू-ट्यूब वीडियो लाइक करने के लिए अन्य टेलीग्राम ग्रुप में शामिल होने के लिए कहा। उसके बैंक खाते में 200 रुपये और भेजे गए। उसके बाद महिला ने उसे क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर मुनाफे का लालच दिया। पीड़िता ने पहले एक हजार रुपये का निवेश किया और फिर ऐसे जाल में फंसी कि एक ही दिन में 22 लाख निवेश करवा दिए। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
एक ही दिन में एक करोड़ रुपये का लेनदेन
निरीक्षक खेमेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। बैंक और फोन की जानकारी लेने के बाद पुलिस को पता चला कि गैंग के लोगों के देश के कई इलाकों के बैंकों में खाते खुले हैं। एक खाते में एक ही दिन में एक करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। खाते फर्जी दस्तावेज और फर्जी कंपनियों के नाम से खोले गए थे। दस से ज्यादा खातों में नेताजी सुभाष प्लेस का पता था। उस पते पर पुलिस ने मकान मालिक से पूछताछ की। उसने बताया कि उसने संजय डबास को किराये पर मकान दे रखा है। पुलिस ने 16 अप्रैल को उसे सुल्तानपुर डबास से पकड़ लिया। उसके बाद पुलिस ने महिपालपुर से फरहान अंसारी को पकड़ लिया। आरोपियों ने बताया कि दो साल पहले रोहिणी के पंकज वाधवा के संपर्क में आए थे। इसके कहने पर फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खोलने लगे। इसकी डिटेल पंकज और उसके पार्टनर भूपेश अरोड़ा को देने लगे। इनके दुबई से संचालित हो रहे चीनी गैंग से लिंक थे। उसके बाद पुलिस ने पंकज और मनोज शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
शिकायत होने के बाद सरगना दुबई चला गया
पूछताछ में पता चला कि ठगी की कई शिकायतें दर्ज होने के बाद भूपेश मार्च 2022 को दुबई चला गया। पकड़ा गया संजय और फरहान सरगना से मिलने के लिए तीन बार दुबई जा चुके हैं। वह नवंबर 2022 से अब तक तीन बार दुबई गए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पंकज के पास से पुलिस ने 5.50 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं, जबकि बैंक खाते में जमा 24 लाख रुपये को फ्रीज करवा दिया है।